अमरावती में बच्चू कडू का शक्ति प्रदर्शन, शिवसेना में शामिल होने के बाद निकाली भव्य रैली
Bacchu Kadu: अमरावती में बच्चू कडू ने शिवसेना (शिंदे गुट) में शामिल होने के बाद भव्य रैली निकालकर शक्ति प्रदर्शन किया और कहा कि झंडा बदला है, लेकिन जनसेवा का एजेंडा वही रहेगा।
- Written By: आंचल लोखंडे
Bacchu Kadu (सोर्सः सोशल मीडिया)
Amravati Political Rally: बच्चू कडू ने शिवसेना (शिंदे गुट) में प्रवेश करने और विधान परिषद सदस्य बनने के बाद जिले में शक्ति प्रदर्शन किया। राजकमल चौक के नेहरू मैदान से विशाल रैली निकाली विविध चौराहों पर भ्रमण किया गया। अपने राजनीतिक सफर के नए अध्याय की शुरुआत बच्चू कडू ने अपने पैतृक गांव बेलोरा से की। उन्होंने सबसे पहले अपने माता-पिता की समाधि पर जाकर आशीर्वाद लिया।
यह क्षण उनके और वहां मौजूद ग्रामीणों के लिए काफी भावुक कर देने वाला था। इसके बाद गांव में ढोल-ताशों और आतिशबाजी के साथ उनका शाही स्वागत किया गया। रास्ते में जगह-जगह उन पर फूलों की वर्षा की गई और समर्थकों ने जोरदार नारेबाजी की। इस भव्य स्वागत ने राजनीतिक गलियारों में यह संदेश दे दिया है कि बच्चू कडू का जनाधार और सियासी ताकत आज भी बरकरार है।
विधानपरिषद उमेदवारी अर्ज दाखल केल्यानंतर रायगड येथे जाऊन छत्रपती शिवरायांना विनम्र अभिवादन केले. छत्रपती शिवरायांनी उभे केलेले रयतेचे, न्यायाचे आणि स्वाभिमानाचे राज्य हेच आमच्यासाठी प्रेरणास्थान आहे. त्याच आदर्शांचा वारसा पुढे नेत शेतकरी, शेतमजूर, दिव्यांग, विधवा, वंचीतासाठी… pic.twitter.com/uiguTN5DIk — BACCHU KADU (@RealBacchuKadu) May 1, 2026
सम्बंधित ख़बरें
आशीष जायसवाल ने लिया ‘समृद्ध गढ़चिरोली’ का संकल्प, विकास-शांति-पर्यावरण पर फोकस
तुमसर में 36 लाख की CCTV परियोजना फेल, एक महीने में ही सिस्टम ठप, सुरक्षा पर खतरा
महाराष्ट्र स्थापना दिवस पर वर्धा में भव्य समारोह, पालकमंत्री पंकज भोयर का संबोधन
अहिल्यानगर में ‘ग्रीन सिटी’ अभियान की शुरुआत, पर्यावरण संरक्षण को जन आंदोलन बनाने पर जोर: विखे पाटिल
जनता को ही नेता माना
बच्चू कडू ने अपने फैसले पर खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि मैंने शिवसेना में शामिल होने का निर्णय किसी मजबूरी में नहीं, बल्कि परिस्थितियों के कारण लिया है। पिछले 25 वर्षों से मैं जनता को ही अपना नेता मानता आ रहा था, लेकिन जब चुनाव आए तो प्रहार के नाम पर जीत न मिलने के डर से हमारे कई कार्यकर्ता दूसरी पार्टियों में चले गए।
ये भी पढ़े: नांदगांव खंडेश्वर में महिला से यौन शोषण, जबरन गर्भपात का मामला दर्ज
झंडा बदला है, एजेंडा नहीं
बच्चू कडू ने स्पष्ट किया कि उनकी मूल विचारधारा में कोई बदलाव नहीं आएगा। उन्होंने हुंकार भरते हुए कहा कि अब मैं धनुष-बाण के जरिए – ‘प्रहार’ करूंगा। झंडा जरूर बदला है, लेकिन मेरा जनसेवा का एजेंडा वही रहेगा जो पिछले 25 सालों से है।
