AIIMS नागपुर में पैरामेडिकल भर्ती में बड़ा घोटाला! AHPMS ने प्रशासन से की शिकायत, जांच समिति गठितन
AIIMS Inquiry Committee: एम्स नागपुर में पैरामेडिकल भर्ती में धन मांगने का आरोप। AHPMS ने शिकायत की, प्रशासन ने जांच समिति गठित की। जून से हुई नियुक्तियों पर भी सवाल।
- Written By: प्रिया जैस
नागपुर एम्स (सौजन्य-सोशल मीडिया)
AIIMS Recruitment Scam: एसोसिएशन ऑफ एलाइड एंड हेल्थकेयर प्रोफेशनल्स ने एम्स नागपुर में करार आधारित एलाइड हेल्थकेयर पदों की भर्ती प्रक्रिया में लक्ष्मी चंद एंड सन्स मैनपावर एजेंसी के प्रतिनिधियों द्वारा उम्मीदवारों से अवैध रूप से धन राशि मांगने की शिकायत एम्स प्रशासन से की। प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच समिति गठित कर दी है। पिछले दिनों एम्स में पैरामेडिकल स्टॉफ के लिए रिक्तियां निकली थीं।
इसमें एम्स के विशेषज्ञ डॉक्टरों द्वारा इंटरव्यू लिये गये। लेबोरेटरी टेक्नीशियन, रेडियोलॉजी टेक्नीशियन और कार्डियोलॉजी टेक्नीशियन पदों के लिए चयनित कुछ उम्मीदवारों से सिक्योरिटी डिपॉजिट के तौर पर 25,000, स्टाम्प पेपर के लिए 500 तथा नामांकन शुल्क के नाम पर ₹3,000 रुपए की मांग की गई लेकिन इसकी रसीद या आधिकारिक दस्तावेज नहीं दिए गए; साथ ही लेन-देन की बात किसी के साथ साझा नहीं करने पर चयन रद्द करने की चेतावनी भी दी गई।
एजेंसी की कार्यप्रणाली पर ही सवाल
इसी तरह की शिकायत सीटी स्कैन टेक्नीशियन और अन्य एलाइड हेल्थकेयर पदों के लिए आवेदन करने वाले कई उम्मीदवारों से भी प्राप्त हुई। इस संबंध में संगठन की ओर से एम्स के निदेशक, उपनिदेशक, सतर्कता अधिकारी और चिकित्सा अधीक्षक को औपचारिक लिखित शिकायत की गई।
सम्बंधित ख़बरें
नागपुर: साइबर ठगों का नया जाल, डिजिटल अरेस्ट के नाम पर वृद्ध दंपति से 33 लाख की ठगी
ध्वनि प्रदूषण पर अदालत गंभीर, बिना अनुमति चल रहे लॉन्स को नोटिस; मांगे दस्तावेज
जून तक पालन करो वरना जुर्माना, स्कूल बस सुरक्षा नियमों पर हाई कोर्ट सख्त, 90 स्कूलों को चेतावनी
टायर फटने से कार पेड़ से टकराई, खडका गेट हादसे में एक ही परिवार के 3 सदस्यों की मौत, मासूम भी शामिल
निदेशक ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तुरंत सतर्कता विभाग के अधीन जांच समिति गठित करने का आदेश दिया तथा आश्वासन दिया कि एजेंसी की धमकियों के कारण किसी भी पात्र उम्मीदवार को नियुक्ति से वंचित नहीं किया जाएगा।
यह भी पढ़ें – 26/11 का हीरो बनेगा महाराष्ट्र का नया DGP, सरकार ने की सिफारिश! अब मिलेगी बड़ी जिम्मेदारी
अब मामला उजागर होने के बाद जून से एजेंसी द्वारा की गईं सभी पूर्व नियुक्तियों की सत्यता पर गंभीर प्रश्न खड़ा हो गया है। यदि किसी भी नियुक्ति में आर्थिक लेन-देन हुआ है तो यह संपूर्ण इंटरव्यू, कौशल मूल्यांकन और दस्तावेज सत्यापन प्रक्रिया को निरर्थक बना देगा और चयनित उम्मीदवारों की योग्यता और विश्वसनीयता पर भी प्रश्नचिह्न खड़ा हो जाएगा।
जून से हुई नियुक्तियों का ऑडिट करें
देश की शीर्ष चिकित्सा संस्थाओं में से एक एम्स नागपुर की प्रतिष्ठा भी ऐसी भ्रष्ट गतिविधियों से प्रभावित होती है जिससे संस्थागत विश्वसनीयता और पारदर्शिता पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। संगठन ने जून से एजेंसी के माध्यम से की गई सभी एलाइड हेल्थकेयर नियुक्तियों का पारदर्शी ऑडिट करने, दोषी पाए जाने पर एजेंसी को ब्लैकलिस्ट करने, शिकायत करने वाले सभी उम्मीदवारों को सुरक्षा प्रदान करने, एलाइड हेल्थकेयर पदों पर सीधी भर्ती एम्स द्वारा करने और आधिकारिक प्रक्रिया पार करने वाले सभी उम्मीदवारों को तत्काल नियुक्ति पत्र जारी करने की मांग की है।
