

Ajit Pawar Plane Crash Pilot Change Mystery: राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद चंद्र पवार) नेता रोहित पवार ने आज एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए महाराष्ट्र की राजनीति में हलचल मचा दी है। उन्होंने राज्य की पूर्व उपमुख्यमंत्री अजित पवार के विमान हादसे को लेकर सीधे तौर पर प्रशासन और मैनेजमेंट पर उंगली उठाई है। रोहित पवार का मुख्य तर्क 'पायलटों के ऐन वक्त पर बदलने' को लेकर है, जिसे उन्होंने संदिग्ध करार दिया है।
अजित पवार प्लेन हादसे को लेकर रोहित पवार ने सवाल उठाया कि अगर फ्लाइट सुबह 7 बजे की थी और पायलटों को 6:30 बजे पहुंचना था, तो क्या वाकई उस समय इतना ट्रैफिक था कि वे समय पर नहीं पहुंच सके? उन्होंने मांग की है कि अगर पायलट ट्रैफिक में फंसे थे, तो उस रूट के CCTV फुटेज सार्वजनिक किए जाएं। क्या दोनों पायलट एक ही जगह से आ रहे थे? अगर सिर्फ एक पायलट फंसा था, तो दोनों को क्यों बदला गया?
रोहित पवार ने तकनीकी पहलुओं पर जोर देते हुए पूछा कि जो पायलट नहीं आए, क्या उनके Call Detail Records (CDR) की जांच की जाएगी? उन्होंने नए पायलटों की तैनाती पर भी सवाल किए नए पायलट को सूचना कब दी गई? क्या वह घर पर थे या स्टैंडबाय पर? क्या नए पायलटों का Flight Duty Time Limitations (FDTL) चेक किया गया था? क्या उड़ान से पहले उनके सभी जरूरी मेडिकल टेस्ट (Alcohol Test आदि) पूरे हो चुके थे?
सबसे चौंकाने वाला दावा करते हुए रोहित iपवार ने पूछा कि क्या यह सच है कि मुख्य पायलट किसी इंटरनेशनल फ्लाइट से लौटकर आया था? वह किस देश से आया था और क्या उसे पर्याप्त आराम मिला था? रोहित पवार के इन सवालों ने अब इस हादसे को एक नया मोड़ दे दिया है, जिससे सुरक्षा मानकों और प्रोटोकॉल पर गंभीर बहस छिड़ गई है।