गोधनी रेलवे स्टेशन (सौजन्य-सोशल मीडिया)
Amrit Bharat Station Scheme: नागपुर शहर के उत्तरी हिस्से में स्थित गोधनी रेलवे स्टेशन अब केवल एक साधारण स्टेशन नहीं रहेगा बल्कि इसे बड़े रेल वेयरहाउस हब और संभावित टर्मिनस के रूप में विकसित करने की तैयारी है। बेहतर रेल रोड कनेक्टिविटी, खाली पड़ी रेलवे भूमि और अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत प्रस्तावित पुनर्विकास से गोधनी क्षेत्र का कायाकल्प होने की उम्मीद है।
गोधनी को वेयरहाउस हब और संभावित टर्मिनस के रूप में विकसित करने की योजना शहर के रेल नेटवर्क को नई दिशा दे सकती है। अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत हो रहा पुनर्विकास, खाली जमीन का उपयोग और वैकल्पिक रूट की तैयारी, ये सभी कदम भविष्य में गोधनी को रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण केंद्र बना सकते हैं। यदि योजनाएं समयबद्ध तरीके से पूरी होती हैं तो गोधनी न केवल उत्तर नागपुर बल्कि पूरे क्षेत्र के विकास का नया इंजन बन सकता है।
गोधनी स्टेशन दिल्ली रेल रूट पर स्थित है और नागपुर स्टेशन से लगभग 10 किलोमीटर दूरी पर है। यहां पहले से थर्डलाइन का कार्य तेजी से पूरा हो चुका है जिससे मालगाड़ियों की आवाजाही और सुगम होगी। इस क्षेत्र में पर्याप्त खाली भूमि उपलब्ध है जिसे रेल वेयरहाउस और लॉजिस्टिक पार्क के रूप में विकसित किया जा सकता है।
गोधनी के आसपास नेशनल हाईवे और प्रमुख सड़क मार्गों की निकटता इसे मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक हब के लिए उपयुक्त बनाती है। यहां से रोजाना बड़ी संख्या में मालगाड़ियां गुजरती हैं, ऐसे में यदि वेयरहाउसिंग सुविधा विकसित होती है तो उद्योगों को सीधे रेल कनेक्टिविटी का लाभ मिलेगा।
गोधनी स्टेशन का पुनर्विकास अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत किया जा रहा है। करीब 40 करोड़ रुपये की लागत से स्टेशन का कायाकल्प प्रस्तावित है। इसके अंतर्गत स्टेशन भवन का आधुनिकीकरण, बेहतर प्रतीक्षालय, शेड, स्वच्छता सुविधाएं, पार्किंग, आधुनिक टिकटिंग सिस्टम और यात्रियों के लिए सुगम पहुंच मार्ग विकसित किए जाएंगे।
साथ ही प्लेटफॉर्म का विस्तार, बेहतर प्रकाश व्यवस्था, दिव्यांगजनों के लिए रैंप और लिफ्ट जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी। स्टेशन परिसर का सौंदर्यीकरण और सुरक्षा व्यवस्था को भी मजबूत किया जाएगा। इस विकास के बाद गोधनी स्टेशन यात्रियों के लिए अधिक सुविधाजनक और आकर्षक बनेगा।
रेलवे की दीर्घकालिक योजना के तहत गोधनी स्टेशन को टर्मिनस के रूप में विकसित करने पर भी विचार किया जा रहा है। टर्मिनस बनने से यहां अतिरिक्त प्लेटफॉर्म, कोच मेंटेनेंस यार्ड और पार्किंग की आवश्यकता होगी जिसके लिए पर्याप्त भूमि उपलब्ध बताई जा रही है।
इससे क्षेत्र में रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। यदि यह योजना साकार होती है तो कुछ लंबी दूरी की ट्रेनों का संचालन यहीं से प्रारंभ और समाप्त किया जा सकेगा। इससे मुख्य नागपुर स्टेशन पर ट्रैफिक का दबाव कम होगा और यात्रियों को वैकल्पिक सुविधा मिलेगी।
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भविष्य में हावड़ा रूट की कुछ ट्रेनों को नागपुर स्टेशन की बजाय गोधनी से ही डायवर्ट करके कन्हान स्टेशन होते हुए आगे बढ़ाने की योजना पर भी मंथन चल रहा है। यदि ऐसा होता है तो मुख्य जंक्शन पर भीड़ कम होगी और परिचालन अधिक व्यवस्थित ढंग से हो सकेगा।
कन्हान स्टेशन से होकर ट्रेनों के संचालन से वैकल्पिक रूट मजबूत होगा और माल एवं यात्री ट्रैफिक का बेहतर प्रबंधन संभव होगा। इससे पूर्वी दिशा की ट्रेनों के लिए नई परिचालन व्यवस्था विकसित हो सकती है।
गोधनी क्षेत्र में रेलवे की बड़ी मात्रा में जमीन खाली पड़ी है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इस भूमि का योजनाबद्ध उपयोग किया जाए तो यहां बड़ा लॉजिस्टिक पार्क, कंटेनर डिपो और वेयरहाउस कॉम्प्लेक्स विकसित किया जा सकता है।
इससे सड़क पर ट्रकों की संख्या कम करने और रेल माल परिवहन को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी। गोधनी के विकास से आसपास के क्षेत्रों-कन्हान, कामठी और उत्तरी नागपुर को भी सीधा लाभ मिलेगा। बेहतर कनेक्टिविटी से उद्योगों, व्यापार और रियल एस्टेट गतिविधियों को गति मिल सकती है। स्थानीय नागरिकों को रोजगार और बेहतर परिवहन सुविधाएं उपलब्ध होंगी।