Maharashtra Budget: महाराष्ट्र बजट सत्र का आज आखिरी दिन, जानें सरकार ने कहां छोड़ी कसर और कहां दिखा असर

Maharashtra Budget 2025: महाराष्ट्र बजट सत्र का आज आखिरी दिन है। इतने दिनों में सरकार ने विधानसभा में कई तरह के मुद्दे उठाए। हालांकि, इस बीच सरकार ने आम जनता के लिए क्या फैसले लिए है।
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार वित्त एवं योजना मंत्री के तौर पर वर्ष 2025-26 के लिए सोमवार 10 मार्च यानी आज महायुति सरकार का पहला बजट पेश करेंगे। इस दौरान बजट में उन्हें इन खास बातों का ध्यान रखना होगा।
आज महाराष्ट्र का बजट पेश करेंगे अजित पवार (सौजन्य-एएनआई, कंसेप्ट फोटो)
Published on
Updated on

मुंबई: महाराष्ट्र में विधानमंडल का बजट सत्र आज समाप्त होने जा रहा है। 10 मार्च से शुरू इस बजट सत्र में आम आदमी के लिए सरकार ने क्या घोषणाएं की है, यह जानना बहुत जरूरी है। विधानसभा चुनाव में महागठबंधन सरकार को प्रचंड बहुमत मिलने के बाद यह पहला बजट था। चुनाव के दौरान किए गए वादों में से कितने वादे पूरे हुए है, यह जानना जरूरी है। इसलिए, सभी की नजर इस बात पर थी कि की गई घोषणाओं में से कितनी पूरी हुईं।

खासकर लोकसभा चुनाव में महयुति महागठबंधन को झटका लगने के बाद, इस सत्र में दो दिनों तक संविधान पर चर्चा हुई। इसके साथ ही औरंगजेब की कब्र, जयकुमार गोरे, दिशा सालियान मामले जैसे तमाम विवाद इस दौरान सभा में उठाए गए। हालांकि, इस बीच सत्र से आम आदमी को क्या मिला, यह सवाल का जवाब अभी तक साफ नहीं हो पाया है। उम्मीद थी कि इस सत्र में लाडकी बहिन योजना की राशि 1500 रुपये से बढ़ाकर 2100 रुपये कर दी जाएगी। हालांकि, यह उम्मीद विफल साबित हुई और ऐसा कुछ नहीं हुआ।

बजट सत्र में कौन सी घोषणाएं नहीं हुईं?

1. चुनाव से पहले की गई बड़ी घोषणाओं के लिए बजट में अलग से फंड का प्रावधान नहीं किया गया।

2. वादा किया गया था कि विधानसभा चुनाव में गेम चेंजर साबित हुई लड़की बहन योजना को 1500 रुपये से बढ़ाकर 2100 रुपये किया जाएगा। हालांकि, इस बजट में कोई घोषणा नहीं हो सकी।

3. चुनाव के दौरान किसानों के लिए कर्ज माफी की घोषणा की गई थी। हालांकि, इस बजट में यह घोषणा नहीं हो सकी।

4. यह निर्णय लिया गया कि प्रशिक्षु छात्रों (लाडका भाऊ) को 11 महीने से अधिक भत्ता नहीं मिलेगा।

सत्र में कौन सी बड़ी घोषणाएं की गईं?

1. अगले पांच वर्षों में 'सभी के लिए घर' के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए राज्य की नई आवास नीति की घोषणा जल्द ही की जाएगी। राज्य सरकार इस योजना के लिए सब्सिडी में 50 हजार रुपये की वृद्धि करेगी। इन सभी घरों की छतों पर सौर ऊर्जा सेट लगाए जाएंगे।

2. मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना चरण-1 का काम पूरा हो चुका है और चरण-2 के तहत 9 हजार 610 किलोमीटर सड़कों के उन्नयन का काम मार्च, 2026 के अंत तक पूरा करने की योजना है।

3. कभी नक्सल प्रभावित कहे जाने वाले गडचिरोली जिले को अब 'स्टील हब' के रूप में उभरने की घोषणा।

4. कृषि क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और अत्याधुनिक तकनीक के इस्तेमाल के लिए नीति बनाई जा रही है। किसानों को फसल नियोजन सलाह देने, उत्पादन लागत कम करने, उत्पादकता बढ़ाने, गुणवत्तापूर्ण कृषि उत्पाद तैयार करने और कृषि उत्पादों के लिए उचित और टिकाऊ बाजार उपलब्ध कराने के लिए 'आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस' तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा। पहले चरण में 50 हजार किसानों की एक लाख एकड़ जमीन को इसका लाभ मिलेगा। इसके लिए अगले दो वर्षों में 500 करोड़ रुपए का फंड उपलब्ध कराया जाएगा।

5. नदी जोड़ो परियोजना के तहत वैनगंगा-नलगंगा नदी जोड़ो परियोजना को सैद्धांतिक रूप से मंजूरी दी गई। इस परियोजना से नागपुर, वर्धा, अमरावती, यवतमाल, अकोला और बुलढाणा जैसे छह जिलों को लाभ मिलेगा। परियोजना का विस्तृत सर्वेक्षण और अन्वेषण कार्य शुरू हो गया है।

6. जलयुक्त शिवार अभियान 2.0 के तहत 5 हजार 818 गांवों में 4 हजार 227 करोड़ रुपए की लागत के 1 लाख 48 हजार 888 कार्य किए गए हैं। अभियान के तहत सभी कार्य मार्च, 2026 तक पूरे हो जाएंगे।

7. महाराष्ट्र में आगामी हवाई अड्डा नीति के संबंध में- शिरडी हवाई अड्डे के 1,367 करोड़ रुपए के विकास कार्यों को मंजूरी दी गई है और वे कार्य चल रहे हैं। रत्नागिरी हवाई अड्डे के 147 करोड़ रुपए के कार्य प्रगति पर हैं।

8. नई पीढ़ी को रोजगार के अवसर प्रदान करने और राज्य को नए उद्यमों में अग्रणी बनाने के लिए नवी मुंबई में 250 एकड़ क्षेत्र में एक नवाचार शहर, इनोवेशन सिटी की स्थापना की जाएगी।

9. अनुसूचित जाति योजना के प्रावधान में 42 प्रतिशत की पर्याप्त वृद्धि की घोषणा।

10. बिजली की दरें अन्य राज्यों की तुलना में कम हैं। महावितरण कंपनी ने अगले 5 वर्षों के लिए बिजली की दरें तय करने का प्रस्ताव महाराष्ट्र विद्युत नियामक आयोग को सौंपा है।

11. इसके साथ ही अमरावती में बेलोरा हवाई अड्डे का काम पूरा हो चुका है और 31 मार्च 2025 से यात्री सेवाएं शुरू करने की योजना है।

12. वडावन में तीसरा हवाई अड्डा - जवाहरलाल नेहरू बंदरगाह प्राधिकरण और महाराष्ट्र समुद्री बोर्ड संयुक्त रूप से पालघर जिले में ‘वडावन बंदरगाह’ विकसित कर रहे हैं। इस परियोजना की कुल लागत 76,220 करोड़ रुपये है, जिसमें राज्य सरकार की भागीदारी 26 प्रतिशत है।

Navbharat Live
navbharatlive.com