जैन धर्म पर मंत्री Mangal Prabhat Lodha का बड़ा बयान, अल्पसंख्यक दर्जे पर पुनर्विचार की सलाह

Minister Mangal Prabhat Lodha ने जैन धर्म को हिंदू संस्कृति का हिस्सा बताते हुए अल्पसंख्यक दर्जे पर पुनर्विचार की बात कही। बयान के बाद सामाजिक और राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है।
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मंगल प्रभात लोढ़ा (सौ. सोशल मीडिया )
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Mangal Prabhat Lodha Statement Jain Minority: महाराष्ट्र सरकार के कैबिनेट मंत्री मंगलप्रभात लोढ़ा ने एक महत्वपूर्ण बयान में कहा है कि जैन धर्म मूलतः हिंदू संस्कृति का ही हिस्सा और जैन समाज को अब अल्पसंख्यक दर्जे से बाहर आने पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।

मंत्रालय में पत्रकारों से बातचीत करते हुए मंत्री Mangal Prabhat Lodha ने कहा कि भले ही जैन धर्मियों की पूजा पद्धति भिन्न हो, परंतु सांस्कृतिक दृष्टि से वे हिंदू ही हैं। उन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के संस्थापक केशव बलिराम हेडगेवार की जयंती का उल्लेख करते हुए कहा, 'जब तक हिंदू समाज एकजुट नहीं होगा, तब तक सशक्त राष्ट्र निर्माण संभव नहीं है।'

Mangal Prabhat Lodha का बयान

मंत्री लोढ़ा ने आरोप लगाया कि मुगलों और अंग्रेजों ने 'फूट डालो और राज करो' की नीति से समाज को तोड़ा। स्वतंत्रता के बाद कांग्रेस ने भी इसी नीति को आगे बढ़ाते हुए हिंदू समाज को जाति और धर्म के आधार पर विभाजित किया। उन्होंने आरोप लगाया कि जैन और हिंदू समाज के बीच भी राजनीतिक कारणों से जानबूझकर दूरी बनाई गई, जबकि मुस्लिम समाज की विभिन्न जातियों को एकजुट रखा गया।

दक्षिण भारत में घट रही जैन समाज की जनसंख्या

  • मंत्री लोढ़ा ने दक्षिण भारत का उदाहरण देते हुए बताया कि एक समय वहां जैन समाज की आबादी 22-23 प्रतिशत थी, जो आज घटकर मात्र 3 प्रतिशत रह गई है। उन्होंने इसे राजनीतिक षड्यंत्र का परिणाम बताया।
  • राम जन्मभूमि आंदोलन का स्मरण कराते हुए लोढ़ा ने कहा कि उस दौरान 'हम हिंदू हैं' की भावना प्रबल हुई थी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आज धार्मिक समरसता बनाए रखते हुए सभी भेद मिटाकर एक साथ आगे बढ़ने का सुअवसर है।
  • जैन मुनियों से चर्चा, कानूनी प्रक्रिया पर विचार संभव: मंत्री लोढ़ा ने बताया कि इस विषय पर अनेक जैन मुनियों और समाज के प्रमुख व्यक्त्तियों से विचार-विमर्श हो चुका है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि इस पर व्यापक सहमति बनती है, तो आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पर भी विचार किया जाएगा।
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