

MP Investment Opportunities Mumbai Industrial Growth: मध्यप्रदेश में निवेश की संभावनाओं को देश-विदेश के निवेशकों तक पहुंचाने के लिए मुंबई में मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव की मौजूदगी में आयोजित इंटरैक्टिव सेशन में प्रदेश की औद्योगिक, आर्थिक और कारोबारी क्षमताओं की जानकारी दी गई।
इस दौरान अपर मुख्य सचिव, औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन विभाग, नीरज मंडलोई ने मध्यप्रदेश की निवेश संभावनाओं पर विस्तृत प्रस्तुतिकरण दिया। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में विकसित भारत के लक्ष्य को लेकर तेजी से आगे बढ़ रहा है और हर क्षेत्र के निवेशकों के लिए नए अवसर उपलब्ध करा रहा है।
मंडलोई ने बताया कि मध्यप्रदेश की वर्तमान जीडीपी 16.7 लाख करोड़ रुपये है और प्रदेश करीब 8 प्रतिशत की विकास दर के साथ आगे बढ़ रहा है।
वर्ष 2011-12 की तुलना में प्रदेश की प्रति व्यक्ति आय में 4.4 गुना वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि आर्थिक विकास के साथ प्रदेश में रोजगार के नए अवसर लगातार सृजित हो रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने वर्ष 2030 तक जीएसडीपी को और ऊंचाई पर ले जाने का स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित किया है।
अपर मुख्य सचिव ने कहा कि मध्यप्रदेश खनिज संपदा और सरप्लस बिजली वाला राज्य है। उद्योगों के विकास के लिए प्रदेश की संसाधन उपलब्धता, बिजली, रणनीतिक लोकेशन और कुशल कामगार चार प्रमुख ताकत हैं। प्रदेश में 340 इंडस्ट्रियल पार्क, 7 स्मार्ट सिटी और 5 आईटी स्पेशल जोन हैं।
औद्योगिक इकाइयों की स्थापना के लिए करीब 1 लाख एकड़ का लैंड बैंक उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में देश में सबसे सस्ती बिजली उपलब्ध कराने की दिशा में सरकार लगातार काम कर रही है। निवेशकों की सुविधा के लिए सिंगल विंडो सिस्टम उपलब्ध है और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को बढ़ावा देने के लिए कई कानूनी बाधाओं को समाप्त किया गया है।
औद्योगिक भूमि आवंटन की प्रक्रिया को सरल बनाते हुए इसकी अवधि 60 दिन से घटाकर 24 दिन कर दी गई है। प्रदेश में उद्योगों को प्रोत्साहित करने के लिए निवेशकों को 40 प्रतिशत तक निवेश प्रोत्साहन भी उपलब्ध कराया जा रहा है।
सेक्टर आधारित जरूरतों के अनुरूप निर्णय लेने के लिए कैबिनेट कमेटी गठित की गई है। राज्य में 1 लाख एकड़ का लैंड बैंक है। मंडलोई ने बताया कि सागर में 105 एकड़ में नया औद्योगिक क्षेत्र विकसित किया जा रहा है।
ग्वालियर में टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन के लिए भूमि आवंटन की प्रक्रिया जारी है। इसके अलावा उज्जैन, रतलाम, भोपाल के सतगढ़ी और जबलपुर सहित प्रदेश के विभिन्न शहरों में नए औद्योगिक पार्क विकसित किए जाएंगे।
मध्यप्रदेश में टेक्सटाइल, फुटवेयर, रिन्यूएबल एनर्जी, फार्मा, फूड प्रोसेसिंग, डेटा सेंटर, ड्रोन और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे क्षेत्रों में व्यापक संभावनाएं हैं। धार में पीएम मित्र पार्क की स्थापना से टेक्सटाइल सेक्टर को नई गति मिलने की उम्मीद है। प्रदेश वैश्विक कपास उत्पादन में भी महत्वपूर्ण योगदान देता है।
रिन्यूएबल एनर्जी क्षेत्र में पंप स्टोरेज यूनिट स्थापित की जा रही हैं। उद्योगों को एक रुपये में औद्योगिक भूमि और 4.36 रुपये प्रति यूनिट की दर से बिजली उपलब्ध कराने की पहल निवेशकों के लिए आकर्षण का केंद्र है। वहीं मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स पार्कों के जरिए प्रदेश में लॉजिस्टिक्स इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत किया जा रहा है।
अपर मुख्य मंडलोई ने कहा कि मध्य प्रदेश देश का तीसरा सबसे बड़ा दुग्ध उत्पादक राज्य है और गेहूं उत्पादन में भी अग्रणी है। ऐसे में फूड प्रोसेसिंग सेक्टर में निवेश की अपार संभावनाएं हैं। खनन और सीमेंट उद्योग भी तेजी से विस्तार कर रहे हैं और प्रदेश में सीमेंट प्लांट्स के विस्तार की प्रक्रिया जारी है।
पर्यटन क्षेत्र को निवेश और रोजगार का सशक्त माध्यम बताते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश में 18 यूनेस्को साइट, 9 टाइगर रिजर्व और 12 नेशनल पार्क हैं। उज्जैन के पास वेलनेस सेंटर भी स्थापित किया गया है। पर्यटन परियोजनाओं के लिए आवश्यक अनुमतियों की संख्या घटाकर केवल 10 रखी गई है।