शिक्षकों के लिए खुशखबर: मई में BLO और जनगणना ड्यूटी का मिलेगा इनाम, अर्जित रजा का प्रस्ताव पास होने की उम्मीद

Maharashtra School Teachers EL Scheme: गर्मी की छुट्टियों में बीएलओ और जनगणना का काम करने वाले महाराष्ट्र के शिक्षकों को अर्जित अवकाश (EL) देने का प्रस्ताव शिक्षा संचालक ने सरकार के पास भेजा है।
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BLO Duty Teachers Earned Leave: महाराष्ट्र के सरकारी और अनुदानित स्कूलों के हजारों शिक्षकों के लिए एक राहत भरी खबर सामने आई है। मई महीने की भीषण गर्मी की छुट्टियों के दौरान जनगणना (Census) और बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) के कार्यों में मुस्तैद रहे शिक्षकों को अब उनकी मेहनत का हक मिलने का रास्ता साफ होता दिख रहा है।

शिक्षा संचालक ने प्राथमिक और माध्यमिक स्तर पर छुट्टी के दिन काम करने वाले इन शिक्षकों को 'अर्जित अवकाश' (Earned Leave) देने और उसकी प्रविष्टि सेवा पुस्तिका (Service Book) में दर्ज करने का आधिकारिक प्रस्ताव शालेय शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव के पास भेज दिया है।

मई की छुट्टी में BLO ड्यूटी से शिक्षकों में था भारी असंतोष

मई का महीना शिक्षकों के लिए वार्षिक निर्धारित अवकाश की अवधि होती है। हालांकि, चुनाव आयोग और प्रशासनिक कार्यपालिकाओं द्वारा बड़ी संख्या में शिक्षकों को बीएलओ और जनगणना के गैर-शैक्षणिक कार्यों में तैनात कर दिया गया था।

इस वजह से सैकड़ों शिक्षक अपनी छुट्टियों से पूरी तरह वंचित रह गए थे। काम करने के बावजूद सेवा पुस्तिका में अर्जित अवकाश की प्रविष्टि न होने से शिक्षक संगठनों और कर्मचारियों में लंबे समय से गहरा असंतोष और नाराजगी व्याप्त थी।

नियमावली 1981 के तहत मिलेगा अर्जित अवकाश का लाभ

महाराष्ट्र निजी स्कूल कर्मचारी (सेवा शर्तें) नियमावली, 1981 के कानूनी प्रावधानों के अनुसार, यदि किसी शिक्षक से उसकी अधिकृत छुट्टियों के दौरान शासकीय कार्य कराया जाता है, तो वह कार्य दिवसों के अनुपात में अर्जित अवकाश पाने का हकदार होता है। इसी नियम का हवाला देते हुए शिक्षक यूनियनों ने शालेय शिक्षा मंत्री दादा भुसे, शिक्षा राज्य मंत्री डॉ. पंकज भोयर और शिक्षा आयुक्त का ध्यान इस प्रशासनिक उपेक्षा की ओर आकृष्ट कराया था।

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मंत्रालय की हरी झंडी मिलते ही लागू होगी व्यवस्था

शिक्षक संगठनों के लगातार पत्राचार और दबाव के बाद अब शिक्षा संचालक स्तर पर यह सकारात्मक कदम उठाया गया है। यदि प्रधान सचिव द्वारा इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी जाती है, तो जितने दिन शिक्षकों ने गर्मी में ड्यूटी की है, उतने दिनों का अवकाश उनके व्यक्तिगत लीव अकाउंट में जमा कर दिया जाएगा। इस फैसले से नागपुर सहित पूरे महाराष्ट्र के उन शिक्षकों को बड़ी राहत मिलेगी जो सालों से अपने वैध हक के लिए प्रशासनिक दफ्तरों के चक्कर काट रहे थे।

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