मानसून से पहले नागपुर की सड़कें बनीं मुसीबत, बढ़ा हादसों का खतरा; अधूरी मरम्मत पर उठे सवाल
Nagpur Monsoon Risk Road Repair: नागपुर में मानसून से पहले जर्जर सड़कें और गड्ढे नागरिकों की चिंता बढ़ा रहे हैं। अधूरे मरम्मत कार्य के कारण दुर्घटनाओं, ट्रैफिक जाम और जलभराव का खतरा बढ़ने की आशंका है।
- Written By: अंकिता पटेल
नागपुर सड़कें, गड्ढे, जर्जर मानसून(सोर्स: सोशल मीडिया)
Nagpur Damaged Roads: नागपुर शहर की सड़कों की जर्जर हालत ने मानसून से पहले ही लोगों की परेशानियां बढ़ा दी हैं। कई प्रमुख इलाकों में सड़कें गड्डों और उखड़ी सतह के कारण दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ा रही हैं। नागरिकों का कहना है कि मरम्मत अधूरी होने के बावजूद काम ठप है जिससे ट्रैफिक जाम और हादसों की संभावना बढ़ रही है।
सड़क सुधार का काम अधूरा रहने से कई इलाकों में लोगों की चिंताएं बढ़ा दी है। मानसून की दस्तक से पहले इन्हें सही समय पर दुरुस्त करना आवश्यक है लेकिन काम धीमी गति से चल रहा है।
कुछ इलाकों में मरम्मत कार्य की अनदेखी की जा रही है। यदि समय रहते काम पूरा नहीं किया गया तो मानसून के दौरान जानलेवा दुर्घटनाओं से इनकार नहीं किया जा सकता। खराब सड़कें न केवल वाहन चालकों के लिए खतरा हैं बल्कि पैदल यात्रियों और बच्चों के लिए भी जोखिम बढ़ाती हैं। गड्डों में पानी भर जाने पर हादसों की संभावना और बढ़ जाती है।
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जगह-जगह उखड़ गए गट्ट
मजबूत और टिकाऊ रोड निर्माण के लिए शहर भर में सीमेटीकरण तेजी से किया जा रहा है। अब ये सीमेंट सड़कें भी लोगों के लिए परेशानी का सबब बन गई है। बता दें कि कई जगह सीमेट रोड निर्माण के लिए लगाए गए गड्डू उखड़ गए हैं। अनेक स्थानों पर सीमेंट रोड असमतल देखी जा सकती है। इस तरह की जर्जर सड़कें बारिश में जानलेवा हादसों को निमंत्रण देगी, इसके बावजूद कोई अधिकारी मरम्मत कार्य को गंभीरता से नहीं ले रहा।
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मानसून आते ही याद आते हैं काम
बताते चलें कि 2026 का लगभग आधा वर्ष बीत गया है। जनवरी से लेकर मई अंत तक अधूरे निर्माण कार्यों की और गंभीरता नहीं बरती गई। अब मानसून सिर पर मंडरा रहा है तो जिम्मेदार अधिकारियों को अधूरे और नए निर्माण कार्य याद आए हैं। इससे नागरिकों में भी रोष है, लोगों ने मांग की है कि सड़क मरम्मत कार्यों को प्राथमिकता देते हुए समयबद्ध तरीके से पूरा करें।
