मुंबई: मलाड PAP प्रोजेक्ट में गड़बड़ी की होगी जांच, विधानसभा में गूंजा मुद्दा, मंत्री माधुरी मिसाल ने दिए आदेश
Mumbai Malad East Project News: मुंबई के मलाड ईस्ट PAP प्रोजेक्ट में 470 करोड़ के क्रेडिट नोट और TDR आवंटन में गड़बड़ी की जांच होगी। विधानसभा में विधायक असलम शेख ने उठाया भ्रष्टाचार का मुद्दा।
- Written By: सूर्यप्रकाश मिश्र | Edited By: रूपम सिंह
मंत्री माधुरी मिसाल (फोटो- सोशल मीडिया)
Mumbai PAP Project News: मुंबई में विभिन्न परियोजनाओं के चलते प्रभावित हुए परिवारों के पुनर्वास हेतु मलाड ईस्ट में शुरू PAP प्रोजेक्ट में भारी गड़बड़ियों की शिकायत की गई है। इस मामले में बुधवार को विधानसभा में उठे सवाल के बाद मंत्री माधुरी मिसाल ने जांच का आदेश दिया है।
राज्य मंत्री माधुरी मिसाल ने विधानसभा में बताया कि मलाड ईस्ट में PAP प्रोजेक्ट में गड़बड़ियों के बारे में एडिशनल चीफ सेक्रेटरी की अध्यक्षता में जांच होगी। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद ही अब प्रोजेक्ट पर काम शुरू होगा।
विधायक शेख का आरोप
विधायक असलम शेख ने मलाड ईस्ट में PAP प्रोजेक्ट के बारे में खुलासा करते हुए कहा कि मुंबई म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन ने मलाड (ईस्ट) में प्रोजेक्ट से प्रभावित लोगों (PAP) के पुनर्वास प्रोजेक्ट के लिए 470 करोड़ रुपये का क्रेडिट नोट और 100% TDR दिया है। उन्होंने आपत्ति भी जताई कि उस प्लॉट की कीमत रजिस्ट्रेशन और स्टाम्प ड्यूटी डिपार्टमेंट द्वारा तय की गई कीमत से ज़्यादा थी।
सम्बंधित ख़बरें
मेस्मा की चेतावनी के बावजूद जारी BEST कर्मचारियों की हड़ताल, एक भी बस नहीं उतरी सड़क पर
ओबीसी अधिकारों के लिए राज्यव्यापी आंदोलन की तैयारी, विजय वडेट्टीवार ने दी चेतावनी
मोहन भागवत से लेकर राहुल गांधी और अंबानी-अडानी तक, सुप्रिया सुले की बेटी की शादी में उमड़ा दिग्गजों का सैलाब
पेड़ भी बचेंगे प्रोजेक्ट भी बनेगा, MMRDA ने 13.9 Km लंबे एलिवेटेड कॉरिडोर के लिए बदला डिजाइन
यह भी पढ़ें:- उत्कृष्ट सेवा के लिए पश्चिम रेलवे की 57 महिला कर्मचारी सम्मानि, ईशा मलिक ने दिए प्रशस्ति पत्र और पुरस्कार
इसके बावजूद न तो बिल्डर ने काम शुरू किया और न ही कोई प्लान बताया गया। इस पर राज्य मंत्री माधुरी मिसाल ने कहा कि पूरी जांच की जाएगी क्योंकि संबंधित डेवलपर ने अभी तक कोई कंस्ट्रक्शन प्लान जमा नहीं किया है। उन्होंने यह भी कहा कि सभी मामलों की जांच की जाएगी कि क्या यह साइट ‘इको-सेंसिटिव’ ज़ोन में आती है।
इसके अलावा क्या उस प्रोजेक्ट के लिए फॉरेस्ट डिपार्टमेंट से नो-ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट की ज़रूरत है। इस मामले में उठे सवाल पर विधानसभा सदस्य योगेश सागर और मुरजी पटेल ने भी चर्चा में हिस्सा लेते हुए पीएपी प्रोजेक्ट में गड़बड़ियों की जांच कर तत्काल निर्णय लेने की मांग की।
