Virar में पेड़ों को आग लगाने का गंभीर मामला, रेलवे पर पर्यावरण नुकसान का आरोप
Virar ईएमयू कारशेड में रेलवे अधिकारियों द्वारा बिना अनुमति पेड़ों को आग लगाए जाने से 100 से अधिक पेड़ नष्ट हो गए। प्रहार जनशक्ति की शिकायत के बाद नालासोपारा पुलिस में मामला दर्ज किया गया।
- Written By: अपूर्वा नायक
प्रतीकात्मक तस्वीर (सौ. सोशल मीडिया )
Mumbai News In Hindi: प्रहार जनशक्ति पार्टी के पालघर जिलाध्यक्ष और ठाणे संपर्क प्रमुख हितेश जाधव के लगातार प्रयास के बाद, हाल ही में इंडियन रेलवे प्रशासन के खिलाफ ईएमयू कारशेड, विरार (पश्चिम) में सैकड़ों पेड़ों को नुकसान पहुंचाकर पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने के मामले को लेकर केस दर्ज किया गया है।
इंडियन रेलवे प्रशासन के अधिकारियों ने शुक्रवार 7 मार्च 2025 को वसई-विरार शहर मनपा के वृक्ष प्राधिकरण विभाग और फायर विभाग से बगैर कोई परमिशन लिए ईएमयू कारशेड, विरार (पश्चिम) में बड़ी संख्या में पेड़ों को जानबूझकर आग लगा दी। जिससे बड़ी संख्या में पेड़ नष्ट हो गए और पर्यावरण खराब हो गया।
बताया जाता है कि आग इतनी फैल गई कि उसे कंट्रोल करने के लिए फायर ब्रिगेड को बुलाना पड़ा। रेलवे प्रशासन ने जान-माल के नुकसान को रोकने के लिए कोई सावधानी नहीं बरती गई। आग इतनी भयानक थी कि विरार से नालासोपारा नीले मोड़ तक आग करीब 2 किलोमीटर तक फैल गई। रेलवे प्रशासन ने आग लगाते समय कोई सावधानी नहीं बरती। नतीजतन आग रेलवे ट्रैक के पास बनी रिहायशी बिल्डिंग तक पहुंच गई। इस आग में करीब 100 छोटे-बड़े पेड़ जल गए।
सम्बंधित ख़बरें
कोंकण का हापुस उत्पादक किसान संकट में ! लगातार कम हो रही आम की फसल, 19 वां मैंगो फेस्टिवल 1 मई से
200 से ज्यादा वीडियो बरामद, ‘दत्तधाम सरकार’ के नाम पर ठगी, संगमनेर में फर्जी बाबा राजेंद्र गडगे गिरफ्तार
ठाणे जिले में जनगणना 2027 की तैयारियां, प्रगणक एवं सुपरवाइजरों की ट्रेनिंग शुरू
खुद को अवतार बताने वाला मनोहर मामा गिरफ्तार, काले जादू और पूजा के नाम पर 50 हजार की ठगी
ये भी पढ़ें :- Dahisar में ‘मास्क चोर गिरोह’ गिरफ्तार, ज्वेलरी दुकान से 23 लाख की चोरी का खुलासा
जानबूझकर लगाई गई आग से पर्यावरण को हुआ भारी नुकसान
रेलवे प्रशासन के अधिकारियों द्वारा जानबूझकर लगाई गई इस आग से पर्यावरण को बहुत नुकसान हुआ था, जैसे ही यह मामला प्रहार जनशक्ति पार्टी के ध्यान में आया, पालघर जिला अध्यक्ष ठाणे संपर्क प्रमुख हितेश जाधव ने इस घटना को बहुत गंभीरता से लिया और राज्य सरकार, सेंट्रल रेलवे प्रशासन और रेलवे के बड़े अधिकारियों और वसई-विरार शहर मनपा प्रशासन से इसकी औपचारिक शिकायत की और इस मामले पर लगातार फॉलो-अप करते रहे। आखिरकार, सोमवार 1 दिसंबर 2025 को नालासोपारा पुलिस स्टेशन में केस दर्ज किया गया। इस संबंध में हितेश जाधव ने रेलवे प्रशासन के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए प्रशासन को धन्यवाद दिया।
