भांडुप रैली में गरजे उद्धव ठाकरे, बागी सांसदों को बताया विश्वासघाती, अमित शाह पर भी साधा निशाना

Uddhav Thackeray Attacks BJP: भांडुप में आयोजित रैली में उद्धव ठाकरे ने बागी नेताओं और बीजेपी पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि शिवसेना को तोड़ने की कोशिश की गई और जनता से गलती पर माफी भी मांगी।
Uddhav Thackeray Attacks BJP
भांडुप में बीजेपी पर बरसे उद्धव ठाकरे (सौ. सोशल मीडिया )
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Uddhav Thackeray Attacks BJP News: मुंबई के भांडुप में बागी सांसद संजय दिना पाटिल के गढ़ में आयोजित रैली को संबोधित करते हुए शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने बागी नेताओं और बीजेपी पर तीखा हमला बोला।

उन्होंने रैली में जुटी भीड़ की ओर इशारा करते हुए कहा, 'मेरे सामने सिर्फ शिवसैनिक नहीं, बल्कि जलती हुई मशालें खड़ी हैं।' उद्धव ठाकरे ने कहा, 'मैं गद्दारों और उनके आकाओं का धन्यवाद करता हूं कि उन्होंने इन मशालों को फिर से जला दिया।

मतदाताओं से मांगी माफी

मैंने पार्टी स्थापना दिवस पर जो वादा किया था, अब उस पर अमल शुरू कर दिया है। जहां-जहां विश्वासघात हुआ है, वहां-वहां मैं खुद जाकर मतदाताओं से माफी मांग रहा हूं।' उन्होंने कहा कि जनता ने पाला बदलने वाले सांसदों को शिवसेना और मशाल चुनाव चिह्न देखकर चुना था। उन्हें उम्मीदवार बनाना हमारी गलती थी और उसके लिए मैं आप सबसे माफी मांगता हूं। शिवसेना को कई बार तोड़ने और कमजोर करने की कोशिश की गई।

शिवसेना को खत्म करने की साजिश रची

उद्धव ठाकरे ने आरोप लगाया कि बीजेपी ने हमेशा शिवसेना को खत्म करने की साजिश रची, जबकि कांग्रेस ने कभी ऐसा प्रयास नहीं किया। उन्होंने कहा, 'हमने 30 साल तक कांग्रेस से लड़ाई लड़ी, लेकिन उसने कभी हमारे नेताओं को चुराने या शिवसेना को उस तरह खत्म करने की कोशिश नहीं की, जैसा बीजेपी ने किया।

जब बीजेपी को सड़क पर कोई पूछता तक नहीं था, तब हमने उसका हाथ पकड़कर उसे बड़ा किया। उस समय उनके पास पूरे देश में सिर्फ दो सासद थे। बीजेपी के पास अपना कुछ नहीं है। यह दूसरों के बच्चों को चुराकर बड़ी हुई पार्टी है।' जो लोग लड़ना चाहते हैं, वे खुले मैदान में आकर लड़े।

उन्होंने बिना नाम लिए केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह पर निशाना साधते हुए कहा, 'कल एक बाहरी व्यक्ति कोल्हापुर आए थे। मैं उन्हें बताना बाहता हूं कि शिवसेना एक ही है और वह मेरी, हमारी और बालासाहेब की है, बीजेपी में कोई भी नेता बन सकता है। लेकिन बाहरी लोग यह तय नहीं कर सकते कि शिवसेना का नेतृत्व कौन करेगा।

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