अमरावती में 12 गांवों के किसानों का इंतजार खत्म, सरकार ने दी लिफ्ट सिंचाई योजना की मंजूरी
Amravati Farmers News: अमरावती की तिवसा तहसील के 12 सूखा प्रभावित गांवों के लिए स्वतंत्र लिफ्ट सिंचाई योजना को मंजूरी मिल गई है। विधायक बच्चू कडू और राजेश वानखड़े के प्रयासों से मिली सफलता।
- Written By: रूपम सिंह
सिंचाई योजना मंजूर (सोर्स-सोशल मीडिया)
Amravati Lift Irrigation: अमरावती में वर्षों से सिंचाई के पानी से वंचित तिवसा तहसील के 12 सूखा प्रभावित गांवों के किसानों के लिए बड़ी राहत की खबर है। गुरुकुंज लिफ्ट सिंचाई योजना (भाग-1) से बाहर रह गए गांवों के लिए राज्य सरकार ने स्वतंत्र लिफ्ट सिंचाई योजना को मंजूरी दे दी है। इस निर्णय से क्षेत्र के किसानों में खुशी का माहौल है और इसे लंबे संघर्ष तथा जनप्रतिनिधियों के सतत प्रयासों की सफलता माना जा रहा है।
योजना से बाहर रह गए थे 12 गांव
गुरुकुंज लिफ्ट सिंचाई योजना के पहले चरण में तिवसा तहसील के वऱ्हा, मालधुर, धोत्रा, मालेगांव सालोरा, शेंदोला (बु।), शिवणगांव सहित 12 गांवों को शामिल नहीं किया गया था। इसके कारण इन गांवों के किसान वर्षों से सिंचाई सुविधा से वंचित थे और पूरी तरह वर्षा आधारित खेती पर निर्भर रहने को मजबूर थे।
आंदोलन के बाद बनी अलग योजना
इस मुद्दे को लेकर तत्कालीन राज्यमंत्री एवं विधायक बच्चू कडू के कार्यकाल में प्रहार जनशक्ति पार्टी के नेता संजय देशमुख, वऱ्हा के भूमिहीन किसान मुरली मदणकर तथा रवी पाथरे ने आमरण अनशन किया था। आंदोलन को गंभीरता से लेते हुए तत्कालीन राज्यमंत्री बच्चू कडू ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों को इन गांवों के लिए अलग लिफ्ट सिंचाई योजना तैयार करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद तकनीकी सर्वेक्षण और प्रस्ताव तैयार करने की प्रक्रिया शुरू हुई।
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तिवसा के किसानों को राहत
बाद में संबंधित गांवों को नदी जोड़ परियोजना में शामिल करने पर विचार किया गया, लेकिन परियोजना पूरी होने में लंबा समय लगने की संभावना को देखते हुए किसानों को तत्काल राहत देने के उद्देश्य से स्वतंत्र लिफ्ट सिंचाई योजना की मांग लगातार उठाई जाती रही। अंततः सरकार ने इस योजना को मंजूरी दे दी। योजना को स्वीकृति मिलने पर किसानों ने सिंचाई विभाग के अभियंता राजभोज का आभार व्यक्त किया।
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लगातार प्रयासों से मिली स्वीकृति
स्वतंत्र लिफ्ट सिंचाई योजना को मंजूरी दिलाने के लिए लंबे समय तक शासन स्तर पर लगातार प्रयास किए गए। प्रहार जनशक्ति पार्टी के नेता संजय देशमुख ने शासन से निरंतर पत्राचार किया, तिवसा के विधायक राजेश वानखड़े ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से योजना को मंजूरी देने का अनुरोध किया। इसके अलावा विधान परिषद के सदस्यों के माध्यम से भी सरकार के समक्ष मामला उठाया गया। विधायक राजेश वानखड़े और विधायक बच्चू कडू ने लिखित निवेदन देने के साथ-साथ विधानसभा में भी इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया।
