Devendra Fadnavis On Ashok Kharat Case (फोटो क्रेडिट-X)
Ashok Kharat Property Investigation: नासिक सेक्स स्कैंडल के आरोपी ढोंगी तांत्रिक अशोक खरात के काले कारनामों का अंत होता दिखाई नहीं दे रहा है।
एसआईटी जांच में हर रोज नए खुलासे हो रहे हैं। राज्य के मंत्रियों और बड़े राजनीतिक नेताओं को अपने झांसे में लेकर चर्चित हुआ खरात अरबों की संपत्ति का मालिक निकला।
जांच में उसके और परिवार के नाम पर नासिक शहर सहित सिन्नर, अहिल्यानगर के शिरडी, राहाता, निघोज, निमगांव कोरहाले में अरबों रुपये की जमीन और संपत्तियां दर्ज हैं। नासिक शहर की एक जमीन में ठाणे के एक बड़े प्रशासनिक अफसर के साझेदार होने की भी बात सामने आई है।
महिला के यौन शोषण के मामले में केस दर्ज होने के बाद पुलिस ने खरात के शहर स्थित बंगले, कार्यालय और सिन्नर के फार्महाउस की तलाशी ली। इस दौरान पिस्तौल, जिंदा कारतूस, 8 लाख रुपये नकद, दो लैपटॉप और संपत्ति से जुड़े दस्तावेज जब्त किए गए। उधर, सत्ता पक्ष के बड़े नाम खरात के साथ जुड़ने के बाद विपक्ष लगातार हमले कर रहा है।
इसे देखते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने रविवार को कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि इस मामले से जुड़े सारे काले चिट्ठे मेरे पास हैं। इस गंभीर मामले को राजनीतिक रंग देने की कोशिश नहीं की जानी चाहिए। यह मामला बेहद गंभीर है और इसका खुलासा इंटेलिजेंस के आधार पर किया गया है।
उन्होंने बताया कि सामाजिक दबाव और शर्म के कारण पीड़ित महिलाएं तुरंत सामने नहीं आतीं, लेकिन सरकार उन्हें आगे आने के लिए प्रोत्साहित कर रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस पूरे मामले की निगरानी वरिष्ठ स्तर पर की जा रही है और पुलिस तथा एसआईटी मिलकर जांच कर रही हैं। किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।
इस मामले को राजनीतिक रंग देने की कोशिश कर रहे है। मेरे पास ऐसे लोगों के भी सबूत है जो खरात के संपर्क में थे, लेकिन कार्रवाई कानून के आधार पर ही होगी। सिर्फ किसी के मिलने से कार्रवाई नहीं की जा सकती, लेकिन संलिप्तता पाई गई तो जरूर कार्रवाई होगी। मुख्यमंत्री ने सवाल किया कि आखिर अशोक खरात की संस्था को 40 किलोमीटर लंबी पानी की लाइन किसने मंजूर की? उन्होंने विपक्ष से पूछा कि इस मुद्दे पर चुप्पी क्यों साधी जा रही है।
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कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार ने सरकार पर हमला करते हुए कहा कि खरात मामले में करीब 200 वीडियो हैं। उनमें से 90 आपत्तिजनक हैं। इसमें कई मंत्री, कई आईएएस अधिकारी है। उन सभी को नौकरी से निकाल देना चाहिए।
मंत्रियों और अन्य नेताओं पर भी कार्रवाई होनी चाहिए। इस बेहद गंभीर मामले को बजट सत्र में सोमवार को विधानसभा में उठाया जाएगा, सरकार को जवाब देना होगा।