

Beltarodi Police Station Nagpur: नागपुर जिले के पृथ्वीराजनगर में मंगलवार की दोपहर एक सनसनीखेज घटना हुई। एक महिला को लूटने का प्रयास करने आए 2 लुटेरों को परिसर के नागरिकों ने दबोच लिया। लोगों की भीड़ ने उनकी जमकर धुनाई की।
इसी दौरान 1 आरोपी वहां से भाग निकलने में कामयाब हो गया लेकिन दूसरे की बेरहमी से पिटाई की गई। गंभीर रूप से घायल लुटेरे को उपचार के दौरान मृत घोषित किया गया। जानकारी मिली है कि बेलतरोड़ी पुलिस घायल युवक को तत्काल अस्पताल ले जाने के बजाय भाने ले गई।
वहां हालत खराब होने के बाद उसे मेडिकल अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया लेकिन पुलिस इस बात को सिरे से नकार रही है। मृतक न्यू नरसाला निवासी सुमेध राजेंद्र गजभिये (28) बताया गया। उसके खिलाफ पहले भी चोरी के मामले दर्ज हैं। उसका कथित साथी दीपक पाटिल फरार बताया जा रहा है।
नागपुर जिले के पृथ्वीराजनगर में सुमेध और दीपक मंगलवार दोपहर 2.30 बजे के दौरान उषा धार्मिक के घर पहुंचे। दोनों ने स्विगी कंपनी की टी-शर्ट पहन रखी थी। खुद को डिलीवरी बॉय बताया और पार्सल देने के बहाने उषा को बाहर बुलाया। उस समय उथा और उनको बहू घर में सो रही थीं।
आरोप है कि सुमेध ने उषा की गर्दन पर चाकू लगा दिया और गले की चेन सहित सारे गहने निकालकर देने को कहा। इसी दौरान उनकी बहू बाहर निकलीं और आरोपियों ने उन्हें भी धमकाया। पास में छोटा बच्चा होने के कारण बहू ने उसे भीतर छोड़ने की बात कही।
दरवाजा भीतर से बंद कर अपने पति को फोन कर घटना की जानकारी दी। उपा के बेटे ओमकारनगर चौक पर केक शॉप चलाते हैं। उन्होंने तुरंत आसपास रहने वाले अपने दोस्तों को घर जाने को कहा और खुद भी घर के लिए रवाना हुए।
इसके बाद आरोपियों की तलाश शुरू की गई। बताया जाता है कि परिसर में ही नागरिकों ने दोनों आरोपियों को पकड़ लिया लेकिन पुलिस के हवाले करने के बजाय भीड़ ने उनकी पिटाई शुरू कर दी।
मौका पाकर दीपक वहां से फरार हो गया लेकिन सुमेध को लोगों ने घेर लिया था। उसे जमकर से पीट गया। इसी दौरान किसी ने पुलिस को जानकारी दी। घटना की जानकारी मिलते ही बेलतरोड़ी थाने के बीट मार्शल मौके पर पहुंचे।
परिसर का माहौल गरम था। उन्होंने अतिरिक्त स्टाफ और आरोपी को ले जाने के लिए बड़ा वाहन भेजने की मांग की। जब तक अधिकारी और कर्मचारी पहुंचे, लोग सुमेध को पीट ही रहे थे।
नागरिकों ने सुमेव की बुरी तरह पिटाई की थी लेकिन शरीर पर जख्मों के निशान नहीं थे। ऐसे में उसे बेलतरोडी थाने ले जाया गया। कुछ देर बाद थाने में ही उसकी तबीयत बिगड़ गई। उसके बेहोश होने पर पुलिस के हाथ-पैर फूल गए।
तत्काल उसे उपचार के लिए मेडिकल अस्पताल रवाना किया गया लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना में अब भीड़ की पिटाई के साथ-साथ पुलिस द्वारा घायल आरोपी को समय पर उपचार नहीं दिलाए जाने का मुद्दा भी जांच के घेरे में है।
पुलिस ने परिसर के 3 नागनिकों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है। घटना की जानकारी मिलने पर आला पुलिस अधिकारी भी घटनास्थल और थाने पहुंचे। पूरे मामले की जानकारी ली गई। फिलहाल पुलिस आकस्मिक मृत्यु का मामला दर्ज कर रही है। सभी पहलुओं की जांच करने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।