भाई जगताप की टिप्पणी के बाद वर्षा गायकवाड ने स्पष्ट किया पार्टी का रुख
Varsha Gaikwad: कांग्रेस की मुंबई इकाई की प्रमुख वर्षा गायकवाड ने अपने सहयोगी भाई जगताप की आगामी नगर निकाय चुनावों के संबंध में गठबंधन को लेकर की गयी टिप्पणी के बाद अपनी पार्टी का रुख स्पष्ट किया।
- Written By: आंचल लोखंडे
वर्षा गायकवाड (सौजन्यः सोशल मीडिया)
Mumbai News: कांग्रेस की मुंबई इकाई की प्रमुख वर्षा गायकवाड ने अपने एक सहयोगी भाई जगताप की आगामी नगर निकाय चुनावों के संबंध में गठबंधन को लेकर की गयी टिप्पणी के बाद बुधवार को अपनी पार्टी का रुख स्पष्ट किया। जगताप की इन टिप्पणियों पर राज ठाकरे के नेतृत्व वाली महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। मनसे नेता यशवंत किलेदार ने जगताप की यह दावा करने के लिए कड़ी आलोचना की कि महानगरपालिका के चुनावों के लिए कांग्रेस और राज ठाकरे के नेतृत्व वाली पार्टी या उद्धव ठाकरे की शिवसेना (उबाठा) के बीच कोई गठबंधन नहीं होगा।
किलेदार ने पूछा, ‘‘भाई जगताप तो बस एक स्थानीय नेता हैं। कांग्रेस में अहम फैसले दिल्ली में शीर्ष नेतृत्व द्वारा लिए जाते हैं। और हम उनके पास कब कोई प्रस्ताव लेकर गए? हमने न तो कांग्रेस से गठबंधन के लिए संपर्क किया है और न ही कोई सार्वजनिक बयान दिया है। वह बेवजह हमारा नाम इसमें क्यों घसीट रहे हैं।” इस विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए गायकवाड ने जगताप की टिप्पणी को उनकी निजी राय बताया और कहा कि ऐसे फैसले व्यक्तिगत तौर पर नहीं लिए जाते हैं।
नेताओं और कार्यकर्ताओं ने अलग-अलग विचार
गायकवाड ने कहा, ‘‘हमारी एक समिति बैठक हुई जिसमें कई नेताओं और कार्यकर्ताओं ने अलग-अलग विचार व्यक्त किए। लेकिन अंतिम निर्णय हमारे केंद्रीय नेतृत्व, मल्लिकार्जुन खरगे, राहुल गांधी और सोनिया गांधी द्वारा लिया जाएगा और वे जो भी निर्णय लेंगे, हम उसका पालन करेंगे।”
सम्बंधित ख़बरें
गुवाहाटी हाईकोर्ट से लगा झटका तो सुप्रीम कोर्ट की शरण में पहुंचे पवन खेड़ा; क्या मिलेगी गिरफ्तारी से राहत?
देश की सबसे ऊंची मेट्रो लाइन का काम तेज, पश्चिम व मध्य रेलवे को करेगी क्रॉस, 42 मीटर का स्टील स्पैन हुआ लांच
परतवाडा मामले में तीसरी पीडिता आई सामने, एसआईटी को दिया बयान
अमरावती में पारा 46.8 डिग्री, भीषण गर्मी का कहर, पारा 46.8 पर पहुंचा, हीट वेव अलर्ट
ये भी पढ़े: जोर्वे में विखे-थोरात गुट चुनावी मैदान में आमने-सामने, उम्मीदवारों की तलाश जोरों पर
कानून-व्यवस्था
गायकवाड ने इस बात पर भी जोर दिया कि महा विकास अघाडी (एमवीए) का गठन ‘‘संविधान बचाने के उद्देश्य से एक न्यूनतम साझा कार्यक्रम” पर आधारित था। एमवीए में कांग्रेस, शिवसेना (उबाठा) और शरद पवार के नेतृत्व वाली राकांपा (शप) शामिल हैं। उन्होंने कहा, ‘‘हम उन पार्टियों के साथ रहेंगे जो संविधान को स्वीकार करती हैं और कानून-व्यवस्था को बनाए रखती हैं। हम उन पार्टियों के साथ गठबंधन नहीं करेंगे जो ऐसा नहीं करतीं।”
(एजेंसी इनपुट के साथ)
