विरार-वडोदरा रेल कॉरिडोर (सौ. सोशल मीडिया )
Mumbai News In Hindi: पश्चिम रेलवे के विरार-वडोदरा रेल कॉरिडोर पर गुरुवार को ट्रेन सुरक्षा के इतिहास में एक बड़ा अध्याय जुड़ गया। लंबे समय से प्रतीक्षित कवच ट्रेन प्रोटेक्शन सिस्टम को शुक्रवार को इस 344 किलोमीटर लंबे सेक्शन में सफलतापूर्वक कमीशन कर दिया गया।
यह वही मार्ग है जहां से होकर रोजाना मुंबई उपनगरीय क्षेत्र को उत्तर भारत और गुजरात से जोड़ने वाली सैकड़ों यात्री और मालगाड़ियां गुजरती हैं। पश्चिम रेलवे के एजीएम ने बताया जल्द ही मुंबई सबर्बन सेक्शन भी कवच से लैस होगा। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, नागदा-वडोदरा-सूरत-विरार-मुंबई सेंट्रल खंड पर कवच परियोजना को 397 करोड़ रुपये की लागत से स्वीकृति दी गई थी।
वडोदरा-सूरत-विरार सेक्शन पर काम जनवरी 2023 में शुरू हुआ था, जो अब अपने निर्णायक चरण में पहुंच गया है। इससे पहले दिसंबर 2025 में वडोदरा अहमदाबाद सेक्शन पर कवच लागू किया जा चुका है। इस तरह अब तक पश्चिम रेलवे पर कुल 435 रूट किलोमीटर में कवच सिस्टम चालू हो चुका है।
विरार वडोदरा सेक्शन को कवच से लैस करना तकनीकी रूप से बेहद चुनौतीपूर्ण रहा। इस मार्ग पर हर स्टेशन और ऑटोमैटिक सिग्नलिंग सेक्शन के लिए अलग-अलग डिजाइन तैयार किए गए, ट्रैक पर 8,000 से अधिक स्थानों पर RFID टैग लगाए गए, ताकि ट्रेनों की सटीक लोकेशन और गति पर लगातार निगरानी रखी जा सके। इसके साथ ही स्टेशनों और इंजनों के बीच निर्बाध रेडियो संपर्क के लिए 57 कम्युनिकेशन टावर खड़े किए गए और पूरे रूट पर ऑप्टिकल फाइबर केबल बिछाई गई।
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