स्कूलों में बनेंगे 34 तरह से ‘छात्र समूह’, एनईपी के तहत एससीईआरटी ने दिए निर्देश
NEP: राज्य माध्यमिक एवं उच्चतर माध्यमिक शिक्षा मंडल से संबद्ध प्राथमिक, माध्यमिक स्कूल और कनिष्ठ महाविद्यालयों तक अब छात्र समूह बनाए जाएंगे। इसका उद्देश्य छात्रों की योग्यता को बढ़ावा देना है।
- Written By: प्रिया जैस
छात्रों का समूह (सौजन्य-सोशल मीडिया, कंसेप्ट फोटो)
Nagpur News: राज्य माध्यमिक एवं उच्चतर माध्यमिक शिक्षा मंडल से संबद्ध प्राथमिक, माध्यमिक स्कूल और कनिष्ठ महाविद्यालयों में अब छात्र समूह बनाए जाएंगे। इनमें पाठ्यक्रम विषय, रुचियां, पर्यावरण, प्रतियोगी परीक्षाएं, पठन-पाठन, व्यावसायिक शिक्षा, प्रौद्योगिकी जैसे 34 विभिन्न समूह शामिल हैं। छात्र समूहों की स्थापना का उद्देश्य छात्रों की रचनात्मकता, कौशल, सृजनात्मकता और चिकित्सा योग्यता को बढ़ावा देना है।
स्कूलों को 15 सितंबर तक समूह बनाने के निर्देश दिए गए हैं। राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) ने इस संबंध में एक परिपत्र के माध्यम से राज्य के शिक्षा उपसंचालक, जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थानों के प्राचार्यों, जिला परिषदों के प्राथमिक एवं माध्यमिक शिक्षा अधिकारियों और शिक्षा निरीक्षकों को निर्देश जारी किए हैं। पहली से 12वीं तक के स्कूलों में छात्र समूहों की स्थापना के संबंध में एससीईआरटी ने छात्र समूह मार्गदर्शिका वेबसाइट पर उपलब्ध कराई है।
प्वाइंटर
- राष्ट्रीय शिक्षा नीति और विद्यालय शिक्षा के लिए राज्य पाठ्यचर्या रूपरेखा-2024 में दिए गए दिशानिर्देशों के अनुसार कुल 34 समूहों का निर्धारण किया गया है। यह स्पष्ट किया गया है कि समूहों की स्थापना और उनका कार्यान्वयन आवश्यक है।
- साथ ही स्कूलों में विद्यार्थी समूहों की उचित स्थापना और कार्यान्वयन तथा जिले में विभिन्न स्तरों पर समुचित समन्वय के लिए जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान के प्राचार्य, प्रारंभिक एवं माध्यमिक शिक्षा अधिकारी, संकुल शिक्षा अधिकारी, विस्तार अधिकारी, केंद्राध्यक्ष, प्रधानाध्यापक और कक्षा शिक्षक की जिम्मेदारियां निर्धारित की गई हैं।
- 15 सितंबर तक विद्यार्थियों की संख्या के अनुसार यथासंभव अधिक से अधिक विद्यार्थी समूह स्थापित किए जाएं। विद्यार्थियों की रुचि और रुझान को ध्यान में रखते हुए विद्यार्थियों पर दबाव डाले बिना यह सुनिश्चित किया जाए कि प्रत्येक विद्यार्थी कम से कम एक समूह में शामिल हो।
- यदि निर्धारित 34 समूहों के अलावा कोई नया विद्यार्थी समूह स्थापित किया जाना है तो पहले विद्यालय स्तर पर यह सुनिश्चित किया जाए कि उसे 34 समूहों में शामिल नहीं किया जाएगा और उसके बाद ही उस नये विद्यार्थी समूह की स्थापना की जाए।
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क्या है छात्र समूह की अवधारणा
छात्र समूहों की अवधारणा यह है कि समान रुचियों और रुझान वाले छात्र एक साथ आएं और एक दूसरे से सीखें। ऐसी पहल पहले भी होती थी। अब राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुसार इसमें कुछ बदलाव किए गए हैं। विभिन्न विषयों में रुचि रखने वाले छात्र एक से अधिक समूहों में भाग ले सकते हैं।
