संघ के स्वयंसेवक को कांग्रेस का एबी फार्म! सुनील केदार पर मनमानी का आरोप, प्रदेश अध्यक्ष से शिकायत

Congress Ticket Dispute: कांग्रेस में टिकट बंटवारे को लेकर नाराज़गी बढ़ी। बूटीबोरी में RSS स्वयंसेवक और वाड़ी में BJP से जुड़े व्यक्ति को एबी फार्म देने पर प्रदेशाध्यक्ष से शिकायत की है।
संघ स्वयंसेवक को कांग्रेस का एबी फार्म
संघ स्वयंसेवक को कांग्रेस का एबी फार्म (सौजन्यः सोशल मीडिया)
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Nagpur Municipal Election: नगर परिषद और नगर पंचायत चुनावों को लेकर कांग्रेस में असंतोष अब चरम पर पहुँच रहा है। बूटीबोरी नगर परिषद में आरएसएस के स्वयंसेवक को एबी फार्म दिए जाने तथा वाड़ी नगर परिषद में भाजपा के पूर्व उम्मीदवार को नगराध्यक्ष पद की उम्मीदवारी देने पर कांग्रेस के कई निष्ठावान कार्यकर्ताओं ने कड़ी नाराजगी जताई है।

पूर्व प्रभारी जिलाध्यक्ष बाबा आष्टणकर, मुजीब पठान सहित अन्य पदाधिकारियों ने प्रदेशाध्यक्ष और आलाकमान को पत्र व ई-मेल भेजकर शिकायत की है। शिकायतकर्ताओं ने कहा है कि पार्टी में गुटबाजी को बढ़ावा देने वाले तथा निष्ठावान कार्यकर्ताओं को दरकिनार कर असंतोष फैलाने वाले नेता सुनील केदार के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए।

बूटीबोरी नगर परिषद

शिकायत में कहा गया है कि बूटीबोरी नगर परिषद में वर्षों से कांग्रेस के लिए काम कर रहे कार्यकर्ताओं को अनदेखा कर आरएसएस से जुड़े स्वयंसेवक को अध्यक्ष पद का उम्मीदवार बनाया गया। वहीं वाड़ी में जिस व्यक्ति को उम्मीदवारी दी गई, वह भाजपा का सक्रिय कार्यकर्ता रहा है और उसके खिलाफ एसीबी में भ्रष्टाचार का मामला भी दर्ज है।

राम-राम ठोक रहे निष्ठावान कार्यकर्ता

शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया कि गुटबाजी के कारण कांग्रेस के निष्ठावान और पुराने कार्यकर्ता पार्टी छोड़ने पर मजबूर हो रहे हैं। मौदा नगर पंचायत में प्रसन्ना तिड़के जन्मजात कांग्रेसी थे और नगराध्यक्ष पद के दावेदार थे, लेकिन उन्हें नज़रअंदाज़ किया गया और वे पार्टी छोड़कर चले गए। कामठी में वरिष्ठ कार्यकर्ता और पूर्व अध्यक्ष शाहजहां अंसारी, जो साजा सेठ बुनकर समाज से आते हैं, उन्हें भी टिकट न देकर बाहरी व्यक्ति को तरजीह दी गई, जिसके बाद उन्होंने पार्टी छोड़ दी।

कांग्रेस संगठन में लगातार बढ़ रही नाखुशी

रामटेक में कांग्रेस शहर अध्यक्ष दामोधर धोपटे की जगह शिवसेना और प्रहार पार्टी के लिए काम करने वाले तथा पहले चुनाव लड़ चुके व्यक्ति को टिकट दिया गया। इसके अलावा, आरोप लगाया गया कि हिंगना तहसील के वानाडोंगरी, निलडोह और डिगडोह नगर परिषद/नगर पंचायत में राकांपा और शिवसेना कार्यकर्ता कांग्रेस के साथ मिलकर चुनाव लड़ने के इच्छुक थे, लेकिन किसी भी प्रकार की चर्चा किए बिना मनमाने तरीके से उम्मीदवार उतार दिए गए। कांग्रेस संगठन में लगातार बढ़ रही नाखुशी के चलते कई क्षेत्रों में पार्टी की स्थिति कमजोर होने की आशंका जताई जा रही है।

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