पालघर साधु हत्याकांड का 'आरोपी' काशीनाथ चौधरी भाजपा में शामिल! महाराष्ट्र में सियासी बवाल

Palghar Controversy: पालघर गढ़चिंचली साधु हत्याकांड में भाजपा ने जिन्हें मुख्य आरोपी बताया था, वही काशीनाथ चौधरी अब भाजपा में शामिल हो गए। विपक्ष ने भाजपा पर दोहरे रवैये का आरोप लगाया।
Palghar Sadhu Murder Case Kashinath Chaudhary Joins BJP
भाजपा में शामिल हुए काशीनाथ चौधरी (सोर्स: सोशल मीडिया)
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Kashinath Chaudhary Joins BJP: पालघर जिले के चर्चित गढ़चिंचली साधु हत्याकांड को लेकर एक बार फिर राजनीति गरमा गई है। कारण है भारतीय जनता पार्टी ने इस घटना का मुख्य आरोपी बताते हुए उन पर गंभीर आरोप लगाए थे, अब वही चौधरी नगर निगम चुनाव से पहले भाजपा में शामिल हो गए।

काशीनाथ चौधरी के शामिल होने के बाद एनसीपी (शरद पवार गुट) समेत कई विपक्षी दल भाजपा पर सवाल उठा रहे हैं कि “अगर चौधरी दोषी थे, तो उन्हें पार्टी में शामिल कैसे कर लिया गया?”

भाजपा के आरोपों पर उठे सवाल

गढ़चिंचली साधु हत्याकांड के समय भाजपा ने काशीनाथ चौधरी और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) पर तीखा हमला बोला था। चौधरी को इस कांड का मुख्य आरोपी बताकर भाजपा ने राज्य की तत्कालीन ठाकरे सरकार को भी कठघरे में खड़ा किया था। पार्टी नेताओं ने आरोप लगाया था कि सरकार मामले को दबाने की कोशिश कर रही है।

इतना ही नहीं, एकनाथ शिंदे ने शिवसेना के विद्रोह का एक कारण साधुओं की हत्या को बताया था। उन्होंने कहा था कि साधुओं की नृशंस हत्या को देखकर मौन रहना संभव नहीं था।

लेकिन अब, जब उन्हीं काशीनाथ चौधरी को भाजपा ने दहानू में शक्ति प्रदर्शन के बीच पार्टी में शामिल कर लिया, तो विपक्ष ने तीखे सवाल दागे हैं। क्या भाजपा के पुराने आरोप झूठे थे? अगर नहीं, तो चौधरी को भाजपा में क्यों लिया गया?

दमदार शक्ति प्रदर्शन के साथ दिया भाजपा का संदेश

चौधरी ने रविवार को दहानू में भाजपा सांसद हेमंत सवारा और जिला अध्यक्ष भरत राजपूत की मौजूदगी में भाजपा की सदस्यता ग्रहण की। इस कार्यक्रम में 3,000 से अधिक कार्यकर्ता भी भाजपा में शामिल हुए, जिसे जिले में भाजपा की ताकत दिखाने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।

आखिर क्या था पालघर साधु हत्याकांड?

16 अप्रैल 2022 की रात दो साधु और उनके ड्राइवर सूरत जा रहे थे, जब गढ़चिंचली इलाके में भीड़ ने उन्हें घेर लिया और बेरहमी से पीट-पीटकर हत्या कर दी। यह घटना राज्यभर में सनसनी का कारण बनी। पुलिस ने मामले में 200 लोगों को गिरफ्तार किया और 108 गवाहों के बयान दर्ज किए।

विपक्ष ने भाजपा पर साधा निशाना

अब काशीनाथ चौधरी के भाजपा में शामिल होने के बाद राकांपा, शिवसेना (उद्धव गुट) और कांग्रेस ने भाजपा पर दोहरे रवैये का आरोप लगाया है। विपक्ष का कहना है कि भाजपा ने सिर्फ राजनीतिक फायदे के लिए साधु हत्याकांड को मुद्दा बनाया था, जबकि अब वही पार्टी उन पर मुख्य आरोप लगाने वाले व्यक्ति को अपने संगठन में शामिल कर रही है।

इस बीच भाजपा ने अभी तक इन आरोपों पर कोई औपचारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है। सवाल यही है कि आरोप राजनीति थे या सच? और क्या आने वाले चुनाव में यह मुद्दा फिर से उछलने वाला है?

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