मुंबई-दहानू रेल रूट पर 628 मीटर लंबा वैतरणा पुल तैयार: 60% काम पूरा, मार्च 2028 तक घटेगी ट्रेनों की भीड़
Mumbai Western Railway: पश्चिम रेलवे की विरार-दहानू चौगुनी लाइन परियोजना के तहत 628 मीटर लंबे वैतरणा रेल पुल का निर्माण पूरा हो गया है। मार्च 2028 तक पूरी परियोजना तैयार होने की उम्मीद।
- Written By: रूपम सिंह
मुंबई-दहानू रेल रूट (सोर्स-सोशल मीडिया)
Mumbai Vaitarna Rail Bridge: पश्चिम रेलवे ने मुंबई-दहानू रेल नेटवर्क को मजबूत बनाने की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। इसके तहत विरार-दहानू चौगुनी लाइन परियोजना के तहत 628 मीटर लंबे वैतरणा रेल पुल का निर्माण पूरा कर लिया है। इससे पश्चिम रेलवे के इंस्फ्रास्ट्रक्चर की ताकत में इजाफा हुआ है। 3,578 करोड़ रुपए की इस महत्वाकांक्षी परियोजना का 60 प्रतिशत से अधिक कार्य पूरा हो चुका है।
मार्च 2028 तक पूरी होने वाली 64 किलोमीटर लंबी इस परियोजना से रेल क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। उपनगरीय और लंबी दूरी की ट्रेनों का संचालन सुगम बनेगा। साथ ही भीड़भाड़ कम होगी और ट्रेनों की समयबद्धता में भी बड़ा सुधार आएगा।
पश्चिम रेलवे की महत्वाकांक्षी विरार-दहानू चौगुनी परियोजना ने वैतरणा रेल पुल के पूरा होने के साथ निर्माण के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है, जो मुंबई की सबसे महत्वपूर्ण उपनगरीय रेल विस्तार परियोजनाओं में से एक पर स्थिर प्रगति का संकेत है। वैतरणा नदी पर हाल ही में बनकर तैयार हुआ पुल संख्या 92 है, जो 64 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर की सबसे महत्वपूर्ण संरचनाओं में से एक है।
सम्बंधित ख़बरें
वसई-विरार मनपा का अजब कारनामा, 5 साल में 4.5 करोड़ खर्च, फिर भी सिर्फ 28,000 कुत्तों की नसबंदी
प्रधानमंत्री नहीं बन सके लेकिन राष्ट्रपति बन सकते हैं शरद पवार! आठवले बोले- NDA स्वागत के लिए तैयार
जल जीवन मिशन 2.0: महाराष्ट्र 19वें पायदान पर पिछड़ा, अब दिसंबर 2028 तक सभी राज्यों के सामने बड़ी चुनौती
अमरावती में 12 गांवों के किसानों का इंतजार खत्म, सरकार ने दी लिफ्ट सिंचाई योजना की मंजूरी
इस वर्ष दिसंबर तक पूरा होने की उम्मीद
यहां विरार और दहानू रोड के बीच मौजूदा दोहरी रेलवे लाइन के साथ- साथ दो अतिरिक्त रेलवे लाइनें बिछाई जा रही है। दूसरा नदी पुल संख्या 93 तेजी से प्रगति पर है और इस वर्ष दिसंबर तक पूरा होने की उम्मीद है। एक बार पूरा हो जाने पर 3,578 करोड़ रुपए की यह परियोजना कॉरिडोर की क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि करेगी, जिससे अधिक उपनगरीय और लंबी दूरी की ट्रेनों का संचालन संभव हो सकेगा और पश्चिम रेलवे के सबसे व्यस्त मागों में से एक पर भीड़भाड़ कम हो सकेगी।
यह भी पढ़ें:- वसई-विरार मनपा का अजब कारनामा, 5 साल में 4.5 करोड़ खर्च, फिर भी सिर्फ 28,000 कुत्तों की नसबंदी
स्टेशनों और रेलवे बुनियादी ढांचे पर चल रहा काम
मार्ग के किनारे स्थित स्टेशनों और मुंबई रेलवे बुनियादी ढांचे पर भी काम चल रहा है। विरार में प्लेटफार्म उए और 4ए को चौड़ा और विस्तारित किया गया है, जबकि 12 कोच वाली उपनगरीय ट्रेनों के लिए नया प्लेटफार्म 5ए बनकर तैयार हो चुका है।
वैतरणा और केलवे रोड पर नए स्टेशन इमारतों का निर्माण पूरा हो चुका है, जबकि पालघर, बोइसर और अन्य स्टेशनों पर बड़े पैमाने पर स्टेशन पुनर्निर्माण कार्य चल रहा है। पैदल यात्री ओवरब्रिज, लिफ्ट, एस्केलेटर, सबवे और अन्य यात्री सुविधाओं का निर्माण कार्य भी प्रगति पर है। लेवल क्रॉसिंग नंबर 55ए घर सड़क ओवरब्रिज का मुख्य सिविल कार्य पूरा हो चुका है और फिनिशिंग का काम जारी है।
परियोजना को मिल रही है गति
एमआरवीसी के अध्यक्ष व प्रबंध निदेशक विलास सोपान वाडेकर ने कहा कि भूमि अधिग्रहण और वैधानिक मंजूरियों से संबंधित प्रमुख बाधाओं के समाधान के बाद परियोजना ने गति पकड़ी है। वन और मैंग्रोव क्षेत्रों की कटाई के साथ-साथ बोइसर में एक नए माल गोदाम के लिए आवश्यक भूमि के लिए एनपीसीआईएल से अनुमति मिलने से कई खंडों में तेजी से निष्पादन संभव हो पाया है।
| बिंदु | विवरण |
|---|---|
| परियोजना | विरार-दहानू चौगुनी रेल लाइन परियोजना |
| कुल लागत | ₹3,578 करोड़ |
| कुल लंबाई | 64 किलोमीटर |
| बड़ी उपलब्धि | 628 मीटर लंबे वैतरणा रेल पुल (पुल संख्या-92) का निर्माण पूरा |
| कार्य प्रगति | परियोजना का 60% से अधिक काम पूरा |
| समय सीमा | मार्च 2028 तक परियोजना पूरी होने का लक्ष्य |
| दूसरा पुल | पुल संख्या-93 दिसंबर 2026 तक पूरा होने की उम्मीद |
| मुख्य लाभ | रेल क्षमता बढ़ेगी, अधिक लोकल और लंबी दूरी की ट्रेनें चल सकेंगी |
| यात्रियों को फायदा | भीड़भाड़ कम होगी और ट्रेनों की समयबद्धता में सुधार होगा |
| स्टेशन विकास | विरार, वैतरणा, केलवे रोड, पालघर और बोइसर स्टेशनों का उन्नयन जारी |
| नई सुविधाएं | ओवरब्रिज, लिफ्ट, एस्केलेटर, सबवे और नए प्लेटफॉर्म का निर्माण |
| परियोजना को गति | भूमि अधिग्रहण और वैधानिक मंजूरियों के बाद निर्माण कार्य तेज |
