महल अग्निकांड के बाद मनपा सख्त, नागपुर में फायर सेफ्टी अभियान तेज, खतरनाक इमारतों का होगा सर्वे

Nagpur Fire Incident: महल स्थित शोरूम में आग लगने की घटना के बाद मनपा ने फायर सेफ्टी नियमों का उल्लंघन करने वाली इमारतों के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू करने का फैसला किया है।
Municipal Corporation Cracks Down Following Palace Fire; Fire Safety Drive Intensifies in Nagpur; Survey of Hazardous Buildings to be Conducted
नागपुर आग हादसा, फायर सेफ्टी, मनपा कार्रवाई, (सोर्स: सोशल मीडिया)
Published on
Updated on

Nagpur Fire Safety Rules: नागपुर महल स्थित गांधी गेट के पास कपड़े के शोरूम में लगी आग के बाद अचानक नींद के जागी महानगरपालिका ने अब फायर सेफ्टी नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्ती से कार्रवाई करने का निर्णय लिया है। एक्शन मोड में आए अग्निशमन विभाग समिति की सभापति रूपाली ठाकुर और मुख्य अग्निशमन अधिकारी तुषार बाराहाते ने ऐसी इमारतों का सर्वे कर उचित कार्रवाई करने की जानकारी पत्र-परिषद में दी।

उन्होंने कहा कि अग्निरोधक उपकरणों की कमी के चलते आग की घटना हुई है। यहीं कारण है कि प्रतिष्ठान के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज की गई है। भविष्य में इस तरह की जानलेवा घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सभापति रूपाली ठाकुर ने कड़ा रुख अपनाया है।

अवैध इमारत, अब जोन कसे लगाम

उन्होंने स्पष्ट किया कि नियमों के अनुसार इमारत 18 मीटर के भीतर की होने के कारण अग्निरोधक उपकरणों की कमी के लिए तो अग्निशमन विभाग ने कार्रवाई की है किंतु इमारत ही अवैध होने के कारण अब जोन की ओर से कार्रवाई करना जरूरी है। चूंकि इमारत ही अवैध है, ऐसे में यहां पर किसी तरह का व्यवसाय भी नहीं हो सकता है। मुख्य अग्निशमन अधिकारी ने बताया कि इसी व्यावसायिक प्रतिष्ठान को वर्ष 2022 में भी नोटिस दिया गया था जिसके बाद प्रतिष्ठान ने अग्निरोधक उपकरण लगाए जाने का फॉर्म जमा किया था। उन्होंने कहा कि कोई भी आवासीय या व्यावसायिक इमारत का निर्माण करने से पूर्व टाउन प्लानिंग से नक्शा पास कराना होता है। यदि नक्शे में इमारत की ऊंचाई 18 मीटर से अधिक है तो अग्निशमन विभाग की अनापत्ति प्रमाणपत्र लेना अनिवार्य होता है लेकिन इस प्रतिष्ठान ने नक्शा ही मंजूर नहीं कराया था।

फर्जी NOC दिलाने वाली एजेंसियों की खैर नहीं

जिन एजेंसियों द्वारा नियमों को ताक पर रखकर व्यावसायियों को संबंधित विभाग से गलत तरीके से 'अनापत्ति प्रमाणपत्र' (एनओसी) दिलवाया जाता है उनकी अब गहन जांच की जाएगी और उन पर भी कार्रवाई होगी। बिना उचित अनुमति या एनओसी के चल रही बड़ी इमारतों और व्यवसायों पर विभाग द्वारा केवल नोटिस देकर खानापूर्ति की जाती है।

विभाग इन पर कठोर कार्रवाई क्यों नहीं करता, अब इसकी विस्तृत जांच की जाएगी। इसमें जो भी अधिकारी या कर्मचारी दोषी पाए जाएंगे, उन पर कड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी। अनुमति से जुड़े मुद्दों पर नगर रचना विभाग और अग्निशमन विभाग अक्सर एक दूसरे पर जिम्मेदारी टाल देते हैं। सभापति ने स्पष्ट किया है कि विभागों के इस रवैये की भी अलग से जांच की जाएगी।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com