
फर्जी एआई टिकट (AI Generated)
Mumbai News In Hindi: लोकल ट्रेनों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से बनाए जा रहे फर्जी टिकट और सीजन पास के मामलों में लगातार बढ़ोतरी को देखते हुए पश्चिम रेलवे ने सख्त कदम उठाए हैं। खासतौर पर एसी लोकल ट्रेनों में असली जैसे दिखने वाले फर्जी टिकटों का चलन तेजी से बढ़ा है।
पश्चिम रेलवे ने सबअर्बन रूट पर तैनात सभी टिकट चेकर्स (टीसी) को विशेष टैबलेट उपलब्ध कराए हैं। इन टैबलेट्स की मदद से अब चलती ट्रेन में ही यात्रियों के टिकट और सीजन पास का तुरंत सत्यापन किया जा सकेगा।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार ये टैबलेट सीधे रेलवे के केंद्रीय सर्वर से जुड़े हैं। टिकट या पास पर अंकित यूनिक नंबर जैसे ही टैबलेट में डाला जाएगा, उसी समय यह स्पष्ट हो जाएगा कि टिकट असली है या फर्जी। इससे जांच प्रक्रिया तेज और पारदर्शी होगी।
नई तकनीक के लागू होने से फर्जी टिकट और गलत पास पकड़ने की संभावना कई गुना बढ़ जाएगी। अब तक कई मामलों में फर्जी टिकट इतने वास्तविक दिखाई देते थे कि मौके पर पहचान करना मुश्किल हो जाता था, लेकिन डिजिटल सत्यापन से यह समस्या काफी हद तक दूर होगी।
रेलवे अधिकारियों ने बताया कि एआई तकनीक का दुरुपयोग कर ऐसे टिकट और पास बनाए जा रहे हैं, जो हूबहू असली जैसे लगते हैं। इनका उपयोग विशेष रूप से एसी लोकल ट्रेनों में अधिक देखा गया है, जहां टिकट का किराया ज्यादा होने के कारण धोखाधड़ी के मामले सामने आए हैं।
पश्चिम रेलवे ने केवल तकनीकी व्यवस्था ही नहीं की है, बल्कि टिकट जांच कर्मचारियों का विशेष प्रशिक्षण भी शुरू किया है। उन्हें नए टैबलेट सिस्टम, फर्जी टिकट की पहचान और डिजिटल सत्यापन प्रक्रिया की जानकारी दी जा रही है।
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रेलवे का मानना है कि इस कदम से ईमानदार यात्रियों को राहत मिलेगी और राजस्व को नुकसान पहुंचाने वाले फर्जीवाड़े पर प्रभावी नियंत्रण लगेगा। आने वाले समय में यह प्रणाली पूरे सबअर्बन नेटवर्क में और मजबूत की जाएगी।






