उद्धव ठाकरे (pic credit; social media)
Shiv Sena election symbol controversy: महाराष्ट्र की राजनीति में शिवसेना का आंतरिक संघर्ष एक बार फिर चर्चा के केंद्र में आ गया है। पार्टी के नाम और चुनाव चिन्ह ‘धनुष-बाण’ पर जारी विवाद का फैसला अब अक्टूबर में सुप्रीम कोर्ट द्वारा सुनाया जाना है। पिछले साढ़े तीन साल से चली आ रही इस कानूनी लड़ाई के अंतिम चरण में पहुंचते ही दोनों गुटों के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं।
इसी पृष्ठभूमि में, मुंबई में चल रहे गणेशोत्सव के दौरान लगाया गया एक बैनर लोगों का ध्यान खींच रहा है। शिवसेना (यूबीटी) के पदाधिकारी महेश जाधव द्वारा लगाए गए इस पोस्टर में दावा किया गया है कि सुप्रीम कोर्ट का फैसला उद्धव ठाकरे के पक्ष में ही आएगा। पोस्टर पर बड़े अक्षरों में लिखा है – “महाराष्ट्र में जल्द होगा आनंदोत्सव”।
इसके अलावा बैनर पर यह भी संदेश लिखा गया है – “हां… मैं शिवसैनिक बोल रहा हूं”, साथ ही यह दावा किया गया है कि महाराष्ट्र की राजनीति में अब एक बड़ा यू-टर्न आने वाला है। पोस्टर में खास तौर से ‘लालबागचा राजा’ का उल्लेख कर इसे श्रद्धा और विश्वास से भी जोड़ा गया है।
इस पोस्टर ने राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है। शिंदे गुट के नेताओं का कहना है कि अदालत का फैसला आने से पहले ऐसे दावे करना जनता को गुमराह करने जैसा है। वहीं उद्धव गुट इसे कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाने और जनता को संदेश देने का जरिया बता रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे बैनर चुनावी रणनीति का हिस्सा हैं। इससे समर्थकों के बीच विश्वास कायम रखने और माहौल बनाने की कोशिश की जा रही है। हालांकि, असली तस्वीर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद ही साफ होगी।
इस पूरे घटनाक्रम से साफ है कि आने वाला अक्टूबर महीना महाराष्ट्र की राजनीति के लिए बेहद अहम साबित होगा।