सिडको की हेटावने जलापूर्ति योजना से बदलेगी नैना की तस्वीर, रिकॉर्ड समय में हुआ वॉटर टनल का निर्माण
Maharashtra News: सिडको की महत्वाकांक्षी जल आपूर्ति परियोजना में पहले चरण का काम प्रगति पर है। पैकेज-1 में कुल 8.7 किलोमीटर लंबी सुरंग में से अब तक 3.4 किलोमीटर सुरंग निर्माण का काम पूरा हो चुका है।
- Written By: मनोज आर्या
रिकॉर्ड समय में वॉटर टनल का निर्माण
Maharashtra News: तीसरी मुंबई के रूप में तेजी से विकसित हो रहे रायगढ़ के पनवेल, उरण एवं नैना इलाके के लोगों की पेयजल जरूरतों को पूरा करने के लिए सिडको के माध्यम से हेटावने जलापूर्ति परियोजना तेजी से आकार ले रही है। हेटावने जलापूर्ति योजना के तहत बन रहे वाटर टनेल का काम रिकॉर्ड समय में किया जा रहा है। बताया गया कि इस जल सुरंग को बना रही एफकॉन्स लिमिटेड ने एक माह में 777 मीटर सुरंग का निर्माण कर राष्ट्रीय रिकॉर्ड स्थापित किया है।
हेटावने जल आपूर्ति योजना के पैकेज 1 के तहत 8.7 किलोमीटर लंबी जल सुरंग का निर्माण किया जा रहा है। एफकॉन्स इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड ने 3.2 मीटर व्यास वाली सुरंग में टनल बोरिंग मशीन (टीबीएम) ‘फ्लेमिंगो’ का उपयोग करके एक ही महीने में 777 मीटर सुरंग का निर्माण कर नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाया।
3.4 किलोमीटर सुरंग का हो चुका है निर्माण
सिडको की महत्वाकांक्षी जल आपूर्ति परियोजना में पहले चरण का काम प्रगति पर है। पैकेज-1 में कुल 8.7 किलोमीटर लंबी सुरंग में से, एफकॉन्स ने अब तक 3.4 किलोमीटर सुरंग निर्माण का काम पूरा कर लिया है। इसके पहले एफकॉन्स ने ही मुंबई के अमर महल 2 टनेल प्रोजेक्ट के तहत जुलाई 2024 में एक माह में 653 मीटर की टनलिंग कर राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाया था। उसके बाद पिछले मई में 714 मीटर की टनलिंग का नया रिकॉर्ड भी एफकॉन्स इंफ्रास्ट्रक्चर ने बनाया।
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एफकॉन्स के अर्बन इंफ्रास्ट्रक्चर के डायरेक्टर आर अनंत कुमार ने कहा कि यह राष्ट्रीय सुरंग निर्माण उद्योग में एक नया मानक स्थापित हो गया है। यह रिकॉर्ड चुनौतीपूर्ण बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को गति और सटीकता के साथ पूरा करने की टीम की क्षमता को दर्शाता है। हम इस गति को बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं और आने वाले महीनों में और भी बेहतर प्रदर्शन करने का लक्ष्य हैं।
कठिन चुनौतियों के बावजूद भी हासिल किया रिकॉर्ड
एफकॉन्स की टीम को यह रिकॉर्ड हासिल करने के लिए चुनौतीपूर्ण इंजीनियरिंग और कठिन लॉजिस्टिक का सामना करना पड़ा। जल सुरंग निर्माण कार्य में जटिल भूवैज्ञानिक संरचनाओं का सामना करना पड़ता है, जिसमें सह्याद्रि क्षेत्र में एमिग्डालॉइडल बेसाल्ट भी शामिल है। यहां संकरा व दुर्गम इलाका होने की वजह से भी हैवी मशीनरी को पहुंचाने में समय लगता है। सामग्री का परिवहन 4 किलोमीटर के कठिन रास्ते से होकर गुजरना पड़ा। एफकॉन्स के निदेशक आर अनंतकुमार के अनुसार सिडको के मार्गदर्शन में हेटावने जल संवर्धन परियोजना को समय से पूरा करने का लक्ष्य है।
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2029 तक परियोजना पूरी होने की संभावना
नवी मुंबई के आसपास पनवेल, उरण एवं एयरपोर्ट के आसपास स्थायी जल प्रबंधन के लिए सिडको की यह प्रमुख पहलों में से एक है। वैसे इस पूरी परियोजना के 2029 तक कार्यान्वित होने की संभावना है। इसका उद्देश्य सिडको क्षेत्रों के साथ पनवेल मनपा क्षेत्र के लिए दीर्घकालिक जलापूर्ति सुनिश्चित करना है।
मुंबई से सूर्यप्रकाश मिश्र की रिपोर्ट-
