ईशा देओल (सोर्स: सोशल मीडिया)
Handball Premier League Nagpur: फिल्मों की दुनिया में अपनी अलग पहचान बना चुकीं ईशा देओल इन दिनों एक अलग ही भूमिका में नजर आ रही हैं। नागपुर के मानकापुर स्टेडियम में पहली बार आयोजित हो रही हैंडबॉल प्रीमियर लीग की ब्रांड एंबेसडर और मुंबई टीम ‘मुंबई मार्वल्स’ की मालकिन के रूप में वे खेल के मैदान में नई ऊर्जा भरती दिखीं। इस दौरान ‘नवभारत’ से विशेष बातचीत में ईशा ने खेल, फिल्म और जीवन के संतुलन पर दिल खोलकर बात की।
स्कूल के दिनों को याद करते हुए ईशा देओल कहती हैं कि हमने हैंडबॉल दिल से खेला है। मेरे कोच सिरिल डिसूजा आज भी यहां मौजूद हैं। जब पता चला कि इस खेल को प्रोफेशनल प्लेटफॉर्म मिल रहा है और मुझे ब्रांड एंबेसडर बनने का प्रस्ताव मिला तो मैंने तुरंत हां कह दिया। खेल को आगे बढ़ाने के लिए जो भी सपोर्ट चाहिए, मैं तैयार हूं। वे बताती हैं कि नागपुर जैसे शहर में इतने अच्छे इंडोर स्टेडियम और कवरेज देखकर खुशी होती है। ‘इस खेल को जो सम्मान मिलना चाहिए था, अब मिलना शुरू हुआ है लेकिन अभी और मिलना चाहिए।
जवाब: इस सवाल पर ईशा मुस्कुराते हुए कहती हैं कि मैं फुटबॉल और हैंडबॉल दोनों खेलती थी। फुटबॉल में नेशनल लेवल तक चयन हुआ था। 90 के दशक में एक लड़की के लिए खेल को करिअर बनाना आसान नहीं था। आज हालात बदले हैं। अब लड़कियां खेल को करिअर के रूप में देख सकती हैं जो बहुत बड़ी बात है।
जवाब: ईशा देओल मानती हैं कि टीम गेम ने उनके व्यक्तित्व को मजबूत बनाया। स्पोर्ट्स सिर्फ शरीर नहीं, दिमाग और आत्मा की भी एक्सरसाइज है। हार-जीत को स्वीकार करना, टीम के साथ खड़े रहना, ये सब फिल्म इंडस्ट्री में भी बहुत काम आया। स्पोर्ट्समैनशिप का जज्बा जिंदगी भर साथ रहता है।
जवाब: हैंडबॉल इंटरनेशनल लेवल पर बहुत बड़ा खेल है। अन्य देशों में लाखों लोग इसे देखने आते हैं। भारत में भी प्रतिभा की कमी नहीं है, बस जागरूकता और समर्थन बढ़ाने की जरूरत है। यह तेज, रोमांचक और टीम स्पिरिट वाला खेल है। लड़कियों को जरूर इसे अपनाना चाहिए।
जवाब: आज के बच्चों के मोबाइल प्रेम पर ईशा साफ कहती हैं कि टेक्नोलॉजी जरूरी है लेकिन अति हर चीज की बुरी है। माता-पिता को थोड़ा सख्त और जागरूक रहना होगा। फोन देकर बच्चों को चुप कराना आसान है लेकिन आदत वहीं से बिगड़ती है। खेल मैदान बच्चों को अनुशासन और ऊर्जा देता है। बच्चों को मैदान से जोड़ना आज की सबसे बड़ी जरूरत बन गई है।
2015 के बाद फिल्मों से दूरी और फिर वेब सीरीज ‘रुद्र’ के जरिए वापसी पर ईशा ने स्पष्ट कहा, ‘जिंदगी में अलग-अलग फेज होते हैं। शादी और परिवार मेरे लिए उस समय ज्यादा जरूरी थे, इसलिए फिल्मों से दूरी बनाई। मैं थोड़ी मूडी भी हूं। जो प्रोजेक्ट मुझे संतुष्टि देता हैं, मैं वही करती हूं। मैं दिल की सुनती हूं।
यह भी पढ़ें:- महाराष्ट्र की 29 महानगरापालिकाओं में सत्ता की तस्वीर हुई साफ, यहां देखें महापौर और उपमहापौर की पूरी लिस्ट
नागपुर में स्पोर्ट्समैन स्पिरिट है। यहां की सुविधाएं अच्छी हैं और माहौल भी। सभी खिलाड़ियों को मेरी शुभकामनाएं। जो दिल से खेलता है वही असली विजेता होता है।
2 नवंबर 1981 को मुंबई में जन्मीं ईशा देओल सुपरस्टार धर्मेंद्र और हेमा मालिनी की बेटी हैं। उन्होंने 2002 में फिल्म ‘कोई मेरे दिल से पूछे’ से बॉलीवुड में डेब्यू किया और बेस्ट फीमेल डेब्यू का फिल्मफेयर अवॉर्ड जीता। धूम, युवा और नो एंट्री उनकी प्रमुख फिल्मों में शामिल हैं। 2015 के बाद फिल्मों से दूरी बनाई और 2022 में वेब सीरीज ‘रुद्र’ से वापसी की। भरतनाट्यम में प्रशिक्षित ईशा खेलों, विशेषकर हैंडबॉल से भी जुड़ी हैं।
– नवभारत लाइव के लिए नागपुर से जयदीप रघुवंशी की रिपोर्ट