जल जीवन मिशन 2.0: महाराष्ट्र 19वें पायदान पर पिछड़ा, अब दिसंबर 2028 तक सभी राज्यों के सामने बड़ी चुनौती
Nagpur Jal Jeevan Mission: जल जीवन मिशन के तहत देश में 82.08% काम हो चुका है, जबकि महाराष्ट्र 90.56% प्रगति के साथ 19वें स्थान पर है। विदर्भ ने 91.65% कार्य पूरा कर राज्य से बेहतर प्रदर्शन किया है।
- Written By: अंकिता पटेल
जल जीवन मिशन, हर घर जल, (प्रतीकात्मक तस्वीर सोर्स: एआई फोटो)
Nagpur Jal Jeevan Mission Tap Water Connection: प्रत्येक व्यक्ति को शुद्ध और पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से केंद्र सरकार के जलशक्ति मंत्रालय ने ‘जल जीवन मिशन’ शुरू किया। वर्ष 2019 से शुरू हुई इस योजना को वर्ष 2024 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया था। हालांकि अब इसकी समय-सीमा बढ़ाकर दिसंचर 2028 तक कर दी गई है।
देशभर में अब तक 82.08 प्रतिशत कार्य पूरे हो चुके हैं। विशेष बात यह है कि टॉप-10 राज्यों में 100 प्रतिशत कार्य पूरे हो चुके हैं। 11वें स्थान पर मौजूद गुजरात भी 99.99 प्रतिशत तक पहुंच चुका है। लेकिन देश के सभी राज्यों में महाराष्ट्र पिछड़ गया है और 90.56 प्रतिशत कार्य पूरे होने के साथ 19वें स्थान पर पहुंच गया है।
वहीं विदर्भ में अपेक्षाकृत बेहतर प्रदर्शन रहा है, जहां 91.65 प्रतिशत कार्य पूरे हो चुके हैं। वर्ष 2019 में केंद्र सरकार के जलशक्ति मंत्रालय ने ‘हर घर जल’ योजना को जल जीवन मिशन के तहत लागू किया था। इस योजना का उद्देश्य वर्ष 2024 तक प्रत्येक ग्रामीण परिवार को प्रतिदिन प्रति व्यक्ति 55 लीटर नल का पानी नियमित और दीर्घकाल तक उपलब्ध कराना था। हालांकि निर्धारित लक्ष्य दिसंबर 2024 तक पूरा नहीं हो सका, इसलिए ‘जल जीवन मिशन 2।0’ लागू किया गया। इसके तहत अब दिसंबर 2028 तक सभी कार्य पूरे करने की चुनौती सभी राज्यों के सामने है।
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100 प्रतिशत कार्य पूर्ण करने वाले राज्य
एक और जहां कई राज्यों में कार्य लंबित हैं, वहीं दूसरी ओर कुछ राज्यों ने 100 प्रतिशत कार्य पूर्ण कर बाजी मार ली है। इनमें गोवा, अंडमान एवं निकोबार, दमन-दीव एवं दादरा नगर हवेली, हरियाणा, तेलंगाना, पुडुचेरी, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश और मिजोरम जैसे केंद्र शासित प्रदेश एवं राज्य शामिल हैं।
इन सभी राज्यों में जल जीवन मिशन का कार्य 100 प्रतिशत पूरा हो चुका है। इसके बाद क्रमशः गुजरात (99.99), लद्दाख (98.19), उत्तराखंड (98.06), बिहार (95.71), नागालैंड (95.66), सिक्किम (92.09), उत्तर प्रदेश (91.75), लक्षद्वीप (91.45) और महाराष्ट्र (90.56) शामिल है।
सबसे कम प्रतिशत वाले राज्य
जल जीवन मिशन के कार्य तेजी से जारी होने के चावजूद 5 राज्यों में 75 प्रतिशत तक भी काम पूरे नहीं हो सके है। इनमें सबसे अंतिम स्थान पर केरल (55.14) है। इसके बाद झारखंड (55.42), पश्चिम बंगाल (56.84), राजस्थान (59.09) और मध्य प्रदेश (74.91) का स्थान है। 75 से 90 प्रतिशत कार्य पूरे करने वाले राज्यों में तमिलनाडु, कर्नाटक, त्रिपुरा, मेघालय, छत्तीसगढ़, असम, मणिपुर, ओडिशा और आंध्र प्रदेश शामिल हैं।
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विदर्भ में कार्यों की ऐसी है स्थिति
| जिला | कार्यों की प्रगति |
|---|---|
| अमरावती | 99.05% |
| वर्धा | 98.63% |
| नागपुर | 97.59% |
| बुलढाणा | 95.38% |
| गड़चिरोली | 92.72% |
| वाशिम | 91.69% |
| चंद्रपुर | 90.85% |
| अकोला | 89.67% |
| भंडारा | 88.07% |
| गोंदिया | 82.41% |
| यवतमाल | 82.19% |
-नवभारत लाइव के लिए नागपुर से डॉ. गणेश खवसे की रिपोर्ट
