
एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी (सौजन्य-सोशल मीडिया)
Tajbagh AIMIM Speech: एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने कांग्रेस पर मुसलमानों का उपयोग वोट बैंक की तरह करने का आरोप लगाते हुए भाजपा व अन्य राजनीतिक दलों को भी जमकर आड़े हाथ लिया। ताजाबाद में पार्टी के उम्मीदवारों की प्रचार सभा में उन्होंने कहा कि जब तक भारत के मुसलमान अपनी मुकद्दर का फैसला खुद नहीं करेंगे तब तक हालात नहीं सुधरेंगे। कोई भी राजनीतिक पार्टी आपके हित का नहीं सोचती।
इसलिए अपनी लीडरशिप तैयार करें। उन्होंने भाजपा पर हमला बोलते हुए कहा कि भाजपा के लोग मुसलमानों के खिलाफ जहर उगलते हैं लेकिन ट्रंप और चीन के खिलाफ मुंह नहीं खुलता। ऑपरेशन सिंदूर में चीन ने पाकिस्तान की मदद की। अमेरिका पाकिस्तान की मदद करता है और इन्हें ही भाजपा भारत में निवेश के लिए आमंत्रित कर रही है।
उन्होंने कहा कि नागपुर की इस धरती पर डॉ. बाबासाहब आंबेडकर ने धर्म परिवर्तन कर बताया था कि मनुवाद क्या होता है। असदुद्दीन ओवैसी ने अपील की कि 15 जनवरी को अपने वोट का इस्तेमाल कर एआईएमआईएम के पतंग के निशान का बटन दबाकर उम्मीदवारों को चुनकर लाएं।
ओवैसी ने कहा कि कांग्रेसी खुद को सबसे बड़ा सेक्युलर बताते हैं। ये झूठे लोग हैं। ये संविधान के सेक्युलरिजम को नहीं मानते बल्कि मुसलमानों की राजनीति खत्म करने के लिए सियासी सेक्युलरिज्म का खेल खेलते हैं। बिहार में कांग्रेस से 5 सीटें मांगी लेकिन नहीं दिया। हम 5 सीटों पर जीते लेकिन कांग्रेस ने 60 पर लड़कर केवल 6 सीटें जीतीं।
जब हमारे बच्चों को झूठे मामलों में जेलों में ठूंसा जाता है तब ये कांग्रेस कहां रहती है। भाजपा ने अजीत पवार, नितीश कुमार, चंद्रबाबू और एकनाथ शिंदे के साथ मिलकर भारत के संविधान के खिलाफ एक वक्फ कानून बनाया। मैंने पूरी दलीलों के साथ मोदी की हुकूमत का विरोध किया कि यह कानून मस्जिदों व वक्फ की जायदादों को खत्म करने के लिए लाया गया है।
यह भी पढ़ें – BMC Elections के लिए महायुति का घोषणापत्र जारी, शिंदे-फडणवीस ने मुंबई और धारावी के लिए किया बड़ा वादा
तब कांग्रेस कहां थी। मुबंई ब्लास्ट हुआ जिसमें 125 की मौत हुई थी। 11 मुस्लिमों को गिरफ्तार किया गया। 19 साल जेल में थे। सभी को हाई कोर्ट ने रिहा कर दिया। अब लोग पूछ रहे हैं कि किसने हमारे लोगों को मारा।
ओवैसी ने कहा कि याद रखिये, देश व महाराष्ट्र में हर समाज की लीडरशिप है लेकिन मुस्लिम की नहीं। आप सिर्फ वोटर व सपोर्टर बनकर रह गये तो बुलडोजर चलेगा, रोजगार नहीं मिलेगा। इज्जत की निगाहों से कोई नहीं देखेगा। जिस दिन आप पॉलिटिकल लीडर बनाना शुरू करेंगे उस दिन से हालात बदलेंगे। आप लीडर बनिए। पॉलिटिकल एजेंसी अपनी खुद बनाइए।






