Nagpur News: 20 सालों से वंचित बूटीबोरी, ESIC अस्पताल निर्माण पेमेंट अटका, काम ठप
ESIC Hospital Construction: बूटीबोरी MIDC में ESIC अस्पताल निर्माण पेमेंट रोकने से धीमा पड़ा। ठेकेदार परेशान, मजदूरों की संख्या घटी। 2026 तक निर्माण पूरा होना मुश्किल।
- Written By: प्रिया जैस
ESIC अस्पताल निर्माण कार्य की कछुआ चाल (सौजन्य-नवभारत)
Butibori MIDC: एशिया के सबसे बड़े औद्योगिक क्षेत्रों में गिने जाने वाले बूटीबोरी एमआईडीसी में हजारों मजदूर काम करते हैं, लेकिन विडंबना यह है कि करीब 20 वर्षों से यहां ईएसआईसी अस्पताल की सुविधा तक उपलब्ध नहीं थी। लंबे इंतजार के बाद अस्पताल का निर्माण कार्य शुरू तो हुआ, लेकिन दीपावली के बाद से यह फिर कछुआ चाल में आ गया है।
ऐसे में तय समय 2026 तक 200 बेड का यह अस्पताल पूरा होना अब नामुमकिन सा लग रहा है। औद्योगिक कंपनियों में होने वाली दुर्घटनाओं में मजदूरों को तत्काल चिकित्सा सुविधा नहीं मिल पाती। कई बार समय पर इलाज न मिलने से मजदूरों की जान चली जाती है। ऐसे हालातों में परिवार आर्थिक समस्याओं से जूझता है और मजदूरों के बच्चों का भविष्य अंधकार में डूब जाता है।
5 महीनों से नहीं मिला पेमेंट
यदि यह अस्पताल जल्द से जल्द शुरू हो जाए, तो कामगारों को तत्काल चिकित्सा सुविधा मिलेगी और कई जिंदगियां बचाई जा सकेंगी। निर्माण कार्य में देरी का मुख्य कारण पेमेंट का अटकना बताया जा रहा है। लेबर कॉन्ट्रैक्टर आकाश इंगोले के अनुसार, दीपावली से ही काम की रफ्तार कम हो गई है। ठेकेदारों को 5 महीनों से पेमेंट नहीं मिला।
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स्टीमेट जमा होने के बावजूद ईएसआईसी अधिकारी पेमेंट जारी नहीं कर रहे हैं। ऐसी स्थिति में मजदूरों की संख्या कम हो गई है, क्योंकि उन्हें हर सप्ताह खाने के लिए पेमेंट की जरूरत होती है। समय पर भुगतान न मिलने पर वे दूसरी जगह काम की तलाश में निकल जाते हैं।
दिल्ली से आई टीम ने भी नहीं दिया कोई संतोषजनक जवाब
हाल ही में दिल्ली से अधिकारियों की एक टीम अचानक बूटीबोरी पहुंची, लेकिन न उन्होंने नाम बताया, न किसी प्रकार की चेकिंग की और न ही निर्माण कार्य पर कोई टिप्पणी की। वे सिर्फ बिल्डिंग को बाहर से देखकर वापस चले गए। इससे ठेकेदारों में असंतोष और पेमेंट को लेकर भ्रम की स्थिति बनी हुई है।
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2026 तक निर्माण पूरा होना मुश्किल
वर्तमान में बहुत कम मजदूर काम पर हैं और हल्का-फुल्का काम ही चल रहा है। जब तक पेमेंट जारी नहीं होता, तब तक कामकाज गति नहीं पकड़ सकता। इस धीमी प्रगति को देखकर स्पष्ट है कि 2026 तक अस्पताल का पूर्ण निर्माण होना लगभग असंभव है।
मजदूरों की उम्मीदें, अस्पताल बने तेजी से और हो समय पर शुरू
कामगारों और उनके परिवारों की आशा है कि निर्माण कार्य में तेजी आए, पेमेंट संबंधी समस्या जल्द हल हो और यह अस्पताल समय पर शुरू हो सके, ताकि उन्हें सुरक्षित और भरोसेमंद चिकित्सा सुविधा मिल सके।
