प्रधानमंत्री नहीं बन सके लेकिन राष्ट्रपति बन सकते हैं शरद पवार! आठवले बोले- NDA स्वागत के लिए तैयार
Sharad Pawar NDA Ramdas Athawale: केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले ने कहा है कि शरद पवार के एनडीए में शामिल होने के लिए अभी भी समय नहीं बीता है। एनडीए में हम उनके स्वागत को तैयार हैं।
- Written By: अनिल सिंह
रामदास आठवले और शरद पवार (फोटो क्रेडिट-X)
Ramdas Athawale On Sharad Pawar NDA Joining: महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर बड़े भूचाल की संभावना जताई जा रही है, जिससे राज्य के सियासी गलियारों में भारी हलचल मच गई है। दरअसल, ऐसी चर्चाएं जोरों पर हैं कि शरद पवार की राष्ट्रवादी पार्टी जल्द ही एनडीए (NDA) का हिस्सा बन सकती है। बताया जा रहा है कि यदि केंद्र सरकार आगामी निर्वाचन क्षेत्र पुनर्गठन विधेयक के माध्यम से प्रत्येक राज्य में लोकसभा व विधानसभा सीटों की संख्या में 50 प्रतिशत की वृद्धि करती है, तो शरद पवार की पार्टी इस ऐतिहासिक प्रस्ताव का पुरजोर समर्थन कर सकती है। पार्टी नेताओं के मुताबिक, इस नीतिगत फैसले पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है।
इस संभावित राजनीतिक उलटफेर के बीच, एनडीए के प्रमुख घटक दल रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (RPI-A) के अध्यक्ष और केंद्रीय राज्य मंत्री रामदास आठवले ने एक बेहद महत्वपूर्ण और चौंकाने वाला बयान दिया है। आठवले ने शरद पवार के एनडीए में शामिल होने की संभावनाओं का खुलकर समर्थन किया है। इसके साथ ही उन्होंने पवार के प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति पद की ऐतिहासिक दौड़ को लेकर भी कई पुरानी यादें साझा की हैं और अपनी बेबाक राय व्यक्त की है।
अभी समय नहीं बीता, फैसला लें तो एनडीए स्वागत के लिए तैयार
जब केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले से शरद पवार के एनडीए में शामिल होने की संभावनाओं के बारे में सीधा सवाल पूछा गया, तो उन्होंने बड़े ही सकारात्मक अंदाज में इसका जवाब दिया। आठवले ने कहा, “शरद पवार साहब के एनडीए में शामिल होने में आज भी किसी तरह की कोई समस्या या अड़चन नहीं है। अगर वे आज भी देशहित में यह बड़ा फैसला लेते हैं, तो उनकी पार्टी के आठों सांसद एनडीए के पाले में आ जाएंगे।”
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आठवले ने पवार को खुला आमंत्रण देते हुए आगे कहा कि अभी भी हाथ से समय नहीं निकला है और पवार साहब को इस दिशा में अंतिम निर्णय लेना है। उन्होंने पूरे भरोसे के साथ कहा कि यदि शरद पवार एनडीए में आने का मन बनाते हैं, तो पूरा राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) खुले दिल से उनका स्वागत करने के लिए पूरी तरह तैयार खड़ा है।
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2014 या 2019 में आते तो बन सकते थे देश के राष्ट्रपति
शरद पवार की वरिष्ठता और उनके राजनीतिक कद की सराहना करते हुए रामदास आठवले ने एक बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा कि शरद पवार देश के सबसे अनुभवी नेताओं में से एक हैं। अगर उन्होंने साल 2014 या साल 2019 के आम चुनावों के समय ही एनडीए में शामिल होने का फैसला कर लिया होता, तो देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद यानी राष्ट्रपति पद के लिए उनके नाम पर निश्चित रूप से विचार किया जा सकता था।
केंद्रीय मंत्री ने अपनी राय व्यक्त करते हुए कहा कि यदि शरद पवार उस समय एनडीए का हिस्सा बनकर देश का राष्ट्रपति बनने की थोड़ी सी भी इच्छा जताते, तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी उनके इस प्रस्ताव और वरिष्ठता को देखते हुए उनकी इस भूमिका को सहर्ष स्वीकार कर लेते। आठवले के मुताबिक, पवार के राजनीतिक अनुभव का सम्मान एनडीए खेमे में हमेशा से रहा है।
सोनिया गांधी से रिश्ते सुधरते तो शरद पवार बनते प्रधानमंत्री
रामदास आठवले ने कांग्रेस के नेतृत्व वाली तत्कालीन यूपीए (UPA) सरकार के उस दौर को भी याद किया जब वे खुद शरद पवार के साथ थे। उन्होंने केंद्र की तत्कालीन राजनीति का एक दिलचस्प वाकया साझा करते हुए बताया, “मैं उस समय यूपीए सरकार में उनके साथ ही खड़ा था। अगर उस दौर में शरद पवार ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के साथ अपने राजनीतिक संबंधों को थोड़ा सुधार लिया होता, तो मनमोहन सिंह शायद दूसरी बार प्रधानमंत्री न बनते। उस वक्त प्रधानमंत्री पद के लिए शरद पवार के नाम का नंबर लग सकता था।”
आठवले ने अंत में दोहराया कि शरद पवार के एनडीए में आने से देश और महाराष्ट्र की विकास योजनाओं को गति मिलेगी। वर्तमान में उनके पास 8 सांसद हैं, जो एनडीए को और मजबूती देंगे। अब यह पूरी तरह से पवार साहब के विवेक पर निर्भर करता है कि वे क्या फैसला लेते हैं। ऐसे में यह देखना बेहद दिलचस्प और महत्वपूर्ण होगा कि आने वाले दिनों में महाराष्ट्र की राजनीति क्या नया मोड़ लेती है।
