

Gondia Nagpur Pact HoliVidarbha State Movement: स्वतंत्र विदर्भ राज्य की मांग को लेकर विदर्भ राज्य आंदोलन समिति ने गोंदिया जिले के सभी आठ तहसील मुख्यालयों पर नागपुर करार होली आंदोलन किया। समिति ने 1953 के नागपुर करार की शर्तों के अपेक्षित क्रियान्वयन नहीं होने का दावा करते हुए केंद्र सरकार से स्वतंत्र विदर्भ राज्य के गठन की मांग की।
स्वतंत्र विदर्भ राज्य की मांग को लेकर विदर्भ राज्य आंदोलन समिति की गोंदिया जिला इकाई ने जिले के सभी आठ तहसील मुख्यालयों पर नागपुर करार होली आंदोलन किया। 28 सितंबर 1953 को हुए नागपुर करार की वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित इस आंदोलन में समिति के कार्यकर्ताओं ने करार की प्रतीकात्मक होली कर अपनी मांग रखी।
समिति का कहना है कि नागपुर करार में विदर्भ के विकास और क्षेत्रीय हितों से संबंधित प्रावधान किए गए थे, लेकिन उनकी अपेक्षित पूर्ति नहीं हुई। इसी मुद्दे को लेकर समिति लंबे समय से स्वतंत्र विदर्भ राज्य की मांग करती रही है।
गोंदिया जिला मुख्यालय में प्रशासनिक भवन के सामने आंदोलन किया गया। इसका नेतृत्व जिलाध्यक्ष छैलबिहारी अग्रवाल, अतुल सतदेवे, राखी भारद्वाज, दिलीप गौतम, भोजराज ठाकरे, वसंत गवली, सी.पी. बिसेन, आशीष चौहान और रमेश बिसेन ने किया। इस दौरान समिति के पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
आंदोलनकारियों ने केंद्र सरकार से स्वतंत्र विदर्भ राज्य के गठन की मांग की। समिति की ओर से कहा गया कि विदर्भ से जुड़े क्षेत्रीय विकास के मुद्दों को लेकर आंदोलन आगे भी जारी रहेगा।
गोरेगांव तहसील मुख्यालय में भी नागपुर करार होली आंदोलन किया गया। यहां भूपेंद्र पटले, सीमा राऊत, दुर्गाप्रसाद विठूले, नरेंद्र कटरे, बबलू रहांगडाले और गौरी सहारे के नेतृत्व में प्रदर्शन हुआ।
समिति ने कहा कि 28 सितंबर को विदर्भ के विभिन्न जिलों और तहसीलों में इसी तरह के आंदोलन आयोजित किए गए। स्वतंत्र विदर्भ की मांग को लेकर समिति ने आगे भी आंदोलन तेज करने की भूमिका रखी है।
नागपुर करार 28 सितंबर 1953 को महाराष्ट्र के गठन से जुड़े क्षेत्रीय प्रश्नों के संदर्भ में हुआ था। इसके बाद विदर्भ के क्षेत्रीय विकास, प्रशासन और प्रतिनिधित्व से जुड़े मुद्दे राजनीतिक चर्चा का हिस्सा रहे। स्वतंत्र विदर्भ की मांग करने वाले संगठन करार में किए गए प्रावधानों के अपेक्षित क्रियान्वयन पर सवाल उठाते रहे हैं।