Nagpur News: सीसीटीवी की सख्ती, कौन देगा निधि? बोर्ड परीक्षा से पहले मुख्याध्यापक संघ का विरोध
CCTV Mandatory Board Exam:बोर्ड परीक्षा से पहले सभी परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी अनिवार्य करने के आदेश के खिलाफ मुख्याध्यापक संघ ने विरोध जताया है और इसके लिए सरकार से अनुदान देने की मांग की है।
- Written By: आंचल लोखंडे
महाराष्ट्र राज्य बोर्ड (सौ. सोशल मीडिया )
Maharashtra Board Exam: दसवीं और बारहवीं की बोर्ड परीक्षाओं को नकल-मुक्त बनाने के उद्देश्य से परीक्षा मंडल ने सभी परीक्षा केंद्रों में सीसीटीवी कैमरे लगाने को अनिवार्य किया है। इस संबंध में करीब एक माह पहले ही सभी स्कूलों को आदेश जारी किए गए थे, लेकिन अब भी कई परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी की व्यवस्था नहीं की जा सकी है।
इस पृष्ठभूमि में मुख्याध्यापक संघ ने सीसीटीवी की अनिवार्यता को रद्द करने अथवा इसके लिए सरकारी अनुदान देने की मांग की है। संघ का स्पष्ट कहना है कि यदि प्रशासन द्वारा निधि उपलब्ध कराई जाती है, तभी सीसीटीवी की व्यवस्था संभव हो पाएगी।
परीक्षा मंडल द्वारा नकल-मुक्त अभियान के तहत कई कड़े कदम उठाए जा रहे हैं। इनमें पर्यवेक्षकों की अदला-बदली, परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना और सीसीटीवी निगरानी अनिवार्य करना शामिल है। हालांकि शहरी क्षेत्रों की अधिकांश स्कूलों में सीसीटीवी कैमरे पहले से लगे हुए हैं, लेकिन ग्रामीण इलाकों की कई स्कूलों में यह सुविधा उपलब्ध नहीं है। कुछ जगहों पर सीसीटीवी लगे भी हैं, तो वे सभी कक्षों में कार्यरत नहीं हैं।
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बुनियादी सुविधाओं का अभाव
जिला परिषद की स्कूलों में पहले से ही बुनियादी सुविधाओं का अभाव है। कई स्कूलों को बिजली बिल के भुगतान के लिए भी पर्याप्त अनुदान नहीं मिलता। वहीं बिना अनुदानित स्कूलों को शासकीय स्तर पर किसी प्रकार की आर्थिक सहायता नहीं दी जाती। ऐसे में उनके लिए सीसीटीवी कैमरे लगाना और उन्हें वर्ष भर चालू रखना एक अतिरिक्त और खर्चीला बोझ बन गया है।
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सीसीटीवी के लिए अलग से फीस वसूली भी संभव नहीं
मुख्याध्यापक संघ का कहना है कि बिना अनुदानित स्कूल मुख्य रूप से विद्यार्थियों की फीस पर ही संचालित होते हैं। पहले से ही विभिन्न मदों में खर्च बढ़ चुके हैं। यदि अब सीसीटीवी लगाने के नाम पर छात्रों से अतिरिक्त शुल्क लिया गया, तो इसका तीव्र विरोध होगा। नियमों के अनुसार सीसीटीवी के लिए अलग से फीस वसूली भी संभव नहीं है। ऐसे में सरकार को रियायत के तौर पर सीसीटीवी व्यवस्था के लिए विशेष निधि उपलब्ध करानी चाहिए, ताकि परीक्षा की पवित्रता बनी रहे और स्कूलों पर आर्थिक दबाव न पड़े।
