पेड़ों की सुरक्षा, बनेगी शहरी वन नीति, बीएमसी आयुक्त अश्विनी भिड़े को चेंबूर हादसे की दो रिपोर्ट सौंपी गई

Chembur Tree Collapse Final Report: चेंबूर में पेड़ गिरने से विहान श्रीवास्तव की मौत के मामले में डॉ. संजय देशमुख समिति 10 अक्टूबर को अंतिम रिपोर्ट सौंपेगी। इससे शहरी वन नीति का रास्ता साफ होगा।
Protection of trees; urban forest policy to be formulated: BMC Commissioner Ashwini Bhide
आयुक्त अश्विनी भिड़े, चेंबूर पेड़ गिरना सोर्स- सोशल मीडिया
Published on: 
Updated on: 

Chembur Tree Collapse Vihan Shrivastava Death: चेंबूर में पेड़ गिरने से 11 वर्षीय विहान श्रीवास्तव की मौत के बाद मुंबई में पेड़ों की सुरक्षा और शहरी हरित क्षेत्र के प्रबंधन को लेकर मनपा अब दीर्घकालीन नीति तैयार करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। घटना की जांच के लिए गठित स्वतंत्र समिति मनपा को कुल चार रिपोर्ट सौंपेगी।

इनमें एक तथ्य जांच रिपोर्ट होगी, जबकि तीन रिपोर्टों में शहर के हरित क्षेत्र और पेड़ों के संरक्षण तथा आपदा के बाद प्रभावी प्रबंधन को लेकर नीतिगत सुझाव दिए जाएंगे।

इनमें से दो रिपोर्ट मनपा को मिल चुकी हैं, जबकि बाकी दो रिपोर्ट 10 अक्टूबर तक मनपा आयुक्त अश्विनी भिड़े को सौंपे जाने की संभावना है। 30 जून को चेंबूर में एक पीपल का पेड़ स्कूल बस पर गिरने से विहान की मौत हो गई थी।

समिति ने पिछली जांच में अपनाई गई कार्यप्रणाली की भी समीक्षा की हादसे के बाद पेड़ों की नियमित निगरानी, उनकी जड़ों के आसपास होने वाले निर्माण कार्य और विभिन्न मनपा विभागों के बीच समन्वय को लेकर सवाल उठे थे, वनस्पतिशास्त्री और मुंबई यूनिवर्सिटी के पूर्व कुलपति डॉ। संजय वी. देशमुख की अध्यक्षता में एक सदस्यीय जांच समिति गठित की गई थी।

समिति की सबसे अहम सिफारिश शहरी वन प्रबंधन नीति को लेकर है, इस नीति के जरिए मुंबई शहर में पेड़ों से संबंधित काम करने वाले मनपा विभागों के लिए स्पष्ट नियम और जिम्मेदारियां तय करने का प्रस्ताव है।

Protection of trees; urban forest policy to be formulated: BMC Commissioner Ashwini Bhide
वर्धा में कुष्ठरोग अभियान के दौरान मिले 42 नए मरीज, 2203 संदिग्धों की जांच लंबित

पेड़ों की स्थिति का आकलन, संरक्षण, जोखिम वाले पेड़ों की पहचान और उनके आसपास होने वाले विकास कार्यों के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों के लिए मानक तय किए जाएंगे, जांच से जुड़े सूत्रों के अनुसार, चेंबूर हादसा किसी एक वजह से नहीं हुआ, बल्कि इसके पीछे

प्राकृतिक और मानवीय कारणों का मिश्रण रहा। समिति ने पिछली जांच में अपनाई गई कार्यप्रणाली की भी समीक्षा की है। पिछली रिपोर्ट तैयार करने वाले अधिकारियों से भी नई जांच के दौरान जानकारी ली गई।

Protection of trees; urban forest policy to be formulated: BMC Commissioner Ashwini Bhide
मुंबई BMC दवाखानों में डिजिटल क्रांति: अब आपला दवाखाना में POS मशीनों से होगा भुगतान, सुविधाएं होंगी हाई-टेक

नई जांच रिपोर्ट से बढ़ी उम्मीदें

  • इससे पहले महापौर रितू तावड़े ने प्रारंभिक जांच रिपोर्ट को खारिज कर दिया था।

  • उस रिपोर्ट में मनपा के सड़क और उद्यान विभागों को क्लीन चिट दी गई थी तथा पेड़ की जड़ों के कमजोर होने के लिए सड़क निर्माण के दौरान हुई खुदाई को जिम्मेदार माना गया था।

  • ठेकेदार और सलाहकार पर सात लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया था। अब नई जांच रिपोर्ट से न केवल चेंबूर हादसे के कारणों पर अधिक स्पष्टता आने की उम्मीद है, बल्कि मुंबई में पेड़ों की सुरक्षा और आपदा प्रबंधन के लिए नई व्यवस्था का रास्ता भी साफ हो सकता है।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com