Nagpur News: छत्रपतिनगर की सड़कों की दुर्दशा, दुर्गंध का साम्राज्य, नागरिकों में रोष
Chhatrapatinagar Poor Roads: छत्रपतिनगर की सड़कों में गड्ढे, उखड़ा डामर और खराब ड्रेनेज के कारण नागरिकों को दुर्घटना, स्वास्थ्य और यातायात समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
- Written By: आंचल लोखंडे
छत्रपतिनगर की सड़कों की दुर्दशा (सौजन्यः सोशल मीडिया)
Nagpur Road Repair: छत्रपतिनगर इलाके की सड़कों की हालत दिन-ब-दिन बद से बदतर होती जा रही है। बड़े-बड़े गड्ढे, उखड़ा डामर और जमा हुआ पानी इस क्षेत्र के निवासियों और यात्रियों के लिए रोज़ाना की समस्या बन गए हैं। वाहन चालकों और पैदल चलने वालों को हर दिन भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
नागपुर महानगरपालिका और सड़क विभाग को बार-बार लिखित शिकायत देने के बावजूद समस्याओं पर कोई ध्यान नहीं दिया गया है। प्रशासन की इस घोर लापरवाही के कारण दुर्घटनाओं, वाहनों के नुकसान और यातायात जाम की घटनाओं में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
‘केवल कागजी कार्रवाई’ का आरोप
स्थानीय निवासियों का आरोप है कि प्रशासन केवल कागजों पर काम दिखाता है, जबकि जमीनी हकीकत यह है कि सड़क मरम्मत का नामोनिशान नहीं है। उनका कहना है कि टैक्स और टोल चुकाने के बावजूद नागरिकों को सुरक्षित सड़कें नहीं मिल रही हैं, जो अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। मानसून के दौरान स्थिति और भी खतरनाक हो जाती है। इन सड़कों से गुजरना किसी ‘जंग जीतने’ जैसा लगता है। स्कूली बच्चे, बुजुर्ग, ऑफिस जाने वाले और एम्बुलेंस तक भारी परेशानी का सामना कर रहे हैं।
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इस क्षेत्र में कई व्यावसायिक प्रतिष्ठान, स्कूल, अस्पताल और कार्यालय होने के कारण यातायात का दबाव हमेशा बना रहता है। गड्ढों से भरी सड़कों ने दुर्घटनाओं के खतरे को कई गुना बढ़ा दिया है। अधिकारी वर्षों से ‘जल्द ही मरम्मत करेंगे’ जैसे आश्वासन दे रहे हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर कोई काम नहीं हुआ है।
सड़कों पर बह रहा नाले का पानी
छत्रपतिनगर में टूटी और खराब ड्रेनेज लाइनों से सीवेज का पानी लगातार सड़कों पर बह रहा है। प्लास्टिक कचरे, कूड़े और बैक्टीरिया से मिला यह बदबूदार गंदा पानी अत्यधिक अस्वच्छ और असुरक्षित स्थिति पैदा कर रहा है।
गंभीर परिणाम
- डेंगू, मलेरिया और अन्य संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ा।
- त्वचा और पेट संबंधी बीमारियों की आशंका अधिक।
- वाहनों के फिसलने और दुर्घटनाओं का जोखिम।
- दुकानों और घरों के सामने पानी जमा होने से असुविधा।
स्वास्थ्य विभाग, लोक निर्माण विभाग और एनएमसी अधिकारियों से कई शिकायतें की गई हैं, लेकिन नागरिकों का दावा है कि वादे किए जाते हैं, मगर कोई कार्रवाई नहीं होती।
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नागरिकों की मांगें
- क्षतिग्रस्त सड़कों की तत्काल और गुणवत्तापूर्ण मरम्मत।
- खराब ड्रेनेज लाइनों की उचित मरम्मत और ढंकने का काम।
- आवश्यक स्थानों पर नई ड्रेनेज पाइपलाइनें डालना।
- नियमित रूप से धुंआ-छिड़काव (फ्यूमिगेशन) और मच्छररोधी स्प्रे।
- लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई।
- जनशिकायतों पर तेज़ प्रतिक्रिया।
