राकांपा के दोनों गुटों के एकजुट होने की कोई गुंजाइश नहीं! सुप्रिया सुले ने टाल दिया अटकलों पर जवाब देना
सुप्रिया सुले ने राकांपा के दोनों गुटों के फिर एकजुट होने की अटकलों से जुड़े सवाल का मंगलवार को जवाब देने से बचते हुए कहा कि वह अन्य जिम्मेदारियों में व्यस्त हैं और उनके पास पार्टी मामलों पर चर्चा करने का समय नहीं है।
- Written By: आंचल लोखंडे
राकांपा के गुटों के एकजुट होने की कोई गुंजाइश नहीं (सौजन्यः सोशल मीडिया)
मुंबई: राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी-शरदचंद्र पवार (राकांपा-एसपी) की कार्यकारी अध्यक्ष सुप्रिया सुले ने राकांपा के दोनों गुटों के फिर एकजुट होने की अटकलों से जुड़े सवाल का मंगलवार को सीधा जवाब देने से बचते हुए कहा कि वह अन्य जिम्मेदारियों में व्यस्त हैं और उनके पास पार्टी मामलों पर चर्चा करने का समय नहीं है। सुले से जब पूछा गया कि मंगलवार को राकांपा के 26वें स्थापना दिवस पर क्या वह अपने ताऊ के बेटे एवं प्रतिद्वंद्वी राकांपा प्रमुख अजित पवार को याद कर रही हैं, तो लोकसभा सदस्य ने संवाददाताओं से कहा कि उनके छह भाई हैं और वह उन्हें रोजाना याद करती हैं।
यह पूछे जाने पर कि क्या वह पार्टी के स्थापना दिवस पर महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार को बधाई देने के लिए फोन करेंगी, सुले ने कहा, “मैं अपने सभी भाइयों से अलग-अलग अवसरों पर बात करती रहती हूं।” शरद पवार द्वारा स्थापित राकांपा जुलाई 2023 में उस समय विभाजित हो गई थी जब उनके भतीजे अजित पवार शिवसेना-भाजपा (भारतीय जनता पार्टी) के गठबंधन वाली सरकार में शामिल हो गए थे। पार्टी का नाम और उसका चुनाव चिह्न अजित पवार गुट को दिया गया जबकि पूर्व केंद्रीय कृषि मंत्री की अगुआई वाले गुट का नाम राकांपा (शरदचंद्र पवार) रखा गया।
अटकलें- अटकलें ही बनी हुई है
ऐसी अटकलें लगाई जा रही हैं कि दोनों गुट आपसी मतभेद भुलाकर फिर से एक होने की सोच रहे हैं। राकांपा (एसपी) के एक वर्ग की भी यही राय होने और पार्टी संबंधी सभी फैसले सुले द्वारा ही लिए जाने संबंधी शरद पवार के बयान को लेकर सवाल किए जाने पर उन्होंने कहा, “पिछले 15 दिन से मुझे पार्टी नेताओं से पार्टी मामलों पर चर्चा करने या अपने परिवार से मिलने का समय नहीं मिला है।” उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में हर किसी को अपने विचार और राय व्यक्त करने का अधिकार है।
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राकांपा शरद पवार द्वारा स्थापित एक संगठन
उन्होंने कहा, “राकांपा शरद पवार द्वारा स्थापित एक संगठन है और यह 26 वर्ष से कार्यरत है। सभी ने, चाहे वे हमारे साथ हों या नहीं, पार्टी के विकास में योगदान दिया है। यह मिलकर किया गया काम है। मैं आर आर पाटिल को याद कर रही हूं जो अब नहीं रहे।” सुले ने हाल में एक सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किया था और ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद भारत के रुख से अवगत कराने के लिए कुछ देशों की यात्रा की थी। सांसद ने कहा कि वह आज शाम में नई दिल्ली रवाना होंगी, जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विदेश यात्रा करके लौटे सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडलों के सदस्यों से मिलेंगे।
(एजेंसी इनपुट के साथ)
