मारेगांव में शिवाजी महाराज की प्रतिमा को लेकर बवाल, 4 पर केस, 42 आंदोलनकारी भी आरोपी
Maregaon Statue Controversy: मारेगांव में छत्रपति शिवाजी महाराज की अनधिकृत प्रतिमा स्थापित किए जाने के बाद प्रशासन द्वारा हटाने पर तनाव पैदा हो गया, जिसमें 4 लोगों और 42 आंदोलनकारियों पर FIR दर्ज की।
- Written By: आंचल लोखंडे
Shivaji Maharaj Statue (सोर्सः फाइल फोटो- सोशल मीडिया)
Yavatmal Protest: महाराष्ट्र दिवस की पृष्ठभूमि में रात के समय शहर के मार्डी चौक में छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा स्थापित किए जाने से तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई। बिना आधिकारिक अनुमति के प्रतिमा लगाए जाने का कारण बताते हुए प्रशासन ने जब प्रतिमा हटाई, शिवामियों ने तीव नारतजगी व्यक्त की कुछ समय के लिए शहर में तनावपूर्ण माहौल बना रहा। प्रतिमा स्थापित करने वाले 4 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है, वहीं प्रतिमा हटाने का विरोध करते हुए सड़क पर बैठकर आंदोलन करने वाले 42 लोगों पर भी शासकीय कार्य में बाधा डालने का मामला दर्ज किया गया है।
शहर में छत्रपति शिवाजी महाराज का कोई भी अधिकृत स्मारक या प्रतिमा नहीं होने की बात व्यक्त करते हुए शिवप्रेमियों ने 1 मई की रात माडी चौक में प्रतिमा स्थापित की। किसी को भनक न लगे, इसका ध्यान रखते हुए कुछ ही घंटों में यह प्रतिमा खड़ी कर दी गई। सुबह होते ही यह खबर पूरे शहर में फैल गई और खलबली मच गई। अनधिकृत प्रतिमा स्थापित किए जाने की जानकारी मिलते ही जिला प्रशासन हरकत मामला दर्ज होने के बावजूद आरोपी अभी तक फरार है, जिससे आदिवासी समाज में आक्रोश बढ़ता जा रहा है।
अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज
आखिरकार आज सैकड़ों ग्रामीणों और बिरसा ब्रिगेड के कार्यकर्ताओं के हस्ताक्षर के साथ सहायक पुलिस अधीक्षक तथा उपविभागीय पुलिस अधिकारी, पुसद को ज्ञापन सौंपा गया। इस मौके पर जिलाध्यक्ष मारोती भस्मे ने पुलिस की शुरुआत टालमटोल वाली भूमिका की कड़ी निंदा करते हुए चेतावनी दी कि आरोपी को तुरंत गिरफ्तार नहीं किया गया तो व्यापक आंदोलन किया जाएगा। पुलिस से तत्काल कार्रवाई कर कानून और व्यवस्था बनाए रखने की आम लोगों ने मांग की है। अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया।
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42 आंदोलनकारियों पर FIR
जैसे ही प्रशासन ने प्रतिमा हटाने का कार्य शुरू किया, बड़ी संख्या में शिवप्रेमी मौके पर इकट्ठा हो गए और विरोध करने लगे। पुलिस ने उन्हें हटाने का प्रयास किया, लेकिन शिवप्रेमियों ने वणी-यवतमाल रोड पर बैठकर रास्ता जाम कर दिया, जिससे कुछ समय के लिए स्थिति तनावपूर्ण हो गई, विधायक संजय देरकर ने शिवाप्रेमियों और प्रशासन के बीच बातचीत कर आंदोलन को शांत कराया। इस मामले में सीसीटीवी फुटेज के आधार पर चार लोगों के खिलाफ अनधिकृत प्रतिमा स्थापित करने का मामला दर्ज किया गया है। साथ ही 7-8 अन्य लोगों की पहचान की जा रही है। वहीं सड़क पर उतरकर शासकीय कार्य में बाधा डालने के आरोप में 42 आंदोलनकारियों पर भी विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है।
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7-8 अन्य लोगों की पहचान की जा रही
साथ ही 7-8 अन्य लोगों की पहचान की जा रही है। वहीं सड़क पर उतरकर शासकीय कार्य में बाधा डालने के आरोप में 42 आंदोलनकारियों पर भी विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है।में आ गया। वणी और पांढरकवडा उपविभाग के सभी थाना प्रभारी, पुलिस बल, दोनों उपविभागीय अधिकारी, यवतमाल का त्वरित प्रतिसाद पथक, दंगा नियंत्रण पथक तथा पुलिस मुख्यालय का बल शहर में पहुंच गया। घटनास्थल पुलिस छावनी में तब्दील हो गया। इस संबंध में
जल्द स्थापित होगी अधिकृत प्रतिमा
विधायक संजय देरकर ने कहा कि शिवप्रेमियों से मुलाकात कर आश्वासन दिया कि जल्द ही अधिकृत स्थान तय करत स्थापित की जाएगी। उन्होंने कहा महाराज की प्रतिमा कि इस मामले को पुलिस प्रशासन से चर्चा कर सुलझाने का प्रयास जारी है, सार्वजनिक बांधकाम विभाग के अभियंता अक्षय सुनील कुरहाड़े ने अनधिकृत रूप से सड़क पर प्रतिमा स्थापित किए जाने की शिकायत पुलिस में दर्ज कराई, जिला प्रशासन के निर्देश पर पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए प्रतिमा हटाकर नगर पंचायत प्रशासन के सुपुर्द कर दी।
