ST Bus: पुरानी खटारा बसें होंगी रिटायर, एसटी बेड़े में जुड़ेंगी स्मार्ट एआई बसें

Maharashtra ST Bus जल्द ही सफर को आरामदायक बनाने जा रही है। दिसंबर 2026 तक 8,300 नई बसें जोड़ी जाएंगी, जिनमें एआई आधारित सुरक्षा सिस्टम और आधुनिक सुविधाएं होगी।
E Bus (pic credit; social media)
एसी इलेक्ट्रिक बस (pic credit; social media)
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Maharashtra ST Bus: महाराष्ट्र राज्य मार्ग परिवहन महामंडल (एमएसआरटीसी) जिसे एसटी के नाम से भी जाना जाता है। उसमें अब तक कई खटारा बसों का इस्तेमाल किया जा रहा है, जिससे यात्रियों का सफर आरामदायक की बजाय पीड़ादायक होता है।

कहीं सीट के गद्दे फटे हुए होते हैं तो कहीं सीट टूटी रहती है। जिससे लंबा सफर यात्रियों के लिए मुसीबत बन जाता है और यह एक डरावना अनुभव होता है। पुरानी होने के कारण कई बसों को मरम्मत की आवश्यकता पड़ती है।

लेकिन अब माना जा रहा है कि यह सफर सुहावना हो जाएगा, क्योंकि जल्द ही एसटी के बेड़े में 8 से अधिक बसें शामिल होने वाली हैं। ये बसें पारंपरिक एसटी बसों 8 हजार के मुकाबले एडवांस रहेंगी, जिससे यात्रियों को बेहतर सुविधा का एहसास होगा।

आधुनिक और बेहतर सेवा पर एसटी का जोर

एसटी अपनी बस सेवाओं को आधुनिक और सुविधाजनक बनाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। वर्ष 2026 के दिसंबर महीने तक अपने बेड़े में लगभग 8,300 नई बसें जोड़ने का निर्णय एसटी प्रशासन ने लिया है। इनमें डीलक्स, स्मार्ट, वोल्वो (सीटिंग और स्लीपर) तथा मिनी बसों का समावेश रहेगा।

यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए प्रशासन ने यह निर्णय लिया है, ताकि ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में यात्रियों को बेहतर सेवा उपलब्ध हो यात्रा अधिक आरामदायक, समयबद्ध और सुरक्षित होने की उम्मीद जताई जा रही है। एसटी की नई बसों के आने से एस टी राज्य परिवहन अधिकारियों के अनुसार, आने वाले समय में एमएसआरटीसी इलेट्रिक बसों पर भी जोर दे रहा है। सरकार की ई-वाहन नीति के अंतर्गत निगम हर वर्ष कम से कम 1,000 स्मार्ट ई-बसे खरीदेगा। ये बसें प्रशासन की अपनी संपत्ति होंगी, यानी इन्हें लीज पर नहीं लिया जाएगा।

बसों में एआई का इस्तेमाल

  • नई ई-बसे कृत्रिम बुद्धिमता (एआई) आधारित सुरक्षा प्रणाली से लैस होंगी, इनमें कैमरे, अलार्म सिस्टम, सेंसर और स्वचालित नियंत्रण जैसी सुविधाएं होगी, जिससे किसी आपात स्थिति, जैसे आग लगने या तकनीकी खराबी में तुरंत कार्रवाई की जा सकेगी। हाल ही में बस हादसों को देखते हुए सुरक्षा उपायों पर विशेष बल दिया गया है।
  • एमएसआरटीसी का लक्ष्य है कि आने वाले दो वर्षों में यात्रियों को न केवल आधुनिक सुविधाएं मिलें बल्कि ग्रामीण इलाकों को शहरों से जोडने वाली सेवाएं भी सशक्त हीं। इसके साथ ही बस अम्रों के नवीनीकरण, टिकट बुकिंग प्रणाली के डिजिटलीकरण और चालक-परिचालक प्रतिक्षण कार्यक्रमों को भी गति दी जा रही है, परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने बताया कि यह परियोजना राज्य के परिवहन तंत्र में नया अध्याय खोलेगी और लाखों यात्रियों को प्रतिदिन बेहतर सुविधा का अनुभव प्रदान करेगी।
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