नागपुर में साजिश, UP से बुलाए लुटेरे, कड़बी में व्यापारी को गोली मारकर लूट के मामले का हुआ पर्दाफाश
Nagpur Crime: नागपुर के कड़बी चौक के समीप व्यापारी राजीव रूपचंद दीपानी को गोली मारकर 50 लाख लूटे जाने के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता हासिल हुई मिली। पुलिस ने इस मामले में 4 लोगों को गिरफ्तार किया।
- Written By: प्रिया जैस
नागपुर न्यूज
Nagpur Crime: नागपुर के कड़बी चौक के समीप बेझनबाग रोड पर व्यापारी राजीव रूपचंद दीपानी (47) को गोली मारकर 50 लाख लूटे जाने के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली। पुलिस ने इस मामले में 4 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि 6 फरार बताए जा रहे हैं। व्यापारी के आर्थिक लेन-देन की जानकारी एक आरोपी को पहले से थी। उसने अपने दोस्तों को मोटी रकम लूटने का प्लान बताया।
इसके लिए यूपी से लुटेरों को बुलाकर वारदात को अंजाम दिया गया। पकड़े गए आरोपियों में राऊतनगर, खरबी रोड निवासी शेख हुसैन उर्फ जावेद शेख बशीर सवारे (37), बजरिया निवासी अब्दुल नावेद अब्दुल जावेद (33), एरिस अपार्टमेंट, अयप्पानगर निवासी सैयद जिशान सैयद रहमान (32) और पंजाब निवासी सिमरजीत सिंह संता सिंह संधु (40) का समावेश है।
सीपी रवींद्रकुमार सिंगल ने दी जानकारी
सीपी रवींद्रकुमार सिंगल ने मीडिया को बताया कि विगत 10 सितंबर की रात राजीव दीपानी को गोली मारकर लूटा गया था। पुलिस लगातार सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल का डम्प डेटा खंगाल रही थी। ज्वाइंट सीपी नवीनचंद्र रेड्डी, डीआईजी वसंत परदेशी, डीसीपी निकेतन कदम और राहुल माकणीकर खुद पूरी जांच की निगरानी कर रहे थे। फुटेज के जरिए पुलिस को पता चला कि वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी स्थानीय वाहनों से शहर के बाहर भागे हैं, इसीलिए अलग-अलग टीमें उनकी तलाश में रवाना की गईं।
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उन वाहन और फोन नंबरों के आधार पर पुलिस को पता चला कि कुछ आरोपी वापस नागपुर लौट रहे हैं जिसके आधार पर उपरोक्त 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। दीपानी कच्चे लेन-देन का काम करते थे। आरोपी जावेद 2-3 बार उनके यहां पेमेंट लेने गया था, इसीलिए उसे दीपानी की गतिविधियों की जानकारी थी। उसने नावेद और जिशान को इस बारे में बताया। बाद में सिमरजीत से संपर्क किया गया। सिमरजीत ने उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ में रहने वाले अपने साथियों से संपर्क किया और लूट की प्लानिंग की गई।
यूपी के लुटेरों को छिंदवाड़ा तक छोड़ा
जावेद और उसके साथियों ने ही आरोपियों को वाहन उपलब्ध करवाए थे। पहले एक मोटरसाइकिल चोरी की गई। सभी को अलग-अलग जगहों पर निगरानी का काम सौंपा गया था। वारदात को अंजाम देने के बाद जावेद और उसके साथियों ने ही यूपी के लुटेरों को छिंदवाड़ा तक छोड़ा था। इसी तरह पुलिस को सुराग मिलते गए। अब तक हुई जांच में लूट की रकम 19 लाख रुपये होने का पता चला है।
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वारदात में उपयोग की गई बाइक को बाद में वाड़ी में लावारिस फेंका गया था। रकम आरोपियों ने आपस में बांट ली। पुलिस नकद और वारदात में उपयोग किए गए वाहनों सहित 21.11 लाख रुपये का माल जब्त कर चुकी है। वहीं यूपी के लुटेरों की तलाश में टीम लगी हुई है। संयुक्त रूप से क्राइम ब्रांच ने टीमवर्क करके यह मामला सुलझाया है।
