विधायक संजय केलकर (सौ. सोशल मीडिया )
Thane School Fee Hike: शहर के राबोडी स्थित सरस्वती स्कूल की मनमानी फीस बढ़ोतरी, डिजिटलाइजेशन के नाम पर एक्स्ट्रा फीस, स्कूल का सामान खरीदने में मोनोपॉली और उसी स्कूल में तीन हजार रुपये एडमिशन फीस को लेकर अभिभावक नाराज हैं।
इस संदर्भ में अभिभावकों ने शनिवार को विधायक संजय केलकर से मुलाकात कर उन्हें ज्ञापन दिया। इस मौके पर विधायक केलकर ने कहा कि वे अभिभावकों की दिक्कतों को समझने के बाद कोई सकारात्मक समाधान निकालेंगे।
अभिभावकों की तरफ से दिए गए ज्ञापन के मुताबिक, स्कूल प्रबंधन ने बिना कोई पहले से नोटिस दिए ही आगामी शैक्षणिक वर्ष 2026-2027 के लिए फीस में 20 से 40 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी कर दी है। इस बारे में जब स्कूल प्रबंधन से बात की गई तो बताया गया कि स्टेट बोर्ड से सीबीएसई बोर्ड में बदलने की वजह से फीस बढ़ाई गई है। कक्षा 1 की फीस सीधे 48 हजार रुपये से बढ़ाकर 65 हजार रुपये कर दी गई है। यह फीस बढ़ोतरी मध्यम वर्ग के लोगों के लिए बहुत अधिक है।
अभिभावकों का कहना है कि कि बोर्ड बदलने का फैसला करते समय अभिभावकों को विश्वास में नहीं लिया गया और न ही उनकी आर्थिक स्थिति पर ध्यान दिया गया। बोर्ड बदलने की वजह बताते हुए उन्होंने कहा कि स्कूल प्रबंधन विद्यार्थियों को हर साल स्कूल से ही तीन से चार हजार रुपये की किताबें खरीदने के लिए मजबूर कर रहा है, यूनिफॉर्म सिर्फ दो खास वेंडर्स को भेजी जाती है।
अभिभावकों की तरफ से यह भी कहा गया है कि डिजिटलाइजेशन के नाम पर एक्स्ट्रा फीस वसूली जा रही है। बताया गया कि अभिभावकों ने इस फीस बढ़ोतरी के खिलाफ निवेदन देने की कोशिश की, तो प्रिंसिपल ने उसे लेने से मना कर दिया और शिकायत करने वाले अभिभावक और विद्यार्थियों के नाम मांगे। इससे अभिभावकों में डर पैदा हो गया है कि स्कूल में उनके बच्चों को परेशान किया जाएगा।
पत्रकारों से बातचीत के दौरान विधायक संजय केलकर ने कहा कि Thane में सीबीएससी बोर्ड के स्कूलों में हजारों अभिभावक इन दिक्कतों का सामना कर रहे है। उन्हें सरस्वती स्कूल से अभिभावकों की दिक्कतों के बारे में पता चला है।
वे इस बारे में शिक्षा अधिकारी और स्कूल ट्रस्टी से बात करेंगे और अभिभावकों व विद्यार्थियों के हित में फैसला लेंगे, यदि इससे बात नहीं बनी, तो वे शिक्षा मंत्री के साथ से बैठक करके पेरेंट्स को राहत दिलाने की कोशिश करेंगे।
परीक्षा खत्म होने के बाद अचानक फीस बढ़ाने और छात्रों से जबरन अतिरिक्त वसूली के आरोपों को लेकर शहाड स्थित मातोश्री वेलबाई देवजी हरिया कॉलेज विवादों में घिर गया है। प्रथमेश पाटील ने राज्य के उच्च व तकनीकी शिक्षा मंत्री, अपर मुख्य सचिव और मुंबई विश्वविद्यालय के कुलगुरु को पत्र लिखकर इस पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
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शिकायत के अनुसार, कॉलेज ने शैक्षणिक वर्ष 2025-26 की पूरी फीस पहले ही ले ली थी, लेकिन परीक्षा समाप्त होने के बाद नई फीस संरचना लागू कर दी। आरोप है कि अब छात्रों पर अतिरिक्त रकम भरने का दबाव बनाया जा रहा है, जो पूरी तरह गैरकानूनी है।