Mumbai: शिवाजी पार्क में सौंदर्यीकरण से पहले नागरिकों का मौन आंदोलन, लाल मिट्टी से प्रदूषण पर नाराजगी

Maharashtra News: मुंबई के ऐतिहासिक शिवाजी पार्क में सौंदर्यीकरण कार्य से पहले स्थानीय नागरिकों ने मौन आंदोलन किया। लाल मिट्टी से उड़ने वाली धूल के कारण बढ़ते प्रदूषण को लेकर नाराजगी जताई गई।
Shivaji Park
शिवाजी पार्क (सौ. सोशल मीडिया )
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Mumbai News In Hindi: मुंबई की ऐतिहासिक पहचान माने जाने वाले दादर स्थित शिवाजी पार्क परिसर में अगले सप्ताह से प्रस्तावित सौंदर्यीकरण और रोशनी कार्य शुरू होने से पहले स्थानीय निवासियों ने रविवार को मौन आंदोलन कर अपनी नाराजगी जाहिर की।

नागरिकों ने पार्क में फैली अतिरिक्त लाल मिट्टी को हटाने की मांग की है, जिससे उड़ने वाली धूल के कारण गंभीर प्रदूषण फैल रहा है। करीब 28 एकड़ में फैला शिवाजी पार्क न केवल क्रिकेट के महान खिलाड़ियों-जैसे सचिन तेंदुलकर की कर्मभूमि रहा है, बल्कि कई ऐतिहासिक राजनीतिक आंदोलनों का भी केंद्र रहा है।

लेकिन बीते कुछ वर्षों से यहां रहने वाले नागरिक लाल मिट्टी से होने वाले धूल प्रदूषण से परेशान हैं। स्थानीय निवासियों के अनुसार, वर्ष 2021 में बीएमसी द्वारा सौंदर्यीकरण योजना के तहत मैदान में बड़ी मात्रा में लाल मिट्टी डाली गई थी। यह मिट्टी हवा के साथ उड़कर आसपास के रिहायशी इलाकों में फैल जाती है, जिससे सांस संबंधी बीमारियों में बढ़ोतरी देखी जा रही है, खासकर बुजुर्गों और बच्चों में।

स्थानीय नागरिकों ने जाहिर की नाराजगी

  • समस्या के समाधान के लिए बीएमसी ने कुछ महीने पहले आईआईटी बॉम्बे को मिट्टी की जांच का जिम्मा सौंपा था और घास लगाने की योजना भी बनाई गई थी। हालांकि अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से नाराज होकर शिवाजी महाराज पार्क रेजिडेंट्स एएलएम के सदस्यों सहित करीब 60 नागरिकों ने मौन प्रदर्शन किया और शिकायत पत्र पर हस्ताक्षर किए।
  • यह पत्र आगामी सप्ताह में मनपा आयुक्त भूषण गगराणी को सौंपा जाएगा। वहीं, जी नॉर्थ वार्ड के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि आईआईटी बॉम्बे द्वारा मिट्टी की जांच अभी जारी है और रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
  • इधर, नवंबर 2025 में आमंत्रित निविदा के तहत 2।25 करोड़ रुपये की लागत से शिवाजी पार्क के चारों ओर सौंदर्यीकरण और प्रकाश व्यवस्था का कार्य अगले सप्ताह शुरू होने की संभावना है।