ब्रह्मा गलत हो सकते हैं, पर फडणवीस नहीं, अपराध की बाढ़ व गृहमंत्री के बयान पर भड़कीं सुषमा अंधारे
Sushma Andhare Statement Nasrapur Case: राजनीति न करें, फडणवीस जी अभी पार्टी तोड़ने में व्यस्त हैं! सुषमा अंधारे ने विदर्भ, बदलापुर और नसरापुर की घटनाओं को लेकर गृहमंत्री पर साधा तीखा निशाना।
- Written By: गोरक्ष पोफली
सुषमा अंधारे व देवेंद्र फडणवीस (एआई फोटो)
Sushma Andhare Slams Devendra Fadnavis: महाराष्ट्र में महिलाओं और मासूम बच्चियों के खिलाफ बढ़ते अपराधों ने राज्य की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवालिया निशान लगा दिए हैं। एक ओर जहाँ नसरापुर, बदलापुर और विदर्भ जैसी घटनाओं से जनता आक्रोशित है, वहीं दूसरी ओर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जुबानी जंग अपने चरम पर पहुँच गई है। शिवसेना (UBT) की फायरब्रांड नेता सुषमा अंधारे ने गृहमंत्री देवेंद्र फडणवीस के राजनीति न करें वाले बयान पर अब तक का सबसे तीखा और मर्मभेदी प्रहार किया है।
शशश… साहेब उदात्त कार्य में व्यस्त हैं
सुषमा अंधारे ने अपने सोशल मीडिया और सार्वजनिक बयानों के जरिए फडणवीस सरकार की प्राथमिकताओं पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा, शशश… कोई भी राजनीति न करें। हमारे माननीय फडणवीस साहब इस वक्त पार्टी फोड़ने और विधायक तोड़ने जैसे अत्यंत महत्वपूर्ण और उदात्त समाजसेवा के कार्यों में व्यस्त हैं। उन्हें परेशान करना ठीक नहीं है।
अंधारे का यह कटाक्ष सीधे तौर पर उस समय आया है जब फडणवीस ने विपक्ष को अपराध के मुद्दों पर राजनीति न करने की सलाह दी थी। अंधारे ने कहा कि सरकार के लिए इन्फ्रा मैन का क्रेडिट लेना और दूसरे दलों को ठिकाने लगाना ज्यादा जरूरी है, न कि सूबे की बहन-बेटियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना।
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अपराधों की फेहरिस्त और सिस्टम पर तंज
सुष्मा अंधारे ने महाराष्ट्र के अलग-अलग हिस्सों में हुई दरिंदगी की घटनाओं को एक साथ रखकर गृह मंत्रालय को आईना दिखाया। उन्होंने इन घटनाओं का हवाला दिया
- विदर्भ: जहाँ एक महिला के साथ सामूहिक बलात्कार की रूह कपा देने वाली घटना हुई।
- वसई: जहाँ एक युवती को सरेआम हथौड़े से मारकर मौत के घाट उतार दिया गया।
- येरवडा: जहाँ एक कामकाजी महिला पर पुरुष द्वारा हिंसक हमला किया गया।
- परभणी: यहाँ एक 6 वर्ष की मासूम के साथ उसके शिक्षक ने दुराचार किया, और विडंबना देखिए कि वह आरोपी बेल पर बाहर घूम रहा है।
- बदलापुर, सतारा और नसरापुर: जहाँ 3 से 4 साल की मासूम कलियों को कुचल दिया गया।
अंधारे ने कहा, चाहे आपके बच्चे मर जाएं, पर गृहमंत्री से सवाल न करें, क्योंकि यह राजनीति कहलाएगी। शायद ब्रह्मांड के रचयिता ब्रह्मा से गलती हो सकती है, लेकिन हमारे गृहमंत्री फडणवीस से कभी कोई चूक नहीं हो सकती।
मानवीय संवेदना और सियासी इंफ्रास्ट्रक्चर
अंधारे उस दर्द को उजागर कर रही हैं, जिसे आंकड़े अक्सर छिपा लेते हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या सड़कों और पुलों का इन्फ्रास्ट्रक्चर बनाना ही विकास है? क्या उस समाज का कोई भविष्य है जहाँ 4 साल की बच्ची अपने पड़ोस या स्कूल में सुरक्षित नहीं है?
अंधारे ने आरोप लगाया कि गृहमंत्री देवेंद्र फडणवीस का पूरा ध्यान प्रशासन के बजाय अपनी राजनीतिक बिसात बिछाने पर है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जब तक विपक्षी दलों को खत्म करने और अपनी सत्ता को मजबूत करने का पुनीत कार्य चल रहा है, तब तक जनता को अपने दुख दबाकर रखने चाहिए।
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विकास बनाम सुरक्षा की बहस
सुषमा अंधारे का यह बयान केवल एक राजनीतिक हमला नहीं है, बल्कि यह उन परिवारों की सिसकियों का प्रतिनिधित्व करता है जिन्होंने व्यवस्था की खामियों के कारण अपनों को खोया है। महाराष्ट्र की राजनीति में यह बहस अब विकास बनाम सुरक्षा के एक नए मोड़ पर पहुँच गई है। क्या सरकार इन तीखे सवालों का जवाब अपने काम से देगी, या फिर राजनीति न करें के नारे के पीछे ढाल तलाशती रहेगी?
