भांडेवाड़ी में तेंदुए ने मचाया उत्पात, दूसरी मंजिल पर घुसा, वन विभाग ने समय रहते किया रेस्क्यू

Nagpur Wildlife Conflict: नागपुर के भांडेवाड़ी में निर्माणाधीन इमारत की दूसरी मंजिल में तेंदुआ घुसा। टीटीसी ने 3 घंटे के रेस्क्यू ऑपरेशन में तेंदुए को सुरक्षित बचाया, भीड़ पर पुलिस काबू कीया गया।
भांडेवाड़ी में तेंदुए ने मचाया उत्पात
भांडेवाड़ी में तेंदुए ने मचाया उत्पात
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Bhandewadi Leopard Rescue: भांडेवाड़ी क्षेत्र में बुधवार सुबह एक चौंकाने वाली घटना सामने आई, जब एक तेंदुआ दीन बंधू सोसायटी स्थित निर्माणाधीन इमारत की दूसरी मंजिल में जा घुसा। इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और देखते ही देखते हजारों की भीड़ जमा हो गई। सूचना मिलते ही ट्रांजिट ट्रीटमेंट सेंटर (टीटीसी) की टीम मौके पर पहुंची और करीब तीन घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद तेंदुए को सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया गया। गनीमत रही कि इस मानव-वन्यजीव टकराव में कोई जनहानि नहीं हुई।

सुबह लगभग 8:30 बजे स्थानीय लोगों ने निर्माणाधीन इमारत के कंपाउंड में तेंदुए को घूमते देखा। प्रत्यक्षदर्शियों ने तुरंत हेल्प फॉर एनिमल वेलफेयर एसोसिएशन को सूचित किया। उनकी टीम ने मौके पर पहुंचकर तेंदुए की मौजूदगी की पुष्टि की। इस दौरान तेंदुआ ऊपर चढ़ते हुए दूसरी मंजिल के शौचालय में जा छिपा था। संस्था के सदस्य स्वप्निल बोधाने और मानद वन्यजीव रक्षक अजिंक्य भटकर ने घटना की जानकारी वन विभाग और टीटीसी तक पहुंचाई।

हजारों की भीड़, पुलिस बल तैनात

घटना की खबर फैलते ही सड़क, फ्लाईओवर और आसपास की इमारतों की छतों पर हजारों लोग जमा हो गए। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस और ट्रैफिक विभाग को तैनात किया गया। लोगों ने तेंदुए के वीडियो मोबाइल पर रिकॉर्ड किए, जो कुछ ही मिनटों में सोशल मीडिया पर वायरल हो गए।

TTC की त्वरित कार्रवाई ने टली अनहोनी

करीब 10:20 बजे टीटीसी को आधिकारिक सूचना मिली, जिसके बाद डॉ. राजेश फुलसुंगे, सिद्धांत मोरे, प्रवीण मानकर, प्रतीक घाटे, आरवी देवतले, बंडू मंगर, चेतन बारस्कर और विलास मंगर सहित टीम मौके पर पहुंची।

भीड़ हटाने के बाद रेस्क्यू शुरू किया गया।

डॉ. फुलसुंगे ने तेंदुए को डार्ट मारकर बेहोश किया और टीम ने उसे पिंजरे में सुरक्षित स्थानांतरित किया। 1:45 बजे रेस्क्यू किया गया तेंदुआ ट्रीटमेंट सेंटर (TTC) लाया गया। वरिष्ठ अधिकारियों ने जांच के बाद तेंदुए को जंगल में छोड़ने का निर्णय लिया है।

विशेषज्ञों की राय

अजिंक्य भटकर, मानद वन्यजीव रक्षक ने कहा कि “वन्यजीव मॉनिटरिंग बढ़ाना अनिवार्य है” उन्होंने बताया कि यह पहली घटना नहीं है। करीब 12 साल पहले वेढाहरी गांव में भी तेंदुए ने मकान में घुसकर दहशत फैलाई थी। भांडेवाड़ी के आसपास खेड़ी, आडका, टेमसना, परसोडी और मटकाझरी जैसी झुड़पी जंगल बेल्ट है, जहां से तेंदुए भोजन की तलाश में मानव बस्तियों तक पहुंच सकते हैं।

“सतर्कता से मानव-वन्यजीव संघर्ष टला”

नागपुर प्रादेशिक उप वनसंरक्षक डॉ. विनिता व्यास ने कहा कि विभाग की त्वरित कार्रवाई से अनहोनी टल गई। पुलिस, डब्ल्यूडब्ल्यूएफ और एनजीओ ने भी सहयोग किया। लोगों से अपील है कि ऐसी घटनाओं में भीड़ न जुटाएं, यह रेस्क्यू ऑपरेशन में बाधा डालता है।

ऐसा रहा घटनाक्रम

  • 8:30 बजे तेंदुआ दिखाई दिया
  • 10:20 बजे विभाग को सूचना मिली
  • 1:45 बजे तेंदुआ TTC लाया गया
  • 3.15 घंटे चला रेस्क्यू ऑपरेशन
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