Mumbai: सयाजी शिंदे ने राज ठाकरे से की मुलाकात, बोले-फॉरेस्ट रिजर्व में पेड़ क्यों काटें?
Nashik के तपोवन में साधू ग्राम के लिए 1800 पेड़ काटने के फैसले पर विवाद तेज हो गया है। सयाजी शिंदे ने राज ठाकरे से मुलाकात की, जिन्होंने आंदोलन को समर्थन दिया और पर्यावरण बचाने की मांग उठाई।
- Written By: अपूर्वा नायक
राज ठाकरे और सयाजी शिंदे (सौ. सोशल मीडिया )
Mumbai News In Hindi: नासिक जिले के तपोवन में पेड़ों की कटाई का मामला गरमाता जा रहा है। कुंभ मेले के लिए तपोवन में बनाए जाने वाले साधू ग्राम के लिए पेड़ों की कटाई की जानी है। वृक्षों के काटने के विरोध में उतरे फिल्म अभिनेता सयाजी शिंदे ने सोमवार को मनसे प्रमुख राज ठाकरे से उनके दादर स्थित आवास पर मुलाकात की।
राज ने तपोवन आंदोलन को समर्थन दिया है। नासिक में आयोजित होने वाले कुंभमेले की तैयारियां चल रही हैं, तपोवन इलाके में साधू ग्राम बनाने के लिए राज्य सरकार और नासिक मनपा ने 1800 पेड़ काटने का फैसला किया है। इसका स्थानीय नागरिक, पर्यावरणविद, सामाजिक संगठन पेड़ काटने का कड़ा विरोध कर रहे हैं।
शिंदे ने बताया पेड़ों को बचाने के लिए राज से हुई बातचीत
इसका विरोध मनसे प्रमुख राज ठाकरे ने भी किया है। फिल्म अभिनेत्ता सयाजी शिंदे लगातार आवाज मुखर किए हुए हैं। राज ठाकरे से मिलने पहुंचे सयाजी शिंदे के साथ मनसे चित्रपट सेना के प्रमुख अमेय खोपकर भी थे, राज ने भरोसा दिलाया कि पर्यावरण सुरक्षा के लिए वे जरूरी सहयोग देने को तैयार हैं।
सम्बंधित ख़बरें
लेफ्ट फ्रंट को हटा अपनी सरकार बनाना चाह रही है कांग्रेसः निरुपम ने कहा INDI गठबंधन के भीतर चल रहा है मतभेद
रक्षा मंत्री की पाकिस्तान को कड़ी चेतावनी- ‘नापाक हरकतें नहीं रोकी तो दाना-पानी कर देंगे बंद’
महिला कार्यकर्ताओं तक पहुंच बढ़ाने के लिए शिवसेना चलाएगी विशेष अभियान, जानें क्या है एकनाथ शिंदे की रणनीति
जोगेश्वरी में विकसित भारत संकल्प सम्मेलन का आयोजन, PM Modi के 12 वर्ष पूरे होने पर भाजपा ने गिनाईं उपलब्धियां
मुलाकात के बाद शिंदे ने बताया कि पेड़ों को बचाने के लिए राज से बातचीत हुई अलग-अलग पेड वगैरह नहीं लगाए जा सकते, 15 फुट के पेड़ों का कोई मतलब नहीं है, सवाल है कि उन पेड़ों को क्यों काटा जाए?
ये भी पढ़ें :- Mumbai: जीजामाता नगर रीडेवलपमेंट का मामला, दरेकर के आश्वासन पर रहवासियों ने तोड़ा अनशन
कुंभ मेले का सम्मान है। लेकिन जो पेड़ अभी वहां है, उन्हें नहीं काटा जाना चाहिए, यह एक फॉरेस्ट रिजर्व है। पेड़ों को नहीं काटा जाना चाहिए, यही हमारी बात है। राज ठाकरे ने तपोवन आंदोलन का समर्थन किया है। हम उन लोगों से भी मिलेंगे जिन्होंने हमारा समर्थन किया है। हम उद्धव ठाकरे से भी मिलेगे।
