कचरा कंपनियों की खुली पोल, जांच रिपोर्ट आई! नागपुर मनपा के एजी एनवायरो और BVG इंडिया पर गिरेगी कार्रवाई की गाज
Nagpur Waste Management: नागपुर मनपा के कचरा संकलन ठेका मामले में AG Enviro और BVG India की जांच पूरी हो गई है। रिपोर्ट राज्य सरकार को मिल चुकी है और दोषियों पर नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
- Written By: अंकिता पटेल
विधायक विकास ठाकरे,(सोर्स-सोशल मीडिया)
Nagpur NMC Garbage Collection: नागपुर महानगर पालिका के कचरा संकलन का ठेका लेने वाली दोनों कंपनियों एजी एनवायरो और बीवीजी इंडिया के कामकाज में हुई अनियमितताओं की जांच पूरी हो गई है। राज्य सरकार को इसकी जांच रिपोर्ट प्राप्त हो गई है और अब इस रिपोर्ट के आधार पर दोषियों के खिलाफ नियमानुसार उचित और कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
इसका खुलासा नगर विकास राज्य मंत्री माधुरी मिसाल ने मानसून सत्र के दौरान विधानसभा में किया। पश्चिम नागपुर के विधायक विकास ठाकरे द्वारा इस मुद्दे पर किए गए निरंतर संघर्ष और प्रयासों को यह एक बड़ी सफलता मानी जा रही है।
महासभा के प्रस्ताव के बावजूद ठेके का विस्तार
विधायक विकास ठाकरे ने हाल में बजट सत्र और वर्तमान मानसून सत्र में इस बात पर कड़ी आपत्ति जताई थी कि इतने खराब प्रदर्शन, गंभीर अनियमितताओं और नागरिकों की बढ़ती शिकायतों के बावजूद 5 साल बाद इन ऑपरेटरों के ठेके की अवधि कैसे बढ़ाई गई, उन्होंने विधानसभा में यह गंभीर मुद्दा भी उठाया कि महानगर पालिका की महासभा द्वारा इन दौनों कंपनियों का ठेका रद्द करने का प्रस्ताव पारित किए जाने के बावजूद प्रशासन ने उस पर कोई अमल नहीं किया।
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विगत दिनों राज्य मंत्री माधुरी मिसाल ने इन दोनों ऑपरेटरों का ठेका रद्द करने को लेकर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया था। बुधवार को विधानसभा में उन्होंने स्पष्ट, किया कि जांच रिपोर्ट प्राप्त हो चुकी है और उसी के आधार पर आगे की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
ऐसे होता था कचरा घोटाला
नवंबर 2019 में इन दोनों ऑपरेटरों की नियुक्ति होने के बाद से ही विधायक विकास ठाकरे लगातार इनके कामकाज में हो रही गंभीर अनियमितताओं को उजागर कर रहे थे। उन्होंने सबूतों के साथ सरकार को बताया था कि कचरे का वजन कृत्रिम रूप से बढ़ाने के लिए उसमें पत्थर, मिट्टी और जानवरों के मृत अवशेष
मिलाए जाते थे।
इसके अलावा नागपुर महानगर पालिका के कुछ अधिकारियों के साथ मिलीभगत करके गैरकानूनी काम करना, घर-घर जाकर नियमित रूप से कचरा न उठाना, शहर से कचरे के ब्लैकस्पॉट्स हटाने में विफलता और गीले-सूखे कचरे को अलग-अलग जमा न करने जैसी गंभीर लापरवाहिया सामने आई थी। इस कुप्रबंधन और लापरवाही के कारण नागपुर के नागरिकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था।
बाढ़ पीड़ितों के लिए वास्तविक और उचित मुआवजे की मांग
विधानसभा में कचरा घोटाले के साथ-साथ विधायक विकास ठाकरे ने अतिवृष्टि से प्रभावित नागरिकों के नुकसान की भरपाई का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि पिछले साल और 2023 की भारी बारिश और बाढ़ से प्रभावित नागपुरवासियों को अब तक न्यायपूर्ण मुआवजा नहीं मिला है।
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बाढ़ पीड़ितों को सरकार की ओर से केवल 10,000 रुपये की आर्थिक मदद दी गई थी, जबकि उनके घरों में घुसे कीचड़ और कचरे को साफ करने में ही नागरिकों का इससे कहीं ज्यादा पैसा खर्च हो गया था।
ठाकरे ने सदन को बताया कि बाढ़ के कारण नागरिकों के इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, वाहन, कपड़े, घरेलू सामान और अन्य संपत्तियों का भारी नुकसान हुआ था। इसलिए उन्होंने सरकार से दृढ़ मांग की है कि नागरिकों को उनके वास्तविक नुकसान का आकलन करके उचित और पूरा मुआवजा दिया जाए।
