उद्धव ठाकरे ने बुलाई विधायकों की बैठक, 3 विधायक अनुपस्थित, ऑपरेशन टाइगर के अगले चरण की सुगबुगाहट
Shiv Sena UBT Crisis Uddhav Thackeray MLAs Absent: 6 सांसदों की बगावत के बाद उद्धव ठाकरे को एक और बड़ा झटका; विधायकों की आपात बैठक से 3 विधायक गायब।
- Written By: अनिल सिंह
उद्धव ठाकरे और UBT विधायकों की बैठक में 3 विधायक गैरहाजिर (फोटो क्रेडिट-X)
Three MLAs Absent Uddhav Thackeray Meeting: महाराष्ट्र की राजनीति में शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) को लेकर मचे घमासान के बीच एक और बेहद चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है। संसद के बाद अब उद्धव ठाकरे के विधायी दल में भी बड़ी दरार पड़ने के स्पष्ट संकेत मिलने लगे हैं। 6 लोकसभा सांसदों की खुली बगावत के बाद आज (सोमवार, 22 जून 2026) शिवसेना (UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने स्थिति को संभालने के लिए अपने सभी विधायकों की एक बेहद महत्वपूर्ण आपातकालीन बैठक बुलाई थी। लेकिन, इस बैठक की शुरुआत होते ही मातोश्री खेमे के होश उड़ गए, क्योंकि पार्टी के तीन प्रमुख विधायक इस बैठक से नदारद पाए गए हैं।
इन तीन विधायकों की अनुपस्थिति के बाद राजनीतिक गलियारों में यह सुगबुगाहट तेज हो गई है कि उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के ‘ऑपरेशन टाइगर‘ का अगला चरण अब विधायकों को टारगेट करने के लिए शुरू हो चुका है।
बैठक से गायब हुए 3 प्रमुख विधायक
सूत्रों से मिली पुख्ता जानकारी के अनुसार, उद्धव ठाकरे की अध्यक्षता में शुरू हुई इस बैठक में विधायक संजय पोटनिस, विधायक संजय दारेकर और विधायक राहुल पाटिल उपस्थित नहीं हुए हैं। इन तीनों विधायकों के अचानक फोन बंद होने और बैठक से दूरी बनाने के कारण ठाकरे गुट के भीतर हड़कंप मच गया है। इससे पहले जब उद्धव ने सांसदों की बैठक बुलाई थी, तब भी 9 में से केवल 4 सांसद ही पहुंचे थे और उसके ठीक बाद 6 सांसदों ने बगावत कर दी थी। इसी पुराने पैटर्न को देखते हुए अब विधायकों के भी पाला बदलने का डर सताने लगा है, जिसके मद्देनजर बैठक स्थल और मातोश्री के बाहर पुलिस सुरक्षा को चाक-चौबंद कर दिया गया है।
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शिंदे आवास पर 2 घंटे से महामंथन
दूसरी तरफ, मुंबई में उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के आधिकारिक आवास पर सियासी हलचल अपनी चरम सीमा पर पहुंच गई है। शिवसेना (यूबीटी) से नाता तोड़कर आए सभी 6 बागी सांसद एकनाथ शिंदे के बंगले पर मौजूद हैं, जहां पिछले दो घंटों से बंद कमरे में महामंथन चल रहा है। राजनीतिक सूत्रों का दावा है कि इस ‘ऑपरेशन टाइगर’ को सफल बनाने के बदले इनाम के तौर पर सांसद संजय जाधव और धराशिव के सांसद ओमराजे निंबालकर को केंद्र या राज्य स्तर पर बड़ा मंत्री पद सौंपे जाने की पूरी संभावना बन रही है। इस बैठक के बाद ये सभी सांसद आधिकारिक रूप से शिंदे की शिवसेना का दामन थाम लेंगे।
बैकफुट पर आए उद्धव ठाकरे का बड़ा फैसला
सांसदों के बाद अब विधायकों के भी हाथ से निकलने की आशंका के बीच उद्धव ठाकरे ने संगठन को बिखरने से बचाने के लिए एक बड़ा और आक्रामक फैसला लिया है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, उद्धव ठाकरे अब मुंबई में बैठने के बजाय सीधे जमीन पर उतरेंगे। वे आने वाले कुछ ही दिनों में उन सभी लोकसभा और विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों का धुआंधार दौरा करेंगे, जहां के जनप्रतिनिधियों ने उनके साथ विश्वासघात किया है। उद्धव इन क्षेत्रों में जाकर सीधे जनता की अदालत में अपनी बात रखेंगे और बागियों के खिलाफ माहौल तैयार करेंगे। हालांकि, वर्तमान परिस्थितियों को देखकर साफ है कि महायुति की इस व्यूहरचना ने उद्धव सेना को पूरी तरह बैकफुट पर ला दिया है।
