ठाणे मनपा में 10,000 करोड़ का महाघोटाला? BJP विधायक ने अपनी ही सरकार के खिलाफ खोला मोर्चा, जांच की मांग

Thane News: ठाणे महानगरपालिका में 600 करोड़ की वसूली में ढिलाई और 15,000 करोड़ की संपत्तियों को कौड़ियों के दाम बांटने का गंभीर आरोप लगा है। विधायक संजय केलकर ने विधानसभा में श्वेत पत्र की मांग की।
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विधायक संजय केलकर (सोर्स: सोशल मीडिया) (फाइल फोटो )
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Thane Municipal Corporation Scam: ठाणे महानगरपालिका पर शिवसेना-भाजपा युति सत्तारूढ़ है, इसके बावजूद भाजपा विधायक संजय केलकर ने ठाणे मनपा में सैकड़ों करोड़ रुपये के भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए सरकार से उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की है। उन्होंने मंगलवार को विधानसभा में एकत्रित प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान भूखंड घोटाले का मामला उठाते हुए कहा कि पिछले 10 सालों में लगभग 600 करोड़ की वसूली लायक रकम की वसूली नहीं हुई है, बल्कि बड़े डेवलपर्स को छोड़ दिया गया है। मनपा को दी गई 10 हजार करोड़ की निधि के इस्तेमाल में गड़बड़ियां हुई हैं।

भाजपा विधायक संजय केलकर ने कहा कि ठाणे मनपा के पास लगभग 15 हजार करोड़ की अचल प्रॉपर्टी है। जिसे कुछ रसूखदार लोगों और संस्थाओं को एक रुपये के मामूली किराए पर देकर बड़ा भ्रष्टाचार किया गया है।

मनपा के पास पौने 3 हजार करोड़ के खर्च का ब्यौरा नहीं

विधानसभा में चर्चा के दौरान विधायक केलकर ने कहा कि वर्ष 2021 से 2025 के बीच ठाणे मनपा को केंद्र और राज्य सरकार की अलग-अलग योजनाओं के तहत दस हजार करोड़ रुपए मिले हैं। लेकिन पौने तीन हजार करोड़ रुपए कैसे खर्च हुए मनपा इसका उत्तर नहीं दे पायी है। केलकर ने कहा कि बार-बार मांग करने के बाद 3 साल का ऑडिट कराया गया, लेकिन अभी भी यह अधूरा है।

एक रुपए के मामूली किराए पर दी गई अचल संपत्तियां

केलकर ने कहा कि एक तरफ मनपा ने सरकार से परिवहन सेवा के लिए 364 करोड़ रुपये यह कहते हुए मांगे है, कि विकास के काम करने के लिए खजाने में पैसे नहीं है। वहीं दूसरी तरफ बड़े डेवलपर्स को 600 करोड़ रुपये की वसूली की रकम वसूले बिना छोड़ दिया गया है। उन्होंने सदन का ध्यान इस और भी दिलाया कि मनपा बड़े डेवलपर्स और कंपनियों से सैकड़ों करोड़ रुपये वसूले बिना झोपड़पट्टियों और बीएसयूपी के निवासियों को नोटिस जारी कर रही है।

विधायक केलकर ने कहा कि ठाणे मनपा के पास शहर में 15 हजार करोड़ की अचल संपत्ति है, उन्हें खास लोगों और संस्थाओं को एक रुपये के मामूली सालाना किराए पर दिया गया है। केलकर ने आरोप लगाया कि यह प्रॉपर्टी महानगरपालिका की इनकम का एक अहम सोर्स है, लेकिन इसका इस्तेमाल कोई तीसरा पक्ष कर रहा है और लाखों रुपये कमा रहा है, केलकर ने इस डिपार्टमेंट के लिए व्हाइट पेपर जारी करने की मांग की। उन्होंने कहा कि बिल्डर ने एफएसआई बढ़ाने के बदले में महाडा को दिए जाने वाले फ्लैट भी गैर-कानूनी तरीके से बेच दिए।

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