स्कूल के पास पेशाब करना पड़ा भारी, सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद ठाणे पुलिस ने लिया एक्शन

Thane News: महाराष्ट्र के ठाणे में सार्वजनिक स्थान पर गंदगी फैलाने वालों पर पुलिस का शिकंजा। स्कूल के पास पेशाब करने वाले दो लोगों का वीडियो इंस्टाग्राम पर वायरल होने के बाद दर्ज हुआ मुकदमा।
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(प्रतीकात्मक तस्वीर)
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Thane News In Hindi: महाराष्ट्र के ठाणे जिले में 'स्वच्छ भारत अभियान' की धज्जियां उड़ाने वाले दो लोगों के खिलाफ पुलिस ने कड़ी कार्रवाई की है। एक स्कूल के पास सार्वजनिक रूप से पेशाब करने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस ने स्वतः संज्ञान लेते हुए आरोपियों की पहचान की और उन पर गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया है।

इंस्टाग्राम वीडियो से खुला राज काशीगांव पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ निरीक्षक राहुल पाटिल की नजर इंस्टाग्राम पर वायरल हो रहे एक वीडियो पर पड़ी। इस वीडियो में दो व्यक्ति सड़क किनारे एक स्कूल के पास अश्लील तरीके से पेशाब करते नजर आ रहे थे। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत उपनिरीक्षक अभिजीत के नेतृत्व में एक टीम गठित की और आरोपियों की तलाश शुरू की।

आरोपियों की पहचान और धाराओं का जाल पुलिस ने तकनीकी जांच और वाहन के नंबर के आधार पर दोनों आरोपियों का पता लगा लिया है। आरोपियों की पहचान वाशिम शकील शेख (36) जो पेशे से एक वाहन चालक है और दिलीप राजेंद्र सिंह (44) जो एक निजी फर्म में कार्यरत है, के रूप में हुई है।

दोनों के खिलाफ मामला दर्ज

पुलिस अधिकारी के अनुसार, यह घटना 7 जनवरी की है। दोनों आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत मामला दर्ज किया गया है। आरोपियों पर केवल गंदगी फैलाने का ही नहीं, बल्कि जनस्वास्थ्य को खतरे में डालने का भी आरोप लगा है। उन पर निम्नलिखित आरोप लगाए गए हैं।

  • अश्लीलता (Obscenity): सार्वजनिक स्थान पर अमर्यादित आचरण के लिए।
  • संक्रमण फैलाने की संभावना: ऐसा कृत्य जिससे जीवन के लिए घातक बीमारी फैलने का खतरा हो।
  • अन्य संबंधित धाराएं: सार्वजनिक शांति और स्वच्छता भंग करने के लिए।

अभी तक नहीं हुई गिरफ्तारी

हालांकि पुलिस ने दोनों आरोपियों की पहचान कर ली है और FIR दर्ज हो चुकी है, लेकिन अभी तक उन्हें गिरफ्तार नहीं किया गया है। काशीगांव पुलिस मामले की आगे की जांच कर रही है और आरोपियों को नोटिस भेजकर पूछताछ के लिए बुलाया जा सकता है।

पुलिस ने इस कार्रवाई के जरिए नागरिकों को संदेश दिया है कि सार्वजनिक स्थानों पर, विशेषकर स्कूलों और अस्पतालों के पास इस तरह की हरकतें बर्दाश्त नहीं की जाएंगी। डिजिटल युग में हर नागरिक की नजर आप पर है और सोशल मीडिया पर वायरल होने वाले सबूत आपके लिए जेल की राह खोल सकते हैं।

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