सीएम फडणवीस (pic credit; social media)
Maharashtra News: महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शुक्रवार को राज्य को डिजिटल, पारदर्शी और नागरिक-हितैषी प्रशासन की ओर ले जाने का संकल्प दोहराया। उन्होंने कहा कि शासन को आम नागरिकों के और करीब लाने तथा सेवाओं की गति और पारदर्शिता बढ़ाने के लिए तकनीक का अधिकतम उपयोग किया जाएगा।
मुख्यमंत्री सह्याद्री गेस्ट हाउस, मुंबई में आयोजित ‘150 दिवसीय कार्य योजना’ की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। यह कार्यक्रम मुख्य रूप से ई-गवर्नेंस और सरकारी सेवाओं के सुधार पर केंद्रित है। बैठक में विभिन्न विभागों के सचिव, जिला कलेक्टर, नगर आयुक्त और वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौजूद थे।
फडणवीस ने बैठक के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए लिखा कि “महाराष्ट्र डिजिटल, पारदर्शी और नागरिक-हितैषी की ओर बढ़ रहा है।”
उन्होंने बताया कि इस अभियान में कई महत्वपूर्ण पहलें शामिल हैं—जैसे ई-ऑफिस प्रणाली, डैशबोर्ड, नई परियोजनाओं की शुरुआत, वेबसाइटों का उन्नयन और आपदा प्रबंधन की बेहतर तैयारी। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे केवल नई योजनाएं ही न लाएँ, बल्कि उनकी निरंतरता और प्रभावी क्रियान्वयन भी सुनिश्चित करें।
मुख्यमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि एक ऐसा मजबूत तंत्र बनाया जाए, जो नागरिकों को सीधे सरकारी सेवाओं से जोड़े। इससे सेवाओं का तेज़, पारदर्शी और सुलभ वितरण सुनिश्चित होगा।
फडणवीस ने स्पष्ट कहा कि इस 150 दिवसीय कार्यक्रम के दौरान अधिकतम लक्ष्य हासिल करने होंगे। खासकर शासन में तकनीक के प्रयोग, कुशल जनशक्ति के विकास और संगठित प्रयासों पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि यदि यह कार्यक्रम प्रभावी रूप से लागू होता है तो महाराष्ट्र एक आधुनिक, कुशल और नागरिक-हितैषी प्रशासन की दिशा में बड़ी छलांग लगाएगा।