Ulhasnagar: महापौर के लिए शिवसेना की अश्विनी निकम, उपमहापौर के लिए भाजपा के अमर लुंड का नामांकन
BJP Shiv Sena Alliance: उल्हासनगर महानगरपालिका में भाजपा-शिवसेना महायुति के तहत शिवसेना की अश्विनी निकम ने महापौर और भाजपा के अमर लुंड ने उपमहापौर पद के लिए नामांकन दाखिल किया है।
- Written By: आंचल लोखंडे
Ulhasnagar municipal corporation (सोर्सः सोशल मीडिया)
Ulhasnagar Municipal Corporation: उल्हासनगर महानगरपालिका में लंबे समय से चला आ रहा सत्ता संघर्ष आखिरकार समाप्त हो गया है। इसके साथ ही शहर की राजनीति में भाजपा-शिवसेना (महायुति) गठबंधन का एक नया अध्याय शुरू हो गया है, जिसकी औपचारिक शुरुआत शुक्रवार से हो गई। उल्लेखनीय है कि मनपा चुनाव में दोनों दल एक-दूसरे के खिलाफ लड़े थे, लेकिन अब सत्ता साझेदारी के लिए साथ आ गए हैं।
महायुति के वरिष्ठ नेताओं ने पावर शेयरिंग फॉर्मूले के तहत महापौर पद शिवसेना (शिंदे गुट) और उपमहापौर पद भाजपा को देने का निर्णय लिया है। इसी के अनुसार शुक्रवार को मनपा मुख्यालय में शिवसेना की अश्विनी कमलेश निकम ने महापौर पद के लिए, जबकि भाजपा के अमर लुंड ने उपमहापौर पद के लिए नामांकन पत्र दाखिल किए। स्पष्ट बहुमत होने के कारण महागठबंधन के दोनों उम्मीदवारों की जीत तय मानी जा रही है। आगामी 3 फरवरी को चयन प्रक्रिया की केवल औपचारिकता पूरी की जाएगी।
कालानी परिवार के प्रति निष्ठा बनी अश्विनी निकम के काम
नामांकन के दौरान मनपा मुख्यालय में राजनीतिक गहमागहमी देखने को मिली। इस अवसर पर कल्याण संसदीय क्षेत्र के सांसद डॉ. श्रीकांत शिंदे और भाजपा विधायक कुमार आयलानी उपस्थित रहे। इससे पहले महापौर पद के लिए शिवसेना के वरिष्ठ नगरसेवक राजेंद्र चौधरी और डिंपल ठाकुर के नाम भी चर्चा में थे, लेकिन अंतिम समय में पार्टी नेतृत्व ने अश्विनी निकम के नाम पर मुहर लगाकर सभी को चौंका दिया।
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पहली बार नगरसेविका चुनी गई अश्विनी निकम को सीधे शहर की प्रथम नागरिक बनाए जाने से राजनीतिक हलकों में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। उन्हें कालानी परिवार का करीबी माना जाता है। वहीं, नामांकन के समय वरिष्ठ नगरसेवक राजेंद्र चौधरी की अनुपस्थिति भी चर्चा का विषय बनी रही, जिससे पार्टी के भीतर नाराजगी की अटकलें लगाई जा रही हैं।
अब संभालेंगी महापौर पद
हालांकि, महायुति के पास स्पष्ट बहुमत होने के कारण विपक्ष कमजोर स्थिति में है। सांसद डॉ. श्रीकांत शिंदे का मानना है कि मनपा में अब कोई प्रभावी विपक्षी दल नहीं बचा है। अब यह देखना अहम होगा कि राज्य स्तर पर गठबंधन का असर स्थानीय राजनीति में कितना सकारात्मक साबित होता है और क्या इससे उल्हासनगर के विकास को नई गति मिलती है या आंतरिक असंतोष प्रशासन पर असर डालता है।
अश्विनी निकम के नामांकन के समय शिवसेना के कल्याण जिला प्रमुख गोपाल लांडगे, विधायक डॉ. बालाजी किणीकर, महेश सुखरमानी, जमनू पुरुस्वानी, प्रकाश माखीजा, अरुण आशान, अंबरनाथ नपा के पूर्व अध्यक्ष सुनील चौधरी सहित कई पदाधिकारी उपस्थित थे। वहीं, अमर लुंड के नामांकन के दौरान भाजपा विधायक कुमार आयलानी, भाजपा जिला अध्यक्ष राजेश वधारिया और प्रदीप रामचंदानी मौजूद रहे।
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प्रतिक्रिया
कल्याण लोकसभा क्षेत्र के सांसद डॉ. श्रीकांत शिंदे ने कहा कि केंद्र और राज्य में भाजपा-शिवसेना महायुति की सरकार है और उसी के अनुरूप स्थानीय स्तर पर भी मिलकर चुनाव लड़ने का निर्णय लिया गया है। वरिष्ठ नेताओं के निर्देश पर महापौर और उपमहापौर पद का चुनाव साथ मिलकर लड़ा जा रहा है। मनपा में इस गठबंधन के चलते विपक्ष लगभग समाप्त हो गया है। 3 फरवरी को महायुति के दोनों उम्मीदवार निर्वाचित होंगे। हमारा लक्ष्य उल्हासनगर में जनहित के कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करना और शहर को सुंदर व विकसित बनाना है।
