शिवशाही पुनर्वसन परियोजना को नई ताकत, बालासाहेब ठाकरे की जन्मशताब्दी पर डीसीएम शिंदे की बड़ी घोषणा
Eknath Shinde: एकनाथ शिंदे ने बाल ठाकरे की जन्मशताब्दी वर्ष पर शिवशाही पुनर्वसन परियोजना को मजबूत करने, निजी भागीदारी बढ़ाने और झोपड़पट्टी मुक्त महाराष्ट्र के लक्ष्य को गति देने की बड़ी घोषणा की।
- Written By: आंचल लोखंडे
Eknath Shinde (सोर्सः सोशल मीडिया)
Shivshahi Rehabilitation Project Maharashtra: शिवसेना प्रमुख बालासाहेब ठाकरे के जन्म शताब्दी वर्ष के अवसर पर राज्य सरकार ने ‘शिवशाही पुनर्वसन’ परियोजना को सशक्त बनाने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया है।
उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने घोषणा की है कि जिस उद्देश्य के साथ बालासाहेब ने इस परियोजना की नींव रखी थी, उसे आगे बढ़ाते हुए महाराष्ट्र को झोपड़पट्टी मुक्त बनाया जाएगा। नंदनवन बंगले पर आयोजित शिवशाही पुनर्वसन परियोजना के निदेशक मंडल की बैठक में उन्होंने स्पष्ट किया कि पारदर्शिता और गति सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
निजी भागीदारी आएगी तेजी
परियोजनाओं के कार्यान्वयन में तेजी लाने के लिए अब निजी डेवलपर्स और शिवशाही पुनर्वसन परियोजना के बीच ‘विशेष संयुक्त उद्यम’ (एसपीवी) बनाने को मंजूरी दी गई है। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि निजी क्षेत्र के कौशल और सरकारी तंत्र के समन्वय से रुके हुए प्रोजेक्ट्स जल्द पूरे होंगे। उन्होंने निर्देश दिए कि एमएमआरडीए, एसआरए, म्हाडा और सिडको जैसी सरकारी संस्थाओं के माध्यम से अटकी हुई योजनाओं को गति दी जाए। शिवशाही एक सरकारी कंपनी होने के नाते तकनीकी बाधाओं को दूर करना और एफएसआई (एफएसआई) का लाभ लेना अब अधिक सुलभ होगा।
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रोजगार और महिला सशक्तिकरण पर विशेष ध्यान
सरकार का लक्ष्य केवल घर देना ही नहीं, बल्कि झुग्गी-झोपड़ी में रहने वाले लोगों के हाथों को काम देना भी है। इसके तहत पुनर्वसन क्षेत्रों में ‘एमएसएमई पार्क’ स्थापित किए जाएंगे। विशेष रूप से, राज्य की महत्वाकांक्षी ‘लाडली बहना’ योजना की तर्ज पर महिलाओं के लिए ‘लघु उद्योग परियोजनाएं’ शुरू करने का निर्णय लिया गया है। इससे पुनर्वसित क्षेत्रों की महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिलेगा।
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बकाया किराया वसूली और मरम्मत के लिए निधि
बैठक में शिवड़ी स्थित राहुल नगर की इमारत संख्या 2 की मरम्मत के लिए 4 करोड़ रुपए की निधि को मंजूरी दी गई। इसके साथ ही, 9 निजी डेवलपर्स पर बकाया 143।44 करोड़ रुपये के किराए की वसूली को आसान बनाने के लिए बड़ी राहत दी गई है। वार्षिक किराया वृद्धि को 10% से घटाकर 5% और विलंब शुल्क को 16% से घटाकर 8% कर दिया गया है।
उपमुख्यमंत्री ने परियोजना को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए एसआरए (एसआरए) की तर्ज पर नए मैनपावर ढांचे का खाका तैयार करने के निर्देश भी अधिकारियों को दिए हैं।
